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Faridabad News: जिले में पुराने डीजल वाहन पूर्णरूप से प्रतिबंधित
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पलवल। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से हरियाणा परिवहन आयुक्त कार्यालय ने पुराने डीजल वाहनों पर बड़ा निर्णय लिया है। आदेश के अनुसार बीएस-तीन और बीएस-चार श्रेणी के डीजल वाहनों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। यह प्रतिबंध जिला पलवल सहित हरियाणा के सभी एनसीआर जिलों में प्रभावी रहेगा।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि अब केवल बीएस-छह मानक वाले डीजल, सीएनजी, एलएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन ही दिल्ली और एनसीआर क्षेत्रों में प्रवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही 1 नवंबर से दिल्ली में पुराने वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों (हल्के, मध्यम और भारी) का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, सब्जियां, दवाइयां और अन्य जरूरी सेवाओं की आपूर्ति करने वाले गैर बीएस-छह वाहनों को 31 अक्तूबर 2026 तक अस्थायी छूट दी गई है। इसके बाद केवल सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-छह डीजल वाहनों से ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति संभव होगी। उपायुक्त ने वाहन मालिकों, परिवहन संचालकों और लॉजिस्टिक एजेंसियों से अपील की है कि वे आदेशों का सख्ती से पालन करें। संवाद
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उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि अब केवल बीएस-छह मानक वाले डीजल, सीएनजी, एलएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन ही दिल्ली और एनसीआर क्षेत्रों में प्रवेश कर सकेंगे। इसके साथ ही 1 नवंबर से दिल्ली में पुराने वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों (हल्के, मध्यम और भारी) का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, सब्जियां, दवाइयां और अन्य जरूरी सेवाओं की आपूर्ति करने वाले गैर बीएस-छह वाहनों को 31 अक्तूबर 2026 तक अस्थायी छूट दी गई है। इसके बाद केवल सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-छह डीजल वाहनों से ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति संभव होगी। उपायुक्त ने वाहन मालिकों, परिवहन संचालकों और लॉजिस्टिक एजेंसियों से अपील की है कि वे आदेशों का सख्ती से पालन करें। संवाद
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