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Faridabad News: अब पुराने मकानों पर भी कार्रवाई की तैयारी, सात लाख संपत्तियों का सर्वे शुरू

Thu, 23 Jul 2026 12:17 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:17 AM IST
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Preparations are now underway to take action against old houses as well; a survey of seven lakh properties has begun.
अब तक बनते समय ही अवैध निर्माण रोकने पर था जोर, निगम आयुक्त के निर्देश पर पुराने मकानों की भी होगी जांच
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प्रारंभिक आकलन में 35 से 50 हजार संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आने की संभावना

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए निर्माणाधीन भवनों के साथ पहले से बने मकानों और संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी है। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के निर्देश के बाद करीब सात लाख संपत्तियों का सर्वे कराया जा रहा है। इसमें भवन के वास्तविक निर्माण, स्वीकृत नक्शे और निगम रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। प्रारंभिक आकलन के अनुसार 35 से 50 हजार संपत्तियां नियमों के उल्लंघन के दायरे में आ सकती हैं। यह कुल संपत्तियों का करीब 5 से 7 प्रतिशत बैठता है। हालांकि यह अभी अनुमानित आंकड़ा है और सर्वे पूरा होने के बाद ही वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी।
नगर निगम की कार्रवाई अब तक मुख्य रूप से निर्माण के दौरान अवैध निर्माण रोकने और मौके पर कार्रवाई करने तक सीमित रही है। अब निगम पुराने बने मकानों को भी जांच के दायरे में लाकर यह पता लगाने की तैयारी में है कि निर्माण स्वीकृत भवन योजना के अनुसार हुआ है या बाद में उसमें अतिरिक्त मंजिल, कमरा, दुकान या अन्य निर्माण किया गया है।
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सर्वे में संपत्ति के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान किया जाएगा। भवन की मंजिलों, उपयोग, स्वीकृत नक्शे से विचलन और सार्वजनिक जमीन या रास्ते पर किए गए निर्माण जैसे पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। जहां गंभीर अनियमितता मिलेगी वहां नियमानुसार नोटिस और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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सभी मकानों पर तुरंत नहीं होगा एक्शन
इसका मतलब यह नहीं है कि सर्वे में चिह्नित हर मकान को तत्काल तोड़ा जाएगा। संबंधित भवन मालिक को नोटिस, जवाब देने और नियमानुसार सुनवाई का अवसर मिलना जरूरी होगा। कार्रवाई की प्रकृति उल्लंघन की गंभीरता और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।
सात लाख संपत्तियों का रिकॉर्ड, पहले भी सामने आ चुकी हैं खामियां
फरीदाबाद में करीब सात लाख कर योग्य संपत्ति इकाइयों का आंकड़ा पहले भी सामने आ चुका है। 2024 की उपलब्ध रिपोर्टों में शहर में करीब 7.15 लाख संपत्ति इकाइयों के पंजीकृत होने की जानकारी दी गई थी। इनमें बड़ी संख्या में संपत्ति आईडी से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी और अधूरे विवरण की शिकायतें भी सामने आई थीं। ऐसे में नए सर्वे का महत्व केवल अवैध निर्माण की पहचान तक सीमित नहीं है। इससे नगर निगम को शहर की संपत्तियों का वास्तविक और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करने में भी मदद मिल सकती है। खासकर ओल्ड फरीदाबाद, एनआईटी, बल्लभगढ़, गांवों से शहरी क्षेत्र में शामिल इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे बाहरी क्षेत्रों में निर्माण की स्थिति अलग-अलग है।
पांच से सात प्रतिशत तक संपत्तियों पर कार्रवाई का अनुमान
नगर निगम से जुड़े प्रारंभिक आकलन के मुताबिक सर्वे में करीब 35 से 50 हजार मकान या संपत्तियां नियमों के उल्लंघन के दायरे में आ सकती हैं। सात लाख संपत्तियों के आधार पर देखें तो यह करीब 5 से 7 प्रतिशत का आंकड़ा बनता है। हालांकि इसे अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता। सर्वे पूरा होने और प्रत्येक संपत्ति की अलग-अलग जांच के बाद ही यह तय होगा कि कितने मामलों में वास्तव में कार्रवाई जरूरी है। यह भी संभव है कि सभी मामलों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न हो। कुछ मामलों में निर्माण को नियमों के अनुरूप करने, स्वीकृत प्रक्रिया के तहत सुधार या जहां कानून अनुमति देता है वहां कंपाउंडिंग जैसे विकल्प सामने आ सकते हैं। जिले में भवन निर्माण के लिए हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 और नगर निगम से जुड़े नियम लागू हैं। स्वीकृत भवन योजना से अलग निर्माण और अनधिकृत निर्माण पर सक्षम प्राधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई का अधिकार है। इसलिए सर्वे के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया भी कानूनी प्रावधानों के तहत ही आगे बढ़ेगी।

शहर में पहले से चल रहा है अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान
फरीदाबाद में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का अभियान पहले से चल रहा है। मई 2026 में नगर निगम ने सेक्टर-11 की ग्रीन बेल्ट पर किए गए अवैध निर्माण हटाए थे। जून में एनआईटी क्षेत्र की नेहरू कॉलोनी में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई। वहीं जिले के अलग-अलग हिस्सों में अवैध कॉलोनियों और कृषि भूमि पर नियमों के विपरीत निर्माण के खिलाफ जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन शाखा भी कार्रवाई कर रही है। जून 2026 में यमुना किनारे और अवैध कॉलोनियों में बने करीब 200 फार्म हाउसों को चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल कार्रवाई की प्रक्रिया का
नगर निगम की नई रणनीति से शहर के हजारों मकान मालिक प्रभावित हो सकते हैं। कई मकान वर्षों पहले बने हैं और समय के साथ उनमें अतिरिक्त निर्माण किया गया है। कुछ मामलों में संपत्ति रिकॉर्ड में नाम, मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी भी गलत होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में निगम के लिए यह जरूरी होगा कि सर्वे के दौरान रिकॉर्ड की त्रुटियों और वास्तविक अवैध निर्माण के बीच अंतर स्पष्ट किया जाए।


निगम की तरफ से सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जिन लोगों के नक्शे पास होंगे उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। -सुरेंद्र हुड्डा, एसडीओ, नगर निगम
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