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उपचार के दौरान मरीज की मौत, शव न देने पर हंगामा
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फरीदाबाद नीलम चौक स्थित एस्कॉर्ट अस्पताल में विलाप करते मृतक रमेश के परिजन ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। कोतवाली क्षेत्र स्थित एक अस्पताल में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत के बाद रविवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल द्वारा मरीज के उपचार में लापरवाही बरती गई। इससे उसकी मौत हो गई। करीब एक घंटे तक हंगामा करने के बाद परिजन पुलिस के समझाने पर शांत हुए।
मूलरूप से बदरपुर के आली गांव के रहने वाले 67 साल के रमेश सैनी के दिमाग की एक नस में समस्या आने के बाद उन्हें एसी नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने कहा था कि वह बाहर से डॉक्टर बुला कर रमेश सैनी का उपचार कर देंगे। अस्पताल प्रबंधन ने रमेश के परिजन को करीब पांच-छह लाख रुपये खर्च की बात कही थी। आरोप है कि परिजन अब तक छह लाख रुपये से अधिक अस्पताल में जमा करा चुके हैं।
दो दिन से परिजनों को मिलने भी नहीं दिया
दो दिन पहले रमेश सैनी की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टर दो दिन से परिजनों को भी मरीज से मिलने नहीं दे रहे थे। रविवार सुबह करीब चार बजे डॉक्टर ने रमेश सैनी को मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज परिजन ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
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अस्पताल ने शव देने से पहले बकाया 3.53 लाख रुपये जमा कराने के बाद शव देने पर अड़े थे। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया। एक सादे कागज पर समझौतानामा लिखवा कर परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन रमेश सैनी के शव को लेकर चले गए। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है।
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मूलरूप से बदरपुर के आली गांव के रहने वाले 67 साल के रमेश सैनी के दिमाग की एक नस में समस्या आने के बाद उन्हें एसी नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने कहा था कि वह बाहर से डॉक्टर बुला कर रमेश सैनी का उपचार कर देंगे। अस्पताल प्रबंधन ने रमेश के परिजन को करीब पांच-छह लाख रुपये खर्च की बात कही थी। आरोप है कि परिजन अब तक छह लाख रुपये से अधिक अस्पताल में जमा करा चुके हैं।
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दो दिन से परिजनों को मिलने भी नहीं दिया
दो दिन पहले रमेश सैनी की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टर दो दिन से परिजनों को भी मरीज से मिलने नहीं दे रहे थे। रविवार सुबह करीब चार बजे डॉक्टर ने रमेश सैनी को मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज परिजन ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
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अस्पताल ने शव देने से पहले बकाया 3.53 लाख रुपये जमा कराने के बाद शव देने पर अड़े थे। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया। एक सादे कागज पर समझौतानामा लिखवा कर परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन रमेश सैनी के शव को लेकर चले गए। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है।