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Faridabad News: 14 वर्ष में शुरू की शूटिंग, 22 में छा गईं मनु
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- अभ्यास के लिए अपनी जन्म भूमि झज्जर को छोड़ पांच बर्ष पहले फरीदाबाद हुईं थी शिफ्ट
- 16 वर्ष में कॉमनवेल्थ में जीता था स्वर्ण, आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनी थीं
अवध किशोर श्रीवास्तव
फरीदाबाद। हरियाणा के झज्जर में जन्मी मनु भाकर तीन वर्ष पहले टोक्यो ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन से दुखी थीं। लेकिन पेरिस ओलंपिक में उन्होंने अपनी मेहनत और लगन की दम पर दो कांस्य जीतकर इतिहास रच दिया। स्कूल के दिनों में उन्होंने टेनिस, स्केटिंग और मुक्केबाजी में भी कई पदक जीते। लेकिन इन खेलों में पक्षपात के कारण 14 वर्ष की उम्र में इन्हें छोड़कर निशानेबाजी में कदम रखा। 16 वर्ष में मनु भाकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
18 फरवरी, 2002 को झज्जर में जन्म लेने वाली मनु भाकर करीब पांच वर्ष पहले सूरज कुंड स्थित इविजा सोसाइटी में अपने परिजनों के साथ रहने लगीं। घर से करणी सिंह शूटिंग रेंज नजदीक होने के कारण वह रोजाना अभ्यास करने जाने लगीं। उनकी मां सुमेधा का कहना है कि 14 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग में अपना कॅरिअर बनाने का फैसला किया, उस समय वर्ष 2016 का रियो ओलंपिक खत्म ही हुआ था। एक हफ्ते के अंदर मनु के पिता रामकिशन ने उन्हें एक बंदूक खरीदकर दी। वह एक ऐसा फैसला था जिसने मनु भाकर को ओलंपियन बना दिया।
मात्र एक वर्ष के अभ्यास के बाद वर्ष 2017 में राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में मनु भाकर ने ओलंपियन और पूर्व विश्व नंबर-1 हीना सिद्धू को चौंकाते हुए 242.3 के स्कोर के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में हीना को हरा दिया। इसी वर्ष उन्होंने एशियन जूनियर चैंपियनशिप में भी रजत पर निशाना साधा।
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मेक्सिको (ग्वाडलजारा) में अंतरराष्ट्रीय खेल शूटिंग महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप में डेब्यू करते हुए मनु भाकर ने महिला श्रेणी के 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में पहुंचने के लिए क्वालिफिकेशन राउंड में जूनियर विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके साथ ही मात्र 16 वर्ष की आयु में वह आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनीं।
वर्ष 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (ऑस्ट्रेलिया) में नया रिकॉर्ड बनाते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण जीता। 2018 में ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना में यूथ ओलंपिक गेम्स में इतिहास रचते हुए मनु 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय शूटर बनीं। वहीं चीन में विश्व कप फाइनल में मनु भाकर ने व्यक्तिगत और मिश्रित टीम इवेंट दोनों में स्वर्ण जीते। 2019 में म्यूनिख विश्व कप में चौथे स्थान पर रहीं, इसके साथ ही उन्होंने ओलंपिक में कोटा हासिल किया। मनु ने 2022 काहिरा विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में रजत और हांगझोऊ में 2023 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2023 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहते हुए भारत के लिए पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल किया। अब पेरिस ओलंपिक में मनु ने दो पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
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- 16 वर्ष में कॉमनवेल्थ में जीता था स्वर्ण, आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनी थीं
अवध किशोर श्रीवास्तव
फरीदाबाद। हरियाणा के झज्जर में जन्मी मनु भाकर तीन वर्ष पहले टोक्यो ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन से दुखी थीं। लेकिन पेरिस ओलंपिक में उन्होंने अपनी मेहनत और लगन की दम पर दो कांस्य जीतकर इतिहास रच दिया। स्कूल के दिनों में उन्होंने टेनिस, स्केटिंग और मुक्केबाजी में भी कई पदक जीते। लेकिन इन खेलों में पक्षपात के कारण 14 वर्ष की उम्र में इन्हें छोड़कर निशानेबाजी में कदम रखा। 16 वर्ष में मनु भाकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
18 फरवरी, 2002 को झज्जर में जन्म लेने वाली मनु भाकर करीब पांच वर्ष पहले सूरज कुंड स्थित इविजा सोसाइटी में अपने परिजनों के साथ रहने लगीं। घर से करणी सिंह शूटिंग रेंज नजदीक होने के कारण वह रोजाना अभ्यास करने जाने लगीं। उनकी मां सुमेधा का कहना है कि 14 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग में अपना कॅरिअर बनाने का फैसला किया, उस समय वर्ष 2016 का रियो ओलंपिक खत्म ही हुआ था। एक हफ्ते के अंदर मनु के पिता रामकिशन ने उन्हें एक बंदूक खरीदकर दी। वह एक ऐसा फैसला था जिसने मनु भाकर को ओलंपियन बना दिया।
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मात्र एक वर्ष के अभ्यास के बाद वर्ष 2017 में राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में मनु भाकर ने ओलंपियन और पूर्व विश्व नंबर-1 हीना सिद्धू को चौंकाते हुए 242.3 के स्कोर के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में हीना को हरा दिया। इसी वर्ष उन्होंने एशियन जूनियर चैंपियनशिप में भी रजत पर निशाना साधा।
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मेक्सिको (ग्वाडलजारा) में अंतरराष्ट्रीय खेल शूटिंग महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप में डेब्यू करते हुए मनु भाकर ने महिला श्रेणी के 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में पहुंचने के लिए क्वालिफिकेशन राउंड में जूनियर विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके साथ ही मात्र 16 वर्ष की आयु में वह आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनीं।
वर्ष 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (ऑस्ट्रेलिया) में नया रिकॉर्ड बनाते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण जीता। 2018 में ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना में यूथ ओलंपिक गेम्स में इतिहास रचते हुए मनु 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय शूटर बनीं। वहीं चीन में विश्व कप फाइनल में मनु भाकर ने व्यक्तिगत और मिश्रित टीम इवेंट दोनों में स्वर्ण जीते। 2019 में म्यूनिख विश्व कप में चौथे स्थान पर रहीं, इसके साथ ही उन्होंने ओलंपिक में कोटा हासिल किया। मनु ने 2022 काहिरा विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में रजत और हांगझोऊ में 2023 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2023 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहते हुए भारत के लिए पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल किया। अब पेरिस ओलंपिक में मनु ने दो पदक जीतकर इतिहास रच दिया।