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फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बन ठगी गिरोह के आठ सदस्य गिरफ्तार
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phainens kampanee ke karmachaaree ban thagee giroh ke aath sadasy giraphtaar
फरीदाबाद। साइबर थाना टीम ने लोन के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान यूपी निवासी शैलेंद्र, दीपांश, मोहित, गौरव फरीदाबाद निवासी उमेश व अक्षय और राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी सुरेंद्र एवं गुरप्रीत के रूप में हुई है। सभी पर नवंबर 2021 में मामला दर्ज किया गया था। तिगांव निवासी ऋषि नाम के व्यक्ति से 1.93 रुपये की धोखाधड़ी की थी।
आरोपी लोगों को कैपिटल वन फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर फोन कर उन्हें सस्ते दाम पर लोन देने का लालच देते थे ।लोग जब उनकी बातों में आ जाते तो आरोपी उनसे लोन पास करवाने के लिए पंजीकरण शुल्क, फाइल खर्च, प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी इत्यादि के नाम पर पैसे मांगते थे। थाना प्रभारी बसंत कुमार के नेतृत्व में एसआई योगेश, नीरज, भूपेंद्र, सत्यवीर ,राजेश, महिला हवलदार अंजू, सिपाही संदीप तथा अंशुल की टीम बनाई गई। टीम ने 4 आरोपियों शैलेंद्र, दीपांश, मोहित और गौरव को 10 जनवरी को नोएडा से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने फरीदाबाद निवासी उमेश और अक्षय के बारे में जानकारी दी। 14 जनवरी को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके अन्य सदस्य सुरेंद्र और गुरप्रीत को 17 जनवरी को पकड़ा गया। नोएडा में कॉल सेंटर से साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था। बृहस्पतिवार को सभी को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया।
5 राज्यों में 15 वारदातों का हुआ खुलासा
आरोपियों के कब्जे से 1.26 लाख रुपये, 6 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, चेक बुक व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। ठगी का पैसा आरोपी अपने साथी गुरप्रीत के अकाउंट में जमा करवाते थे, जिसे फ्रीज कर दिया गया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने दिल्ली, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित 5 अन्य राज्यों में ठगी की 15 वारदातों को अंजाम दिया है। इसके लिए संबंधित थानों को जानकारी दी जा रही है। आरोपियों का एक साथी अभी फरार चल रहा है। वह फोन नंबर का डाटा उपलब्ध करवाता था।
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आरोपी लोगों को कैपिटल वन फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर फोन कर उन्हें सस्ते दाम पर लोन देने का लालच देते थे ।लोग जब उनकी बातों में आ जाते तो आरोपी उनसे लोन पास करवाने के लिए पंजीकरण शुल्क, फाइल खर्च, प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी इत्यादि के नाम पर पैसे मांगते थे। थाना प्रभारी बसंत कुमार के नेतृत्व में एसआई योगेश, नीरज, भूपेंद्र, सत्यवीर ,राजेश, महिला हवलदार अंजू, सिपाही संदीप तथा अंशुल की टीम बनाई गई। टीम ने 4 आरोपियों शैलेंद्र, दीपांश, मोहित और गौरव को 10 जनवरी को नोएडा से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने फरीदाबाद निवासी उमेश और अक्षय के बारे में जानकारी दी। 14 जनवरी को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके अन्य सदस्य सुरेंद्र और गुरप्रीत को 17 जनवरी को पकड़ा गया। नोएडा में कॉल सेंटर से साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था। बृहस्पतिवार को सभी को अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया।
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5 राज्यों में 15 वारदातों का हुआ खुलासा
आरोपियों के कब्जे से 1.26 लाख रुपये, 6 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, चेक बुक व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। ठगी का पैसा आरोपी अपने साथी गुरप्रीत के अकाउंट में जमा करवाते थे, जिसे फ्रीज कर दिया गया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने दिल्ली, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित 5 अन्य राज्यों में ठगी की 15 वारदातों को अंजाम दिया है। इसके लिए संबंधित थानों को जानकारी दी जा रही है। आरोपियों का एक साथी अभी फरार चल रहा है। वह फोन नंबर का डाटा उपलब्ध करवाता था।
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