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बंदरों के लिए अरावली में बनेंगे आश्रय घर
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में लोगों को जल्द बंदरों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। नगर निगम बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बना रहा है। बंदरों को सूरजकुुंड स्थित अरावली वन क्षेत्र में रखने की व्यवस्था होगी। जहां जालीदार हट्स (आश्रय घर) बनाए जाएंगे। हट्स के अंदर पिलर और फलदार पौधे भी होंगे।
नगर निगम के अनुसार फरीदाबाद में मौजूदा समय में दस हजार से अधिक बंदर हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बंदर लोगों को काट लेते हैं। अधिकारियों के अनुसार लोगों की परेशानियों को देखते हुए बंदरों को पकड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत दो से तीन महीने के अंदर बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू होगा। बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग से भी संपर्क किया जाएगा।
बंदरों पर लगेगा टैग
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार निगम कर्मी जिस बंदर को पकड़ेंगे, उसके ऊपर एक टैग लगा देंगे। अधिकारियों का कहना है कि शहर में बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी निजी संस्था को दी गई है। ऐसे में बंदरों को पकड़ने के मामले में बहानेबाजी करती नजर आती है। निगम को यह पता नहीं होता कि किस बंदर को पकड़ा गया और किसे नहीं। ऐसे में निजी संस्था निगम से पैसे वसूल लेती है। इसी को देखते हुए बंदरों पर टैग लगाने की योजना है।
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फलदार पौधे लगाए जाएंगे
अधिकारियों के अनुसार बंदरों को सूरजकुंड स्थित अरावली वन क्षेत्र में रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जालीदार हट्स बनाए जाएंगे। साथ ही खाने के लिए फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा हट्स में पिलर भी बनाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि बंदरों को खाने के लिए रोजाना फल आदि भी हट्स में पहुंचाए जाएंगे।
बंदरों को पकड़कर अरावली में बनाए जाने वाले हट्स में रखा जाएगा। इसके लिए वन विभाग से भी बात की जा रही है। जल्द टेंडर निकाला जाएगा।
-डॉ. नितीश परवाल, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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नगर निगम के अनुसार फरीदाबाद में मौजूदा समय में दस हजार से अधिक बंदर हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बंदर लोगों को काट लेते हैं। अधिकारियों के अनुसार लोगों की परेशानियों को देखते हुए बंदरों को पकड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत दो से तीन महीने के अंदर बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू होगा। बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग से भी संपर्क किया जाएगा।
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बंदरों पर लगेगा टैग
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार निगम कर्मी जिस बंदर को पकड़ेंगे, उसके ऊपर एक टैग लगा देंगे। अधिकारियों का कहना है कि शहर में बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी निजी संस्था को दी गई है। ऐसे में बंदरों को पकड़ने के मामले में बहानेबाजी करती नजर आती है। निगम को यह पता नहीं होता कि किस बंदर को पकड़ा गया और किसे नहीं। ऐसे में निजी संस्था निगम से पैसे वसूल लेती है। इसी को देखते हुए बंदरों पर टैग लगाने की योजना है।
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फलदार पौधे लगाए जाएंगे
अधिकारियों के अनुसार बंदरों को सूरजकुंड स्थित अरावली वन क्षेत्र में रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जालीदार हट्स बनाए जाएंगे। साथ ही खाने के लिए फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा हट्स में पिलर भी बनाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि बंदरों को खाने के लिए रोजाना फल आदि भी हट्स में पहुंचाए जाएंगे।
बंदरों को पकड़कर अरावली में बनाए जाने वाले हट्स में रखा जाएगा। इसके लिए वन विभाग से भी बात की जा रही है। जल्द टेंडर निकाला जाएगा।
-डॉ. नितीश परवाल, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम