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Faridabad News: चार दिन में 55 हजार से अधिक लोग पहुंचे, दो करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली मेले में इस बार लोगों का रुझान बढ़ा है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार मेले में अधिक लोग पहुंचे और खरीदारी के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। चार दिनों में 55 हजार से अधिक लोग मेले में पहुंचे, जबकि वर्ष 2025 में करीब 40 हजार लोगों ने मेले का आनंद लिया था।
आयोजकों के अनुमान के अनुसार, इस बार मेले में करीब दो करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना है। मेले में खरीदारी के साथ ढोल-नगाड़ों की धुन पर थिरकते लोगों ने उत्सव के माहौल को और खास बना दिया। मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इन पर देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और कारोबारियों ने हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं, मिट्टी के बर्तनों, आभूषणों और दिवाली में घर सजाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया। रंग-बिरंगे सजावटी सामान और पारंपरिक उत्पाद लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। दिल्ली से घर सजाने और दिवाली के सजावटी सामान लेकर पहुंचीं भारती ने बताया कि उन्हें इस बार उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया मिली। उनके अनुसार, कारोबार से करीब डेढ़ लाख रुपये का मुनाफा हुआ है। बुलंदशहर से टेराकोटा और चिकनी मिट्टी के बर्तन लेकर आए दिनेश सैनी ने बताया कि उनके उत्पादों की मांग अच्छी रही और लगभग पूरा सामान बिक गया। गाजियाबाद से महिलाओं के आभूषण और कीमती स्टोन से बने गहने लेकर पहुंचे असलम भी बिक्री से संतुष्ट नजर आए।
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फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली मेले में इस बार लोगों का रुझान बढ़ा है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार मेले में अधिक लोग पहुंचे और खरीदारी के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। चार दिनों में 55 हजार से अधिक लोग मेले में पहुंचे, जबकि वर्ष 2025 में करीब 40 हजार लोगों ने मेले का आनंद लिया था।
आयोजकों के अनुमान के अनुसार, इस बार मेले में करीब दो करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना है। मेले में खरीदारी के साथ ढोल-नगाड़ों की धुन पर थिरकते लोगों ने उत्सव के माहौल को और खास बना दिया। मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इन पर देश के विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों और कारोबारियों ने हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं, मिट्टी के बर्तनों, आभूषणों और दिवाली में घर सजाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया। रंग-बिरंगे सजावटी सामान और पारंपरिक उत्पाद लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। दिल्ली से घर सजाने और दिवाली के सजावटी सामान लेकर पहुंचीं भारती ने बताया कि उन्हें इस बार उम्मीद से बेहतर प्रतिक्रिया मिली। उनके अनुसार, कारोबार से करीब डेढ़ लाख रुपये का मुनाफा हुआ है। बुलंदशहर से टेराकोटा और चिकनी मिट्टी के बर्तन लेकर आए दिनेश सैनी ने बताया कि उनके उत्पादों की मांग अच्छी रही और लगभग पूरा सामान बिक गया। गाजियाबाद से महिलाओं के आभूषण और कीमती स्टोन से बने गहने लेकर पहुंचे असलम भी बिक्री से संतुष्ट नजर आए।
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