{"_id":"654297bf4e9d72002d00681f","slug":"sanjana-won-gold-medal-in-15th-asian-shooting-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-16305-2023-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: 15वीं एशियन शूटिंग में संजना ने जीता स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: 15वीं एशियन शूटिंग में संजना ने जीता स्वर्ण पदक
विज्ञापन
पदक जीतने की खबर सुनते ही माता-पिता को बधाई देने वालों का लगा तांता
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर की होनहार बेटी और खिलाड़ी संजना सूद ने कोरिया में आयोजित 15वीं एशियन शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश के साथ-साथ फरीदाबाद का नाम रोशन किया है। संजना सूद के पदक जीतने की खबर जैसे ही ओमेक्स फॉरेस्ट स्पा में रहने वाले उनके माता पिता संजय सूद और माता नीतू सूद के पास आई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
ओमेक्स फॉरेस्ट स्पा में रहने वाले लोगों ने भी संजना की इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उसके माता पिता को बधाई दी व विदेश में देश का झंडा बुलंद करने के लिए उसकी प्रशंसा की। संजय और नीतू सूद ने कहा कि देश के लिए पदक जीतकर संजना ने हमारा सीना भी गर्व से चौड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि संजना कड़ी मेहनत, दृढ़ता और आत्म-विश्वास के बल पर ही यह पदक जीत पाई है। उन्होंने प्रशिक्षकों का भी आभार प्रकट किया। जिन्होंने हमेशा उसे आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा और देश के सम्मान की लिए लड़ना सिखाया। उन्होंने बताया कि स्वर्ण पदक भारत को,रजत पदक कजाकिस्तान को और कांस्य पदक कोरिया की झोली में गया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर की होनहार बेटी और खिलाड़ी संजना सूद ने कोरिया में आयोजित 15वीं एशियन शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश के साथ-साथ फरीदाबाद का नाम रोशन किया है। संजना सूद के पदक जीतने की खबर जैसे ही ओमेक्स फॉरेस्ट स्पा में रहने वाले उनके माता पिता संजय सूद और माता नीतू सूद के पास आई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
ओमेक्स फॉरेस्ट स्पा में रहने वाले लोगों ने भी संजना की इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उसके माता पिता को बधाई दी व विदेश में देश का झंडा बुलंद करने के लिए उसकी प्रशंसा की। संजय और नीतू सूद ने कहा कि देश के लिए पदक जीतकर संजना ने हमारा सीना भी गर्व से चौड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि संजना कड़ी मेहनत, दृढ़ता और आत्म-विश्वास के बल पर ही यह पदक जीत पाई है। उन्होंने प्रशिक्षकों का भी आभार प्रकट किया। जिन्होंने हमेशा उसे आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा और देश के सम्मान की लिए लड़ना सिखाया। उन्होंने बताया कि स्वर्ण पदक भारत को,रजत पदक कजाकिस्तान को और कांस्य पदक कोरिया की झोली में गया।
विज्ञापन