{"_id":"6ac69311ab8e06e5a303c6f6","slug":"patients-wife-administered-the-injection-herself-at-bk-hospital-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-82125-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बीके अस्पताल में मरीज की पत्नी ने खुद लगाया इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बीके अस्पताल में मरीज की पत्नी ने खुद लगाया इंजेक्शन
विज्ञापन
आरोप है कि इंजेक्शन लगवाने के लिए उसे अस्पताल में कई बार इधर-उधर भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर महिला ने खुद अपने पति को इंजेक्शन लगाया। महिला का आरोप है कि इंजेक्शन लगवाने के लिए उसे अस्पताल में कई बार इधर-उधर भेजा गया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उसने खुद ही पति को इंजेक्शन लगा दिया।
सुभाष कॉलोनी निवासी कंचन ने बताया कि उनके पति अमरचंद्र गोयल आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें नियमित रूप से एमोपिलिए के इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। उनके अनुसार, वह कई बार पति को इंजेक्शन लगवाने के लिए बीके अस्पताल लेकर आईं, लेकिन कभी एक जगह तो कभी दूसरी जगह भेज दिया जाता है। उनका कहना है कि वह नर्स नहीं हैं, इसके बावजूद अस्पताल में समय पर इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कई बार खुद यह जिम्मेदारी उठानी पड़ी। कंचन ने बताया कि बुधवार को भी काफी इंतजार के बाद उन्होंने पति को खुद इंजेक्शन लगाया। बार-बार ऐसी स्थिति आने के कारण उन्होंने इंजेक्शन लगाना सीख लिया है। उनके बेटे को भी इंजेक्शन लगाना आता है।
उन्होंने बताया कि पति को सप्ताह के दो दिन कई इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। एक इंजेक्शन की कीमत करीब पांच हजार रुपये है और एक बार में 30 से 35 हजार रुपये तक का खर्च आता है। हालांकि, ये इंजेक्शन सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला का आरोप है कि अस्पताल में इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था में देरी और उन्हें इधर-उधर भेजे जाने के कारण उन्हें खुद इंजेक्शन लगाना पड़ा।
विज्ञापन
वर्जन
मामले की जानकारी नहीं है। मरीज की ओर से शिकायत आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विकास गोयल, कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर महिला ने खुद अपने पति को इंजेक्शन लगाया। महिला का आरोप है कि इंजेक्शन लगवाने के लिए उसे अस्पताल में कई बार इधर-उधर भेजा गया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद उसने खुद ही पति को इंजेक्शन लगा दिया।
सुभाष कॉलोनी निवासी कंचन ने बताया कि उनके पति अमरचंद्र गोयल आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें नियमित रूप से एमोपिलिए के इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। उनके अनुसार, वह कई बार पति को इंजेक्शन लगवाने के लिए बीके अस्पताल लेकर आईं, लेकिन कभी एक जगह तो कभी दूसरी जगह भेज दिया जाता है। उनका कहना है कि वह नर्स नहीं हैं, इसके बावजूद अस्पताल में समय पर इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कई बार खुद यह जिम्मेदारी उठानी पड़ी। कंचन ने बताया कि बुधवार को भी काफी इंतजार के बाद उन्होंने पति को खुद इंजेक्शन लगाया। बार-बार ऐसी स्थिति आने के कारण उन्होंने इंजेक्शन लगाना सीख लिया है। उनके बेटे को भी इंजेक्शन लगाना आता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पति को सप्ताह के दो दिन कई इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। एक इंजेक्शन की कीमत करीब पांच हजार रुपये है और एक बार में 30 से 35 हजार रुपये तक का खर्च आता है। हालांकि, ये इंजेक्शन सरकार की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला का आरोप है कि अस्पताल में इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था में देरी और उन्हें इधर-उधर भेजे जाने के कारण उन्हें खुद इंजेक्शन लगाना पड़ा।
विज्ञापन
वर्जन
मामले की जानकारी नहीं है। मरीज की ओर से शिकायत आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विकास गोयल, कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी