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Faridabad News: लावारिस पशुओं, टूटी सड़कों और जलभराव से जूझ रहे ग्रेटर फरीदाबाद के लोग

Fri, 10 Oct 2025 12:43 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 12:43 AM IST
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Residents of Greater Faridabad grapple with stray animals, broken roads and waterlogging.
शिकायतों के बाद भी प्रशासन नहीं कर रहा समस्याओं का समाधान
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद इलाके के लोग लावारिस पशुओं, टूटी सड़कों व जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। इस क्षेत्र में सड़कों पर निकलना खतरे से खाली नहीं है। सड़कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जगह-जगह गड्ढों से भरी सड़कों, जलभराव और लावारिस पशुओं की समस्या ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। क्षेत्रवासी हर दिन इन समस्याओं से जूझते हुए आवागमन करते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।



बरसात के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। टूटी सड़कों पर पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालक अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लावारिस पशु दिन-रात सड़कों पर घूमते रहते हैं। इससे राहगीरों को खतरा रहता है और जाम की स्थिति भी बनी रहती है।
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बार-बार शिकायतों के बावजूद नहीं होती सुनवाई



ग्रेटर फरीदाबाद के निवासियों का कहना है कि वे बार-बार नगर निगम को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन न तो सड़कों की मरम्मत हो रही है और न ही जलभराव से राहत मिल रही है। बरसात को हुए करीब 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी बरसात का पानी भरा हुआ है। जलनिकासी को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तुरंत क्षेत्र का निरीक्षण करे, टूटी सड़कों की मरम्मत कराए, जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाए और लावारिस पशुओं को सड़कों से हटाया जाए। तभी क्षेत्रवासी राहत की सांस ले पाएंगे।
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यह क्षेत्र स्मार्ट सिटी का हिस्सा बताया जाता है, लेकिन हालात किसी पिछड़े इलाके जैसे हैं। -राजिंदर गर्ग, स्थानीय निवासी

हमने करोड़ों खर्च करने के बाद इस क्षेत्र में घर लिए हैं। इसके बाद भी हालात ऐसे हैं कि किसी को अपने घर बुलाने से पहले सोचना पड़ता है। -कार्तिकेय कुमार, स्थानीय निवासी
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