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Faridabad News: जिले के प्राथमिक विद्यालयों में होगी निपुण रामलीला
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बच्चों की झिझक दूर करने के साथ भाषा और संवाद कौशल को बेहतर बनाना है उद्देश्य
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को अब पढ़ाई के साथ मंच पर बोलने और अपनी बात रखने का भी अभ्यास कराया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में निपुण रामलीला आयोजित करने की पहल की गई है।
इसके तहत बच्चे रामलीला के पात्रों के संवाद खुद बोलेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों की झिझक दूर करने के साथ भाषा और संवाद कौशल को बेहतर बनाना है। जिले के प्राइमरी स्कूलों में भी इस गतिविधि की तैयारी की जाएगी। इसमें पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार छोटे-छोटे संवाद दिए जाएंगे। संवादों में हिंदी के साथ आसान अंग्रेजी शब्दों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बच्चों को बोलने और नए शब्दों को समझने का अवसर मिलेगा। रामलीला की तैयारी के दौरान शिक्षक बच्चों को संवाद याद कराने के साथ उनके उच्चारण और प्रस्तुति पर भी काम करेंगे। बच्चों को समूह में अभ्यास कराया जाएगा। विभाग की योजना के अनुसार स्कूल स्तर पर होने वाली प्रस्तुतियों के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को अगले स्तर के लिए चुना जाएगा। निपुण अभियान के जिला समन्वयक मनमोहन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में पढ़ने और बोलने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कक्षा में सवालों के जवाब देने और अपनी बात रखने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। छह नवंबर तक निपुण रामलीला का मंचन किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को अब पढ़ाई के साथ मंच पर बोलने और अपनी बात रखने का भी अभ्यास कराया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में निपुण रामलीला आयोजित करने की पहल की गई है।
इसके तहत बच्चे रामलीला के पात्रों के संवाद खुद बोलेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों की झिझक दूर करने के साथ भाषा और संवाद कौशल को बेहतर बनाना है। जिले के प्राइमरी स्कूलों में भी इस गतिविधि की तैयारी की जाएगी। इसमें पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार छोटे-छोटे संवाद दिए जाएंगे। संवादों में हिंदी के साथ आसान अंग्रेजी शब्दों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बच्चों को बोलने और नए शब्दों को समझने का अवसर मिलेगा। रामलीला की तैयारी के दौरान शिक्षक बच्चों को संवाद याद कराने के साथ उनके उच्चारण और प्रस्तुति पर भी काम करेंगे। बच्चों को समूह में अभ्यास कराया जाएगा। विभाग की योजना के अनुसार स्कूल स्तर पर होने वाली प्रस्तुतियों के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को अगले स्तर के लिए चुना जाएगा। निपुण अभियान के जिला समन्वयक मनमोहन ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों में पढ़ने और बोलने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कक्षा में सवालों के जवाब देने और अपनी बात रखने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। छह नवंबर तक निपुण रामलीला का मंचन किया जाएगा।
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