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Faridabad News: डिजिटल माध्यम से बच्चों की पढ़ाई पर नजर रख सकेंगे अभिभावक
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मोबाइल एप और व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ने का अभियान तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा एक अभियान चलाया जा रहा है। निपुण मिशन के तहत अब विद्यार्थियों के अभिभावकों को डिजिटल माध्यम से सीधे स्कूल और शिक्षकों से जोड़ा जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घर और स्कूल के बीच के तालमेल को मजबूत करना है, ताकि बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ सके।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस पहल के तहत सभी अभिभावकों को शिक्षा विभाग के मोबाइल एप और आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से अनिवार्य रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से अभिभावकों के मोबाइल पर बच्चों की पढ़ाई, स्कूल की दैनिक गतिविधियों, रोजाना मिलने वाले गृहकार्य और उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट से जुड़ी तमाम जानकारियां समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
अक्सर यह देखा जाता है कि काम की व्यस्तता या समय के अभाव के कारण बहुत से अभिभावक नियमित रूप से शिक्षक-अभिभावक बैठक में शामिल नहीं हो पाते थे। इस डिजिटल व्यवस्था के शुरू होने से अब अभिभावक घर बैठे या अपने कार्यस्थल पर ही सिर्फ एक क्लिक के जरिये यह जान सकेंगे कि उनका बच्चा स्कूल में क्या सीख रहा है और किस क्षेत्र में उसे अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
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शिक्षा विभाग की इस तकनीक-अनुकूल और आधुनिक पहल को अध्यापकों द्वारा सराहा जा रहा है। उनका कहना है कि यह कदम न केवल सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा एक अभियान चलाया जा रहा है। निपुण मिशन के तहत अब विद्यार्थियों के अभिभावकों को डिजिटल माध्यम से सीधे स्कूल और शिक्षकों से जोड़ा जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घर और स्कूल के बीच के तालमेल को मजबूत करना है, ताकि बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ सके।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस पहल के तहत सभी अभिभावकों को शिक्षा विभाग के मोबाइल एप और आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से अनिवार्य रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से अभिभावकों के मोबाइल पर बच्चों की पढ़ाई, स्कूल की दैनिक गतिविधियों, रोजाना मिलने वाले गृहकार्य और उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट से जुड़ी तमाम जानकारियां समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
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अक्सर यह देखा जाता है कि काम की व्यस्तता या समय के अभाव के कारण बहुत से अभिभावक नियमित रूप से शिक्षक-अभिभावक बैठक में शामिल नहीं हो पाते थे। इस डिजिटल व्यवस्था के शुरू होने से अब अभिभावक घर बैठे या अपने कार्यस्थल पर ही सिर्फ एक क्लिक के जरिये यह जान सकेंगे कि उनका बच्चा स्कूल में क्या सीख रहा है और किस क्षेत्र में उसे अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
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शिक्षा विभाग की इस तकनीक-अनुकूल और आधुनिक पहल को अध्यापकों द्वारा सराहा जा रहा है। उनका कहना है कि यह कदम न केवल सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने में भी मील का पत्थर साबित होगा।