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Faridabad News: स्मार्ट सिटी की दस काॅलोनियों में लोगों को पेयजल किल्लत से मिलेगी राहत
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- नगर निगम 32 करोड़ रुपये से काम कराएगी पूरा, पानी की लाइन के साथ बूस्टर बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की करीब 10 कॉलोनियों में अधूरी पेयजल परियोजना को सिरे चढ़ाने में नगर निगम जुट गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंजूरी मिलने के बाद निगम करीब 32.22 करोड़ का टेंडर जारी करने जा रहा है। इसमें पानी की लाइन के साथ पांच बूस्टर भी बनेंगे। निगम का प्रयास हैं कि दो माह में काम शुरू करा दिया जाए।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में करीब छह साल पहले नियमित हुई काॅलोनियों में पेयजल लाइन डालने की कार्य योजना नगर निगम ने बनाई थी। इसे लेकर केंद्र सरकार की अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत काम कराया जाना था। अमृत योजना के तहत ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र की काॅलोनियों में पेयजल की पाइप लाइन डालने का ठेका साल 2018 में केबीआर शिल्पा जेवी को दिया गया था। करीब 97 करोड़ से एजेंसी ने साल 2020 में काम को पूरा करना करना था, लेकिन नवंबर 2022 तक बढ़ा दिया गया था। एजेंसी ने इस दौरान डीआई पाइप डालने का काम शुरू किया था, लेकिन बीच में ही काम बंद कर दिया था। निगम की कई नोटिस के बाद एजेंसी काम को लेकर गंभीर नहीं हुई। इसके बाद आगे की टेंडरिंग और एजेंसी पर जरूरी कार्रवाई करने की औपचारिकताएं शुरू की गई हुई। इसके लिए स्टीमेट बनाने का प्रस्ताव चंडीगढ़ भेजा गया था। विभाग से रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर कार्य को कराने की मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम टेंडर जारी करने जा रहा है। निगम का कहना हैं कि एक-दो दिन में टेंडर ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
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इन इलाकों में होना है काम
नगर निगम ने सूर्या विहार फेज एक व दो, बसंतपुर, नंबरदार काॅलोनी, सरस्वती एन्क्लेव, दीपावली एन्क्लेव, श्याम काॅलोनी, पंचशील, शिव कालोनी, आनंगपुर और एसजीएम नगर समेत अन्य क्षेत्रों में काम करना हैं। इन जगहों पानी की लाइन का आधा-अधूरा काम हुआ है। बीच में कंपनी ने काम छोड़ दिया। इससे लोगों को अब भी पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है। कई जगहों पर लोग ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई हो रही है। काम पूरा करने के लिए नगर निगम पर लोगों का दबाव था।
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पांच जगहों पर बूस्टर बनेंगे
परियोजना में शामिल काॅलोनियों में पानी सप्लाई के लिए पांच बूस्टर बनाए जाने हैं, इसके भी काम अधूरे हैं। निगम के अनुसार सूर्या विहार पार्ट दो में 1500 किलोलीटर क्षमता का बूस्टर बनाया जाएगा। वहीं, पल्ला पुलिस चौकी के पीछे 1150 किलोलीटर, सेक्टर 51 में 1600 किलाेलीटर, अगवानपुर में 170 किलोलीटर व श्याम काॅलोनी में 1450 किलोलीटर क्षमता के बूस्टर बनाए जाएगे। इन जगहों पर रेनीवेल से पानी आने के बाद आसपास की काॅलोनियों में पानी की सप्लाई की जाएगी। निगम के अनुसार बूस्टरों पर करीब 25 से 40 फीसदी तक काम हुए है, शेष काम कराने के लिए टेंडर जारी किया जा रहा है। शहर में रेनीवेल के माध्यम से पानी की सप्लाई होती। कई काॅलोनियों में पानी का पूरा नेटवर्क नहीं बना है।
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काम में गड़बड़ी बरतने का आरोप
बता दें कि अमृत योजना के तहत पानी के बचे कार्य के टेंडरिंग के लिए पाइप डालने के कार्य का मेजरमेंट कराया गया। निगम की टीम ने जांच में पाया गया कि कागजों पर करीब 130 किलोमीटर लाइन का डालने का पैसे ले लिया। जबकि, मौके पर करीब 95 किलोमीटर का काम होना पाया गया। दूसरी ओर करीब पांच करोड़ का ज्यादा पेमेंट ठेकेदार को कर दिया गया है। ऐसे में अभी इस मामले की जांच चल रही है। हालांकि निगम का कहना हैं कि ठेकेदार के पांच करोड़ उसके पास हैं। इस मामले की जांच सीएम फ्लाइंग भी कर रही है।
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कई काॅलोनियों में पेयजल संबंधी कार्य को पूरा करने की मंजूरी विभाग से मिल गई है। इस कार्य को रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर पूरा कराया जाएगा। करीब 32 करोड़ से होने वाले कार्य का टेंडर एक-दो दिन में जारी कर दिया जाएगा। निगम का प्रयास हैं कि बचे कार्य को जल्द पूरा कराया जाए। जिससे क्षेत्र में बेहतर पेयजल आपूर्ति हो सके।
-नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता (अमृत) नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की करीब 10 कॉलोनियों में अधूरी पेयजल परियोजना को सिरे चढ़ाने में नगर निगम जुट गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंजूरी मिलने के बाद निगम करीब 32.22 करोड़ का टेंडर जारी करने जा रहा है। इसमें पानी की लाइन के साथ पांच बूस्टर भी बनेंगे। निगम का प्रयास हैं कि दो माह में काम शुरू करा दिया जाए।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में करीब छह साल पहले नियमित हुई काॅलोनियों में पेयजल लाइन डालने की कार्य योजना नगर निगम ने बनाई थी। इसे लेकर केंद्र सरकार की अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत काम कराया जाना था। अमृत योजना के तहत ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र की काॅलोनियों में पेयजल की पाइप लाइन डालने का ठेका साल 2018 में केबीआर शिल्पा जेवी को दिया गया था। करीब 97 करोड़ से एजेंसी ने साल 2020 में काम को पूरा करना करना था, लेकिन नवंबर 2022 तक बढ़ा दिया गया था। एजेंसी ने इस दौरान डीआई पाइप डालने का काम शुरू किया था, लेकिन बीच में ही काम बंद कर दिया था। निगम की कई नोटिस के बाद एजेंसी काम को लेकर गंभीर नहीं हुई। इसके बाद आगे की टेंडरिंग और एजेंसी पर जरूरी कार्रवाई करने की औपचारिकताएं शुरू की गई हुई। इसके लिए स्टीमेट बनाने का प्रस्ताव चंडीगढ़ भेजा गया था। विभाग से रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर कार्य को कराने की मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम टेंडर जारी करने जा रहा है। निगम का कहना हैं कि एक-दो दिन में टेंडर ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
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इन इलाकों में होना है काम
नगर निगम ने सूर्या विहार फेज एक व दो, बसंतपुर, नंबरदार काॅलोनी, सरस्वती एन्क्लेव, दीपावली एन्क्लेव, श्याम काॅलोनी, पंचशील, शिव कालोनी, आनंगपुर और एसजीएम नगर समेत अन्य क्षेत्रों में काम करना हैं। इन जगहों पानी की लाइन का आधा-अधूरा काम हुआ है। बीच में कंपनी ने काम छोड़ दिया। इससे लोगों को अब भी पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है। कई जगहों पर लोग ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई हो रही है। काम पूरा करने के लिए नगर निगम पर लोगों का दबाव था।
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पांच जगहों पर बूस्टर बनेंगे
परियोजना में शामिल काॅलोनियों में पानी सप्लाई के लिए पांच बूस्टर बनाए जाने हैं, इसके भी काम अधूरे हैं। निगम के अनुसार सूर्या विहार पार्ट दो में 1500 किलोलीटर क्षमता का बूस्टर बनाया जाएगा। वहीं, पल्ला पुलिस चौकी के पीछे 1150 किलोलीटर, सेक्टर 51 में 1600 किलाेलीटर, अगवानपुर में 170 किलोलीटर व श्याम काॅलोनी में 1450 किलोलीटर क्षमता के बूस्टर बनाए जाएगे। इन जगहों पर रेनीवेल से पानी आने के बाद आसपास की काॅलोनियों में पानी की सप्लाई की जाएगी। निगम के अनुसार बूस्टरों पर करीब 25 से 40 फीसदी तक काम हुए है, शेष काम कराने के लिए टेंडर जारी किया जा रहा है। शहर में रेनीवेल के माध्यम से पानी की सप्लाई होती। कई काॅलोनियों में पानी का पूरा नेटवर्क नहीं बना है।
काम में गड़बड़ी बरतने का आरोप
बता दें कि अमृत योजना के तहत पानी के बचे कार्य के टेंडरिंग के लिए पाइप डालने के कार्य का मेजरमेंट कराया गया। निगम की टीम ने जांच में पाया गया कि कागजों पर करीब 130 किलोमीटर लाइन का डालने का पैसे ले लिया। जबकि, मौके पर करीब 95 किलोमीटर का काम होना पाया गया। दूसरी ओर करीब पांच करोड़ का ज्यादा पेमेंट ठेकेदार को कर दिया गया है। ऐसे में अभी इस मामले की जांच चल रही है। हालांकि निगम का कहना हैं कि ठेकेदार के पांच करोड़ उसके पास हैं। इस मामले की जांच सीएम फ्लाइंग भी कर रही है।
कई काॅलोनियों में पेयजल संबंधी कार्य को पूरा करने की मंजूरी विभाग से मिल गई है। इस कार्य को रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर पूरा कराया जाएगा। करीब 32 करोड़ से होने वाले कार्य का टेंडर एक-दो दिन में जारी कर दिया जाएगा। निगम का प्रयास हैं कि बचे कार्य को जल्द पूरा कराया जाए। जिससे क्षेत्र में बेहतर पेयजल आपूर्ति हो सके।
-नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता (अमृत) नगर निगम