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Faridabad News: अध्यापकों को नहीं बनाया जाएगा मिड-डे मील इंचार्ज
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विद्यालयों में केवल प्रधानाध्यापक ही उठाएगा जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील इंचार्ज की नियुक्ति को लेकर नया आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब किसी भी अध्यापक को यह जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। यह कार्य केवल विद्यालय के प्रधानाध्यापक ही करेंगे।
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कई विद्यालयों में बार-बार अध्यापकों को मिड-डे मील इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी जा रही थी, जिससे अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा था। विभाग ने इस पर रोक लगाते हुए कहा है कि शिक्षकों का मुख्य कार्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, इसलिए उन्हें अतिरिक्त दायित्वों में न उलझाया जाए।
विशेष तौर पर यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी दिव्यांग अध्यापक को इस कार्य के लिए न नियुक्त किया जाए। विभाग का मानना है कि दिव्यांग शिक्षकों को मिड-डे मील जैसे प्रशासनिक दायित्व देने से न केवल उनकी कठिनाई बढ़ती है, बल्कि यह उनके अधिकारों और संवेदनशीलता के साथ भी जुड़ा मामला है।
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पत्र में सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में दिव्यांग अध्यापक या अन्य अध्यापक को मिड-डे मील इंचार्ज का कार्यभार न सौंपा जाए।
आदेश के लागू होने से अब जिले के सभी विद्यालयों में मिड-डे मील प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारी केवल प्रधानाध्यापक की देखरेख में होगी। शिक्षा विभाग का यह कदम अध्यापकों को पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वर्जन--
जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर इन आदेशों की निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी विद्यालय में नियमों का उल्लंघन न हो। साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील समय पर उपलब्ध हो सके। -अशोक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील इंचार्ज की नियुक्ति को लेकर नया आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब किसी भी अध्यापक को यह जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। यह कार्य केवल विद्यालय के प्रधानाध्यापक ही करेंगे।
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कई विद्यालयों में बार-बार अध्यापकों को मिड-डे मील इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी जा रही थी, जिससे अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा था। विभाग ने इस पर रोक लगाते हुए कहा है कि शिक्षकों का मुख्य कार्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, इसलिए उन्हें अतिरिक्त दायित्वों में न उलझाया जाए।
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विशेष तौर पर यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी दिव्यांग अध्यापक को इस कार्य के लिए न नियुक्त किया जाए। विभाग का मानना है कि दिव्यांग शिक्षकों को मिड-डे मील जैसे प्रशासनिक दायित्व देने से न केवल उनकी कठिनाई बढ़ती है, बल्कि यह उनके अधिकारों और संवेदनशीलता के साथ भी जुड़ा मामला है।
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पत्र में सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी परिस्थिति में दिव्यांग अध्यापक या अन्य अध्यापक को मिड-डे मील इंचार्ज का कार्यभार न सौंपा जाए।
आदेश के लागू होने से अब जिले के सभी विद्यालयों में मिड-डे मील प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारी केवल प्रधानाध्यापक की देखरेख में होगी। शिक्षा विभाग का यह कदम अध्यापकों को पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वर्जन
जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर इन आदेशों की निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी विद्यालय में नियमों का उल्लंघन न हो। साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील समय पर उपलब्ध हो सके। -अशोक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी