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Faridabad News: मरीजों के द्वार पहुंचेगा अस्पताल, दो मेडिकल मोबाइल यूनिट बनकर तैयार
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ईएसआईसी के बीमित मरीजों को जरूरी जांच व प्राथमिक उपचार के साथ मिलेगी कई अन्य सुविधाएं, आपातकाल स्थिति में बचाई जा सकेगी मरीज की जान
हेमलता रावत
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ओर से हॉस्पिटल ऑन व्हील सेवा जल्द शुरू होने वाली है। इस सेवा को शुरू करने के लिए दो मेडिकल मोबाइल यूनिट बनकर तैयार हो गई हैं। जिससे दूर दराज रहने वाले जरूरतमंद बीमित व्यक्ति को घर बैठे आसानी से उपचार मिल सकेगा। गुरुग्राम की एक कंपनी द्वारा दो बसें दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। अब बसों की आरसी के लिए अप्लाई कर दिया गया है जोकि एक महीने के अंदर आ जाएगी जिसके बाद इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में हर रोज करीब 3000 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। उसके बावजूद दूर दराज रहने की वजह से कुछ बीमित व्यक्ति उपचार लेने के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। उन मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी ओर से हॉस्पिटल ऑन व्हील सेवा शुरू की जा रहा है। जिसका मकसद उन मरीजों तक पहुंचना है जो अस्पताल तक आने में सक्षम नहीं हैं।
बीमार होने के बावजूद अस्पताल नहीं आ पाते कई लोग
मेडिकल मोबाइल यूनिट का मकसद लोगों को बेहतर सुविधा देना है। इस सेवा का लाभ कंपनी में काम करने वाले व स्लम बस्तियों में रहने वाले उन लोगों को होगा जो अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि जहां से भी डिमांड मिलेगी वहां पर इन मेडिकल मोबाइल यूनिट को भेजा जाएगा। आने वाले समय में इलाके के अनुसार दिन भी तय किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि कई बार कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी बीमार होने के बावजूद दूर होने के चलते अस्पताल नहीं आ पाते हैं। उनको बेहतर सेवा देने के लिए मेडिकल मोबाइल यूनिट की मदद ली जाएगी। जिसमें कर्मचारी का पूरा चेकअप होगा। वहीं बीमारी की दवा भी दी जाएगी।
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मिनटों में मिलेगी दुर्लभ जांचों की रिपोर्ट
मेडिकल मोबाइल यूनिट में डॉक्टर का कमरा बनाया जाएगा। इसके अलावा दवा का काउंटर होगा। वहीं खून की जांच, एक्स रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी होगी। जिसका बीमित व्यक्ति को फायदा मिलेगा, इसके अलावा आईसीयू उपकरण, इन्फ्यूजन पंप, सिरिंज ड्राइवर, और ऑक्सीजन सिलिंडर जैसे उपकरण होंगे। इसके अलावा अगर कोई रक्तदान करना चाहता है तो वह भी कर सकता है।
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आपातकाल में लोगों की जान बचाने में मील का पत्थर साबित होगी मेडिकल मोबाइल यूनिट
मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मेडिकल मोबाइल यूनिट लोगों की सेवा करने के साथ आपातकाल की स्थिति में काफी ज्यादा काम आएगी। आपातकाल की स्थिति में एंबुलेंस की मदद से मरीज को अस्पताल पहुंचने में काफी समय लगता है। इसके साथ ही एक एंबुलेंस में दो मरीज आ सकते हैं लेकिन मेडिकल मोबाइल यूनिट कम गंभीर घायल लोगों का इलाज मौके पर ही कर देगी वहीं टेस्ट करके गंभीर चोट या बीमारी की जांच भी हाथों हाथ कर देगी इससे आपातकाल की स्थिति में काफी मदद मिल सकती है।
मेडिकल मोबाइल यूनिट की इन बसों को गुरुग्राम की कंपनी की ओर से दो करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह सेवा एक महीने के अंदर शुरू हो जाएगी। इसका फायदा सबसे ज्यादा कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। - डॉ. ए के पांडे, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल
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हेमलता रावत
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ओर से हॉस्पिटल ऑन व्हील सेवा जल्द शुरू होने वाली है। इस सेवा को शुरू करने के लिए दो मेडिकल मोबाइल यूनिट बनकर तैयार हो गई हैं। जिससे दूर दराज रहने वाले जरूरतमंद बीमित व्यक्ति को घर बैठे आसानी से उपचार मिल सकेगा। गुरुग्राम की एक कंपनी द्वारा दो बसें दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। अब बसों की आरसी के लिए अप्लाई कर दिया गया है जोकि एक महीने के अंदर आ जाएगी जिसके बाद इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में हर रोज करीब 3000 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। उसके बावजूद दूर दराज रहने की वजह से कुछ बीमित व्यक्ति उपचार लेने के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। उन मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी ओर से हॉस्पिटल ऑन व्हील सेवा शुरू की जा रहा है। जिसका मकसद उन मरीजों तक पहुंचना है जो अस्पताल तक आने में सक्षम नहीं हैं।
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बीमार होने के बावजूद अस्पताल नहीं आ पाते कई लोग
मेडिकल मोबाइल यूनिट का मकसद लोगों को बेहतर सुविधा देना है। इस सेवा का लाभ कंपनी में काम करने वाले व स्लम बस्तियों में रहने वाले उन लोगों को होगा जो अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि जहां से भी डिमांड मिलेगी वहां पर इन मेडिकल मोबाइल यूनिट को भेजा जाएगा। आने वाले समय में इलाके के अनुसार दिन भी तय किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि कई बार कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी बीमार होने के बावजूद दूर होने के चलते अस्पताल नहीं आ पाते हैं। उनको बेहतर सेवा देने के लिए मेडिकल मोबाइल यूनिट की मदद ली जाएगी। जिसमें कर्मचारी का पूरा चेकअप होगा। वहीं बीमारी की दवा भी दी जाएगी।
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मिनटों में मिलेगी दुर्लभ जांचों की रिपोर्ट
मेडिकल मोबाइल यूनिट में डॉक्टर का कमरा बनाया जाएगा। इसके अलावा दवा का काउंटर होगा। वहीं खून की जांच, एक्स रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी होगी। जिसका बीमित व्यक्ति को फायदा मिलेगा, इसके अलावा आईसीयू उपकरण, इन्फ्यूजन पंप, सिरिंज ड्राइवर, और ऑक्सीजन सिलिंडर जैसे उपकरण होंगे। इसके अलावा अगर कोई रक्तदान करना चाहता है तो वह भी कर सकता है।
आपातकाल में लोगों की जान बचाने में मील का पत्थर साबित होगी मेडिकल मोबाइल यूनिट
मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मेडिकल मोबाइल यूनिट लोगों की सेवा करने के साथ आपातकाल की स्थिति में काफी ज्यादा काम आएगी। आपातकाल की स्थिति में एंबुलेंस की मदद से मरीज को अस्पताल पहुंचने में काफी समय लगता है। इसके साथ ही एक एंबुलेंस में दो मरीज आ सकते हैं लेकिन मेडिकल मोबाइल यूनिट कम गंभीर घायल लोगों का इलाज मौके पर ही कर देगी वहीं टेस्ट करके गंभीर चोट या बीमारी की जांच भी हाथों हाथ कर देगी इससे आपातकाल की स्थिति में काफी मदद मिल सकती है।
मेडिकल मोबाइल यूनिट की इन बसों को गुरुग्राम की कंपनी की ओर से दो करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह सेवा एक महीने के अंदर शुरू हो जाएगी। इसका फायदा सबसे ज्यादा कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। - डॉ. ए के पांडे, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल