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खेल-खेल में मिटेगा बच्चों का गंभीर कुपोषण
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फरीदाबाद (मूर्ति दलाल)। कुपोषण की मार झेल रहे बच्चों के बेहतर इलाज के लिए बीके सिविल अस्पताल में शिफ्ट किए गए न्यूट्रीशिनल रिहैबिलिटेशन (एनआरसी) सेंटर को जल्द ही विस्तार मिलेगा। इस सेंटर को प्ले-वे की तर्ज पर विकसित कर उपचाराधीन बच्चों को इलाज के साथ ही खेलकूद और पढ़ाई की सहूलियत मिलेगी। इसका सीधा फायदा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों को मिलेगा। कुपोषण के कारण गंभीर रूप से बीमार होकर कई बच्चे दम तोड़ रहे हैं। एनआरसी का विस्तार होते ही कुपोषित बच्चों को इलाज में हो रही परेशानी तो दूर होगी ही, इसके साथ ही खेलकूद और पढ़ाई व मनोरंजन के साथ उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ होने तक अस्पताल में भर्ती रहने की सुविधा का लाभ मिलेगा।
डॉक्टर की नियुक्ति के साथ विस्तार की तैयारी
एनआरसी सेंटर में मौजूदा समय में आठ स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति है। इसमें एक डॉक्टर, चार नर्स, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक पोषाहार विशेषज्ञ और एक कुक शामिल हैं। मौजूदा समय में डॉक्टर का पद रिक्त है। इस पर जल्द नियुक्ति की तैयारी है। वहीं, मौजूदा समय में एनआरसी में छह से आठ बेड की व्यवस्था है। यह संख्या भी सेंटर विस्तार के साथ बढ़ाई जाएगी। वहीं, मौजूदा सेंटर में बालकनी को विस्तार देकर बच्चों के खेलने की जगह बनाई जाएगी। एक समय में करीब 15 बच्चों को भर्ती करने की सहूलियत से केंद्र विस्तार होगा।
जिले में हैं 681 बस्तियां
संत नगर, आजाद नगर, कृष्णा कालोनी, एसी नगर जैसी 681 बस्तियां हैं। इसके अलावा 146 भट्टा क्षेत्र, 219 निर्माण क्षेत्र साइट हैं। इन क्षेत्रों सहित पूरे जिले में चार लाख 98 हजार बच्चे पांच वर्ष से कम आयु के हैं। एनआरसी विस्तार योजना से यहां के कुपोषित बच्चों को इलाज का सीधा लाभ मिलेगा। बच्चे को सेंटर में इलाज के दौरान पोषाहार की जिम्मेदारी भी एनआरसी की है। ऐसे में गरीब पर इलाज व पोषाहार का बोझ नहीं पड़ेगा।
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...इसलिए खास है एनआरसी विस्तार
जन स्वास्थ्य एवं विकास में कुपोषण बड़ी चुनौती है। सीवियर एक्यूट मलन्युट्रिशन (एसएएम) यानी भारी कुपोषण से पीड़ित बच्चों में सामान्य बच्चों के मुकाबले बीमारी से मौत का खतरा नौ गुना अधिक होता है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-3 की रिपोर्ट में इस पर काफी जोर दिया गया कि कुपोषित बच्चों की मौत को बेहतर इलाज व पोषाहार की मदद से टाला जा सकता है। अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि पूरे प्रदेश में मात्र फरीदाबाद में एनआरसी सेंटर है। वह एनआरसी विस्तार को ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर देखती हैं। इस पार काम जारी है। जल्द ही जिले के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
30 बच्चों ने लिया कुछ माह में ही लाभ
अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि वर्ष 2019 में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) से एनआरसी को शिफ्ट किया गया था। कुछ ही माह में करीब 30 बच्चों ने इसका लाभ लिया। सभी स्वस्थ होकर घर लौटे। ज्यादातर बच्चे 20 दिन से अधिक समय तक अस्पताल में रहे। ऐसे में उनके खेलने के लिए एक छोटा कमरा खेलकूद के लिए रखा गया। खेल-खेल में बच्चे न सिर्फ कुपोषण से उभरे बल्कि सक्रिय भी हुए। ऐसे में कोरोना काल में रुके ड्रीम प्रोजेक्ट को अब पूरा करने की तैयारी सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से की जा रही है।
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डॉक्टर की नियुक्ति के साथ विस्तार की तैयारी
एनआरसी सेंटर में मौजूदा समय में आठ स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति है। इसमें एक डॉक्टर, चार नर्स, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक पोषाहार विशेषज्ञ और एक कुक शामिल हैं। मौजूदा समय में डॉक्टर का पद रिक्त है। इस पर जल्द नियुक्ति की तैयारी है। वहीं, मौजूदा समय में एनआरसी में छह से आठ बेड की व्यवस्था है। यह संख्या भी सेंटर विस्तार के साथ बढ़ाई जाएगी। वहीं, मौजूदा सेंटर में बालकनी को विस्तार देकर बच्चों के खेलने की जगह बनाई जाएगी। एक समय में करीब 15 बच्चों को भर्ती करने की सहूलियत से केंद्र विस्तार होगा।
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जिले में हैं 681 बस्तियां
संत नगर, आजाद नगर, कृष्णा कालोनी, एसी नगर जैसी 681 बस्तियां हैं। इसके अलावा 146 भट्टा क्षेत्र, 219 निर्माण क्षेत्र साइट हैं। इन क्षेत्रों सहित पूरे जिले में चार लाख 98 हजार बच्चे पांच वर्ष से कम आयु के हैं। एनआरसी विस्तार योजना से यहां के कुपोषित बच्चों को इलाज का सीधा लाभ मिलेगा। बच्चे को सेंटर में इलाज के दौरान पोषाहार की जिम्मेदारी भी एनआरसी की है। ऐसे में गरीब पर इलाज व पोषाहार का बोझ नहीं पड़ेगा।
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...इसलिए खास है एनआरसी विस्तार
जन स्वास्थ्य एवं विकास में कुपोषण बड़ी चुनौती है। सीवियर एक्यूट मलन्युट्रिशन (एसएएम) यानी भारी कुपोषण से पीड़ित बच्चों में सामान्य बच्चों के मुकाबले बीमारी से मौत का खतरा नौ गुना अधिक होता है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-3 की रिपोर्ट में इस पर काफी जोर दिया गया कि कुपोषित बच्चों की मौत को बेहतर इलाज व पोषाहार की मदद से टाला जा सकता है। अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि पूरे प्रदेश में मात्र फरीदाबाद में एनआरसी सेंटर है। वह एनआरसी विस्तार को ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर देखती हैं। इस पार काम जारी है। जल्द ही जिले के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
30 बच्चों ने लिया कुछ माह में ही लाभ
अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि वर्ष 2019 में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) से एनआरसी को शिफ्ट किया गया था। कुछ ही माह में करीब 30 बच्चों ने इसका लाभ लिया। सभी स्वस्थ होकर घर लौटे। ज्यादातर बच्चे 20 दिन से अधिक समय तक अस्पताल में रहे। ऐसे में उनके खेलने के लिए एक छोटा कमरा खेलकूद के लिए रखा गया। खेल-खेल में बच्चे न सिर्फ कुपोषण से उभरे बल्कि सक्रिय भी हुए। ऐसे में कोरोना काल में रुके ड्रीम प्रोजेक्ट को अब पूरा करने की तैयारी सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से की जा रही है।