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Faridabad News: जिले में जगह-जगह खोदे गए गड्ढे बन रहे लोगों के लिए काल

Sun, 06 Apr 2025 12:49 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 12:49 AM IST
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Pits dug at various places in the district are becoming a death knell for people
सरकारी एजेंसियों के ठेकेदार गड्ढे खोदकर भूल जाते हैं, निर्माण कार्य के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम न होने से हो रहे हादसे
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जोगेंद्र शर्मा
फरीदाबाद। जिले में निर्माण कार्य के चलते खोदे गए गड्ढे शहरवासियों के लिए काल बन रहे हैं। कई बार हादसों में बच्चे सहित अन्य लोग इस तरह की लापरवाही का शिकार हो जाते हैं। वहीं, विभाग बस औपचारिकता पूरी कर लेता है। शुक्रवार शाम को बराही तालाब के निकट गड्ढे में 10 वर्ष के बच्चे की मौत के बाद देखना है कि सरकारी विभाग इसका कितना सज्ञान लेते हैं। बराही तालाब के अलावा शहर भर में 30 से अधिक साइटों पर गड्ढे खुदे हुए हैं लेकिन न तो इनकी फेंसिंग हुई है और न ही इन्हें भरा गया है।

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सेक्टर-10 बाईपास रोड के निकट गड्ढे में भरा है पानी
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित सेक्टर-10 बाईपास रोड के किनारे 20 मीटर चौड़ा और करीब 15 मीटर गहरा गड्ढा है। यह गड्ढा पानी से लबालब है। इसे भी निर्माणाधीन कंपनी के ठेकेदार ने लापरवाही से खुला छोड़ रखा है। गर्मी में बच्चे यहां भी नहा रहे हैं। इसके आसपास कोई भी फेसिंग नहीं होने के कारण यह भी किसी हादसे का सबब बन सकता है।
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बराही तालाब के पास 3 से 4 गड्ढे
ओल्ड फरीदाबाद के बराही तालाब के पास तीन से चार गड्ढे हैं। इनमें से एक में पानी भरा है और अन्य सूखे हैं। समय-समय पर इनमें पानी भर कर इसके पानी का उपयोग किया जाता है। ठेकेदारों की ओर से कई बार लापरवाही से इसे छोड़ दिया जाता है। ऐसे में किशोर और बच्चे इन्हें खेल का साधन बना लेते हैं और दुर्घटनाओं का सबब यह गड्ढे बन जाते हैं।
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सेक्टर-8 में बाईपास रोड पर ग्रीन बेल्ट के पास गड्ढे से हादसे की आशंका
सेक्टर-8 स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-19 बाईपास पर ग्रीन बेल्ट के किनारे बड़ा गड्ढा है। इसके अलावा एक छोटा सा स्वीमिंग पूल भी यहां पर है। दोनों ही सूखे हुए हैं। हालांकि, लंबे समय से यह ऐसे ही पड़े हैं और इन्हें नहीं भरा गया है। मानसून के दौरान यहां पानी भर जाता है। ऐसे में यहां हादसे की आशंका है।
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परियोजना में पानी की पूर्ति के लिए बनाए जाते हैं गड्ढे
परियोजना में पानी की कमी को पूरा करने के लिए पहले ट्यूबवेल लगाया जाता है। पानी को जमा करने के लिए इस तरह के गड्ढे बना दिए जाते हैं। इस पानी को निर्माण कार्य के उपयोग में लाया जाता है। काम पूरा होने के बाद इसे बंद करा दिया जाता है। हालांकि, बहुत से ठेकेदार लापरवाही करते हुए इसे खुला छोड़ देते हैं।


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अरावली क्षेत्र में खोदे गए गड्ढों में भरे पानी में होते हैं हादसे
अरावली क्षेत्र के जंगलों के बीच अवैध रूप से खनन करने वालों ने मिट्टी और पत्थरों का खनन करने के लिए कई स्थानों पर बड़े-बड़े तालाब सरीखे गड्ढे बना दिए हैं। प्रत्येक वर्ष यहां पर मानसून के दौरान पानी भर जाता है। एनसीआर भर से बहुत से युवा यहां नहाने आते हैं और काल के गाल में समा जाते हैं।
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