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Faridabad News: 310 बस क्यू-शेल्टर बनाने की योजना, सर्वे और प्रक्रिया में अटका काम
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60 करोड़ रुपये की परियोजना में शहर के 11 प्रमुख रूटों पर बनने हैं शेल्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिए 310 नए बस क्यू-शेल्टर बनाने की योजना है। करीब 60 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत 11 प्रमुख रूटों पर शेल्टर विकसित किए जाने हैं। अभी करीब 50 स्थानों का सर्वे पूरा हुआ है। वहीं, शहर में मौजूद कई पुराने बस क्यू-शेल्टरों पर यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कहीं बैठने की व्यवस्था नहीं है तो कहीं शेल्टर की हालत खराब होने से यात्रियों को धूप और बारिश में खड़ा होकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
चार विभागों की जमीन पर बनेंगे शेल्टर
योजना के तहत 310 शेल्टर अलग-अलग विभागों की जमीन पर बनाए जाने हैं। इनमें सबसे ज्यादा 163 शेल्टर पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 88 एनएचएआई, 38 एफएमडीए और 21 शेल्टर नगर निगम की जमीन पर बनाए जाने हैं। शेल्टरों को यात्रियों की जरूरत के अनुसार विकसित करने की योजना है। परियोजना को पीपीपी मॉडल पर आगे बढ़ाने की भी तैयारी है।
कई पुराने शेल्टरों में बैठने की सुविधा नहीं
शहर के कई मार्गों पर मौजूदा बस क्यू-शेल्टर यात्रियों की जरूरत के अनुसार नहीं हैं। कुछ जगह शेल्टर की संरचना तो बनी हुई है, लेकिन बैठने के लिए बेंच नहीं हैं। जहां बेंच हैं, उनमें कई पुरानी या खराब स्थिति में हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को बस के इंतजार में लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है।
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शेल्टर के आगे खड़े रहते हैं ऑटो
बीके चौक और अजरौंदा चौक पर बने बस क्यू-शेल्टरों के सामने ऑटो चालक अपने ऑटो खड़े कर देते हैं। इससे बस का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए शेल्टर के पास जगह कम हो जाती है। कई बार अन्य वाहन चालक भी शेल्टर के सामने या आसपास वाहन पार्क कर देते हैं। बस आने पर यात्रियों को सड़क की ओर जाकर वाहन पकड़ना पड़ता है, जिससे जाम के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है।
बिजली और सफाई की भी समस्या
कई पुराने शेल्टरों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। शाम के बाद यहां यात्रियों को परेशानी होती है। शेल्टरों के आसपास नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी भी बनी रहती है। ऐसे में नए शेल्टरों के साथ उनके नियमित रखरखाव और आसपास अवैध पार्किंग पर रोक लगाने की जरूरत है।
सर्वे के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
310 शेल्टरों के लिए अलग-अलग स्थानों का सर्वे और जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। जून 2026 तक करीब 50 स्थानों का सर्वे पूरा होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। यात्रियों को अब नए शेल्टरों के निर्माण शुरू होने और सभी 310 शेल्टर तैयार होने का इंतजार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिए 310 नए बस क्यू-शेल्टर बनाने की योजना है। करीब 60 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत 11 प्रमुख रूटों पर शेल्टर विकसित किए जाने हैं। अभी करीब 50 स्थानों का सर्वे पूरा हुआ है। वहीं, शहर में मौजूद कई पुराने बस क्यू-शेल्टरों पर यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कहीं बैठने की व्यवस्था नहीं है तो कहीं शेल्टर की हालत खराब होने से यात्रियों को धूप और बारिश में खड़ा होकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
चार विभागों की जमीन पर बनेंगे शेल्टर
योजना के तहत 310 शेल्टर अलग-अलग विभागों की जमीन पर बनाए जाने हैं। इनमें सबसे ज्यादा 163 शेल्टर पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 88 एनएचएआई, 38 एफएमडीए और 21 शेल्टर नगर निगम की जमीन पर बनाए जाने हैं। शेल्टरों को यात्रियों की जरूरत के अनुसार विकसित करने की योजना है। परियोजना को पीपीपी मॉडल पर आगे बढ़ाने की भी तैयारी है।
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कई पुराने शेल्टरों में बैठने की सुविधा नहीं
शहर के कई मार्गों पर मौजूदा बस क्यू-शेल्टर यात्रियों की जरूरत के अनुसार नहीं हैं। कुछ जगह शेल्टर की संरचना तो बनी हुई है, लेकिन बैठने के लिए बेंच नहीं हैं। जहां बेंच हैं, उनमें कई पुरानी या खराब स्थिति में हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को बस के इंतजार में लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है।
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शेल्टर के आगे खड़े रहते हैं ऑटो
बीके चौक और अजरौंदा चौक पर बने बस क्यू-शेल्टरों के सामने ऑटो चालक अपने ऑटो खड़े कर देते हैं। इससे बस का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए शेल्टर के पास जगह कम हो जाती है। कई बार अन्य वाहन चालक भी शेल्टर के सामने या आसपास वाहन पार्क कर देते हैं। बस आने पर यात्रियों को सड़क की ओर जाकर वाहन पकड़ना पड़ता है, जिससे जाम के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है।
बिजली और सफाई की भी समस्या
कई पुराने शेल्टरों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। शाम के बाद यहां यात्रियों को परेशानी होती है। शेल्टरों के आसपास नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी भी बनी रहती है। ऐसे में नए शेल्टरों के साथ उनके नियमित रखरखाव और आसपास अवैध पार्किंग पर रोक लगाने की जरूरत है।
सर्वे के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
310 शेल्टरों के लिए अलग-अलग स्थानों का सर्वे और जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। जून 2026 तक करीब 50 स्थानों का सर्वे पूरा होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। यात्रियों को अब नए शेल्टरों के निर्माण शुरू होने और सभी 310 शेल्टर तैयार होने का इंतजार है।