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Faridabad News: फैक्टरी में आग के बाद धमाके में झुलसे एसआई की मौत
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इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में तोड़ा दम
सेक्टर-24 मुजेसर इलाके में सोमवार को हुआ था हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-24 के मुजेसर इलाके में फैक्टरी में आग के बाद धमाके में झुलसे एसआई रवि कुमार की शनिवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में मौत का आंकड़ा अब 4 हो गया है। इससे पहले कालका जी लुबिक्रेंट फैक्टरी के मालिक के बेटे अभिषेक मोगा, उनके कर्मचारी प्रदीप, दमकल विभाग के कर्मी भविचंद की भी हादसे में मौत हो चुकी है।
फैक्टरी में आग लगने का यह हादसा सोमवार 16 फरवरी को हुआ था। कालका जी लुब्रिकेंट फैक्टरी में आग की सूचना के बाद पुलिस व दमकल विभाग की टीमें पहुंची। आग बुझाने के काम के दौरान अचानक से यहां रखे केमिकल ड्रमों में धमाके होने लगे। इससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी, दमकलकर्मी, फैक्टरी मालिक, कर्मचारी व गुजर रहे राहगीर भी झुलस गए थे। कुल 37 घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से अधिकतर को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है।
हादसे के दौरान आग की चपेट में आने से सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार 40 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। दो अन्य पुलिसकर्मी भी झुलस गए थे। गंभीर रूप से झुलसे रवि कुमार को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। नाजुक स्थिति होने के कारण उनको उच्च संस्थान रेफर कर दिया गया। फरीदाबाद पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर रवि व अन्य घायलों को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।
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अक्टूबर 2023 से थाना मुजेसर में वे सेवाएं दे रहे थे
रवि कुमार का जन्म वर्ष 1997 में हरियाणा के जिला कैथल के गांव क्योडक में हुआ था। वे मार्च 2022 में हरियाणा पुलिस में बतौर पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण उपरांत जिला फरीदाबाद में ड्यूटी के लिए आये। अक्टूबर 2023 से थाना मुजेसर में वे अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार ने कर्तव्य पालन करते हुए अपने प्राणों की परवाह किये बगैर बचाव कार्य में जुटे रहे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने कहा कि उनका साहस, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा सदैव स्मरणीय रहेगा। हरियाणा पुलिस परिवार इस दुखद क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करता है तथा शहीद अधिकारी के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है। रविवार 22 फरवरी को उनके पैतृक गांव क्योडक में सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का दाह संस्कार किया जाएगा।
सिपाही ने दर्ज कराई है एफआईआर
फैक्टरी हादसे में झुलसे सिपाही अजनेश कुमार के बयान पर मुजेसर थाना पुलिस ने शिव स्टील व कालका जी लुब्रिकेंट कंपनी के मालिक व मैनेजर के खिलाफ बीएनएस की धारा धारा 115(2), 118(1), 124(1) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई। केस में अब गैर इरादतन हत्या की धारा भी जोड़ी जा चुकी है। सिपाही ने बयान में कहा कि सेक्टर-24 मुजेसर इलाके में सोमवार शाम आग व धमाके के हादसे की शुरुआत शिव स्टील फैक्टरी से शुरू हुई थी। फैक्टरी में आग मिलने की सूचना के बाद पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तब तक आग काफी भड़क चुकी थी। दमकल विभाग की टीम ने आग बुझाना शुरू किया तो इसी दौरान वहां जोरदार धमाका हुआ और इस फैक्टरी की दीवार ढह गई। इससे आग बगल की कालका जी लुब्रिकेंट फैक्टरी तक पहुंच गई। यहां पर 200 लीटर के लोहे के 30 से अधिक ड्रम में केमिकल रखा हुआ था। आग की लपटें इतनी तेज थी कि यहां आग पहुंचते ही अचानक से केमिकल के ड्रम एक-एक कर फटने लगे।
कालका जी लुबिक्रेंट से ही शुरू हुई थी आग : फोरेंसिक जांच
मामले में फोरेंसिक टीम ने 2 दिन तक हादसा स्थल पर जाकर जांच की। फोरेंसिक टीम ने शिव स्टील व कालका जी लुबिक्रेंट दोनों फैक्टरी की जांच की। जांच के बाद फोरेंसिक टीम का कहना है कि ये आग जैसे पहले कहा गया कि शिव स्टील से शुरू हुई, वैसा नहीं है। फोरेंसिक जांच में सामने आया कि आग कालका जी लुबिक्रेंट में ही पहले लगी थी। यहीं पर हुए धमाकों के बाद दीवार ढही और ये आग बगल की शिव स्टील कंपनी तक पहुंची थी।
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सेक्टर-24 मुजेसर इलाके में सोमवार को हुआ था हादसा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-24 के मुजेसर इलाके में फैक्टरी में आग के बाद धमाके में झुलसे एसआई रवि कुमार की शनिवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे में मौत का आंकड़ा अब 4 हो गया है। इससे पहले कालका जी लुबिक्रेंट फैक्टरी के मालिक के बेटे अभिषेक मोगा, उनके कर्मचारी प्रदीप, दमकल विभाग के कर्मी भविचंद की भी हादसे में मौत हो चुकी है।
फैक्टरी में आग लगने का यह हादसा सोमवार 16 फरवरी को हुआ था। कालका जी लुब्रिकेंट फैक्टरी में आग की सूचना के बाद पुलिस व दमकल विभाग की टीमें पहुंची। आग बुझाने के काम के दौरान अचानक से यहां रखे केमिकल ड्रमों में धमाके होने लगे। इससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी, दमकलकर्मी, फैक्टरी मालिक, कर्मचारी व गुजर रहे राहगीर भी झुलस गए थे। कुल 37 घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से अधिकतर को इलाज के बाद छुट्टी मिल चुकी है।
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हादसे के दौरान आग की चपेट में आने से सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार 40 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। दो अन्य पुलिसकर्मी भी झुलस गए थे। गंभीर रूप से झुलसे रवि कुमार को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। नाजुक स्थिति होने के कारण उनको उच्च संस्थान रेफर कर दिया गया। फरीदाबाद पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर रवि व अन्य घायलों को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था।
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अक्टूबर 2023 से थाना मुजेसर में वे सेवाएं दे रहे थे
रवि कुमार का जन्म वर्ष 1997 में हरियाणा के जिला कैथल के गांव क्योडक में हुआ था। वे मार्च 2022 में हरियाणा पुलिस में बतौर पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण उपरांत जिला फरीदाबाद में ड्यूटी के लिए आये। अक्टूबर 2023 से थाना मुजेसर में वे अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार ने कर्तव्य पालन करते हुए अपने प्राणों की परवाह किये बगैर बचाव कार्य में जुटे रहे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने कहा कि उनका साहस, समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा सदैव स्मरणीय रहेगा। हरियाणा पुलिस परिवार इस दुखद क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करता है तथा शहीद अधिकारी के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है। रविवार 22 फरवरी को उनके पैतृक गांव क्योडक में सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का दाह संस्कार किया जाएगा।
सिपाही ने दर्ज कराई है एफआईआर
फैक्टरी हादसे में झुलसे सिपाही अजनेश कुमार के बयान पर मुजेसर थाना पुलिस ने शिव स्टील व कालका जी लुब्रिकेंट कंपनी के मालिक व मैनेजर के खिलाफ बीएनएस की धारा धारा 115(2), 118(1), 124(1) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई। केस में अब गैर इरादतन हत्या की धारा भी जोड़ी जा चुकी है। सिपाही ने बयान में कहा कि सेक्टर-24 मुजेसर इलाके में सोमवार शाम आग व धमाके के हादसे की शुरुआत शिव स्टील फैक्टरी से शुरू हुई थी। फैक्टरी में आग मिलने की सूचना के बाद पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तब तक आग काफी भड़क चुकी थी। दमकल विभाग की टीम ने आग बुझाना शुरू किया तो इसी दौरान वहां जोरदार धमाका हुआ और इस फैक्टरी की दीवार ढह गई। इससे आग बगल की कालका जी लुब्रिकेंट फैक्टरी तक पहुंच गई। यहां पर 200 लीटर के लोहे के 30 से अधिक ड्रम में केमिकल रखा हुआ था। आग की लपटें इतनी तेज थी कि यहां आग पहुंचते ही अचानक से केमिकल के ड्रम एक-एक कर फटने लगे।
कालका जी लुबिक्रेंट से ही शुरू हुई थी आग : फोरेंसिक जांच
मामले में फोरेंसिक टीम ने 2 दिन तक हादसा स्थल पर जाकर जांच की। फोरेंसिक टीम ने शिव स्टील व कालका जी लुबिक्रेंट दोनों फैक्टरी की जांच की। जांच के बाद फोरेंसिक टीम का कहना है कि ये आग जैसे पहले कहा गया कि शिव स्टील से शुरू हुई, वैसा नहीं है। फोरेंसिक जांच में सामने आया कि आग कालका जी लुबिक्रेंट में ही पहले लगी थी। यहीं पर हुए धमाकों के बाद दीवार ढही और ये आग बगल की शिव स्टील कंपनी तक पहुंची थी।