फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   The girl was held hostage and made to do household work, Child Line freed her.

Faridabad News: किशोरी को बंधक बनाकर करा रहे थे घरेलू कार्य, चाइल्ड लाइन ने मुक्त कराया

Thu, 07 Dec 2023 11:50 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 07 Dec 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
The girl was held hostage and made to do household work, Child Line freed her.
विज्ञापन

बिटिया को इंसाफ
- मोबाइल मकान मालकिन ने छीन लिया था, नहीं करने देते थे मां और पिता से बातचीत
- एजेंट के खाते में जाते थे वेतन के पैसे, बंधक बनाने वाले बिल्डर परिवार के खिलाफ केस
संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने सेक्टर-17 में एक बिल्डर के घर बंधक नाबालिग (14) को मुक्त कराया है। आरोप है कि मकान मालिक अनिल किशोरी से जबरन घरेलू कार्य करा रहे थे। मकान मालकिन सुषमा ने बच्ची का मोबाइल छीनकर अपने पास रख लिया था। बच्ची को कुछ दिन पहले घर के बाहर रोते देख किसी ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सूचना दीए उसके बाद यह कार्रवाई हुई। पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मकान मालिक के बच्चे अमेरिका की बड़ी कंपनी में नौकरी करते हैं।
विज्ञापन

राजधानी से सटी स्मार्ट सिटी में विकास के नाम पर भले ही गगनचुंबी इमारतें बन गई हों, लेकिन यहां के कई निवासियों की संवेदना शून्य होती हो चुकी हैं। मूल रूप से पश्चिम बंगाल के जिला मिदनापुर निवासी 14 साल की मासूम ने काउंसिलिंग के दौरान बताया करीब सात महीने पहले वह गांव से दिल्ली आई थी। एक महिला एजेंट उसे सेक्टर-17 स्थित आरोपी बिल्डर के घर छोड़ गई। महिला ने कहा था कि यहां घर में आराम से रहना है इसके बदले उसके परिवार को पैसे भी मिलेंगे। बच्ची का कहना है उससे घर का सारा काम करवाया जाता है। वह अपने माता पिता से मोबाइल पर बात करती थी। इससे नाराज होकर आरोपी मकान मालिक अनिल की पत्नी सुषमा ने दिवाली से पहले उसका मोबाइल छीनकर अपने पास रख लिया, ताकि वह काम में ही पूरा ध्यान लगा सके। मालकिन करीब डेढ़ माह पहले अमेरिका चली गई और बच्ची का फोन वापस नहीं देकर गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
डीसीपी क्राइम को दी गई जानकारी
मासूम को न्याय दिलाने के लिए किसी ने गुप्त रूप से मामले की सूचना राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दे दी थी। वहां से मामला डीसीपी क्राइम के संज्ञान में आया और मिशन मुक्ति फाउंडेशन को साथ लेकर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने घर पर रेड कर दी। चाइल्ड हेल्पलाइन से आए प्रदीप कुमार ने बताया बच्ची शुरुआत में काफी डरी हुई थी। मिशन मुक्ति फाउंडेशन से आई चंदा ने बच्ची से बात की और परिवार के बारे में पूछा। बच्ची को केवल मां बाप और गांव का नाम पता है। फिलहाल उसके पास किसी का नंबर नहीं है। करीब दो माह से उसकी परिवार के किसी सदस्य से कोई बात नहीं हुई है।

---
बच्ची को जमीन पर सुलाता था परिवार
चाइल्ड लाइन से बच्ची ने बताया कि लग्जरी घर होने के बावजूद उसे जमीन पर सुलाया जाता था। उसे घर में सोफे, कुर्सी या बेड पर भी बैठने की इजाजत नहीं थी।
---
प्लेसमेंट एजेंसी की तलाश में जुटी पुलिस
सेक्टर-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया बच्ची के परिवार के बारे में पता लगाया जा रहा है। खाते के माध्यम से पैसे लेने वाली महिला एजेंट की भी तलाश की जा रही है। एक टीम दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसी के बारे में पता लगा रही है, जो नाबालिगों को काम पर लगाने का काम कर रही है। एजेंसी का पता लगने पर और भी मामलों को खुलासा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed