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Faridabad News: लक्ष्य निर्धारित कर पूरी जान लगा दो, तभी पूरे होंगे सपने
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- आईटीआई के विद्यार्थियों को मानसिक रोग और बचाव के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-4 स्थित आईटीआई में अमर उजाला फाउंडेशन और सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉक्टर ने विद्यार्थियों को मानसिक रोग और इससे बचाव के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों इससे संबंधित प्रश्नों को रखा, डॉक्टर और अध्यापकों ने उदाहरण के साथ समझाते हुए उत्तर दिया।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान फरीदाबाद के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रविंदर पाल ने बताया कि विद्यार्थियों का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा होता है। परीक्षा सहित अन्य चीजों को लेकर कई बार तनाव हो जाता है। ऐसे में घबराने की बजाय विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों से समस्याओं को साझा करना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए समय-समय पर आईटीआई में स्वास्थ्य पर चर्चा और जांच शिविरों का आयोजन भी किया जाता है। इस दौरान मुख्य रूप से सर्वोदय अस्पताल से शिवम और प्लेसमेंट ऑफिसर रजत राणा सहित अन्य अध्यापक मुख्य रूप से मौजूद रहे।
लक्ष्य निर्धारित कर पूरी जान लगा दो
सर्वोदय अस्पताल के डॉक्टर विशाल पराशर ने बताया कि विद्यार्थी जीवन ऐसा समय होता है, जब मेहनत करके अपना भविष्य बनाया जा सकता है। आज के दौर में विद्यार्थी सोशल मीडिया पर ज्यादा समय व्यतीत करते हैं। इससे चिड़चिड़ापन, तनाव और अकेलापन जैसी बीमारियों से वह ग्रसित हो जाते है और अपने पथ से भटक जाते हैं। बिना किसी कारण के बहुत गुस्सा आना, रोना, बहुत ज्यादा बोलना या बिल्कुल न बोलना, अपनी कही हुई बातों को बार-बार दोहराना या भूल जाना और नींद नहीं आना मानसिक बीमारियों के लक्षण हैं। विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा समय अपने परिवार और पढ़ाई को देकर इससे बचा जा सकता है। लक्ष्य निर्धारित कर पूरी जान लगा दो और अपने सपनों को पूरा करों। इसके अतिरिक्त उन्होंने तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन और उनके उनके दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। इस दौरान अभय दुबे, आकाश, हंसराज और शाहरूख सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने प्रश्नों को रखा।
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विद्यार्थियों से बातचीत
परीक्षा और परिणाम को लेकर कई बार टेंशन हो जाती है, लेकिन आज डॉक्टर के सामने अपने प्रश्नों को रखने का मौका मिला यह बहुत अच्छा अनुभव था, ऐसे आयोजन होने चाहिए।
- अवनीश, विद्यार्थी
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आज के समय में तनाव आम बीमारी हो गई है, इससे कैसे बचा जा सकता है और इसका इलाज भी है। इस बारे में आज जानने का मौका मिला है, यह चर्चा हमारे लिए काफी फायदेमंद रहा।
- नवरतन, विद्यार्थी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-4 स्थित आईटीआई में अमर उजाला फाउंडेशन और सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉक्टर ने विद्यार्थियों को मानसिक रोग और इससे बचाव के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों इससे संबंधित प्रश्नों को रखा, डॉक्टर और अध्यापकों ने उदाहरण के साथ समझाते हुए उत्तर दिया।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान फरीदाबाद के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रविंदर पाल ने बताया कि विद्यार्थियों का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा होता है। परीक्षा सहित अन्य चीजों को लेकर कई बार तनाव हो जाता है। ऐसे में घबराने की बजाय विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों से समस्याओं को साझा करना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए समय-समय पर आईटीआई में स्वास्थ्य पर चर्चा और जांच शिविरों का आयोजन भी किया जाता है। इस दौरान मुख्य रूप से सर्वोदय अस्पताल से शिवम और प्लेसमेंट ऑफिसर रजत राणा सहित अन्य अध्यापक मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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लक्ष्य निर्धारित कर पूरी जान लगा दो
सर्वोदय अस्पताल के डॉक्टर विशाल पराशर ने बताया कि विद्यार्थी जीवन ऐसा समय होता है, जब मेहनत करके अपना भविष्य बनाया जा सकता है। आज के दौर में विद्यार्थी सोशल मीडिया पर ज्यादा समय व्यतीत करते हैं। इससे चिड़चिड़ापन, तनाव और अकेलापन जैसी बीमारियों से वह ग्रसित हो जाते है और अपने पथ से भटक जाते हैं। बिना किसी कारण के बहुत गुस्सा आना, रोना, बहुत ज्यादा बोलना या बिल्कुल न बोलना, अपनी कही हुई बातों को बार-बार दोहराना या भूल जाना और नींद नहीं आना मानसिक बीमारियों के लक्षण हैं। विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा समय अपने परिवार और पढ़ाई को देकर इससे बचा जा सकता है। लक्ष्य निर्धारित कर पूरी जान लगा दो और अपने सपनों को पूरा करों। इसके अतिरिक्त उन्होंने तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन और उनके उनके दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। इस दौरान अभय दुबे, आकाश, हंसराज और शाहरूख सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने प्रश्नों को रखा।
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विद्यार्थियों से बातचीत
परीक्षा और परिणाम को लेकर कई बार टेंशन हो जाती है, लेकिन आज डॉक्टर के सामने अपने प्रश्नों को रखने का मौका मिला यह बहुत अच्छा अनुभव था, ऐसे आयोजन होने चाहिए।
- अवनीश, विद्यार्थी
आज के समय में तनाव आम बीमारी हो गई है, इससे कैसे बचा जा सकता है और इसका इलाज भी है। इस बारे में आज जानने का मौका मिला है, यह चर्चा हमारे लिए काफी फायदेमंद रहा।
- नवरतन, विद्यार्थी