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एनजीटी ने दिए आदेश, अधिकारियों के वेतन से हो हर्जाने की भरपाई
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फरीदाबाद। सेक्टर-48 में गंदे पानी जमा होने के मामले में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने पर्यावरण को हुए नुकसान की एवज में जमा करवाए 1.65 करोड़ रुपये की भरपाई जिम्मेदार 31 अधिकारियों के वेतन से करने को कहा है। प्राधिकरण ने इसका उल्लेख उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में भी करने के आदेश दिए हैं।
इस मामले में एनजीटी ने नगर निगम पर पहले 50 लाख रुपये जुर्माना लगाया था और उसके बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट के बाद पर्यावरण व भूजल को हुए नुकसान की एवज में 1.65 करोड़ रुपये हर्जाने के तौर पर जमा करवाने के आदेश दिए थे। निगम ने विगत 22 जनवरी को हर्जाने का ड्राफ्ट जमा करवाया।
पिछले पांच साल से सेक्टर 48 स्थित खाली प्लॉट में सीवर का पानी जमा था। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और बाद में नगर निगम को सेक्टर स्थानांतरित होने पर निगम अधिकारियों के चक्कर लगाए, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर स्थानीय लोगों ने 17 सितंबर 2018 को एनजीटी में याचिका दायर की, जिसके बाद एनजीटी ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
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एनजीटी ने इस मामले में निगम की लापरवाही मानते हुए 50 लाख रुपये का जुर्माना कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के भी आदेश दिए थे। निगम ने समस्या का समाधान कर इसकी रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल की और साथ ही नगर निगम के सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों समेत मौजूदा 31 अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
प्राधिकरण ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को भी कहा था। सीपीसीबी की रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने पर्यावरण को हुए नुकसान की एवज में निगम को 1.65 करोड़ रुपये का हर्जाना देने के लिए भी कहा, जिसे विगत 22 जनवरी को निगम ने जमा करवा दिया। 22 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान हुई कार्रवाई की प्रति सोमवार को निगम मुख्यालय में पहुंची। उसमें प्राधिकरण ने निगम को आदेश दिए हैं कि हर्जाने के तौर पर जमा करवाए गए 1.65 करोड़ रुपये लापरवाह अधिकारियों के वेतन से वसूले जाएं और उनकी एसीआर में भी इसका उल्लेख किया जाए।
इन अधिकारियों को चार्जशीट के लिए लिखा सरकार को
एनजीटी के आदेश पर निगम ने जिन अफसरों के खिलाफ चार्जशीट करने के लिए सरकार को पत्र भेज रखा है, उनमें तत्कालीन मुख्य अभियंता डीआर भास्कर, ओपी गोयल, बीएस सिंगरोहा, अधीक्षक अभियंता बीरेंद्र कर्दम, कार्यकारी अभियंता रमन शर्मा, दीपक किंगर, प्रेमराज सिंह, श्याम सिंह, विजय सिंह ढाका, रवि शर्मा व एसडीओ नवल सिंह, खेमचंद, राजेश शर्मा विनोद मित्तल, सुरेंद्र खट्टर आदि शामिल हैं।
एनजीटी ने 22 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद अब आदेश आए हैं। प्राधिकरण ने अपने आदेश में लिखा है कि हर्जाने के रूप में जमा करवाई गई राशि जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए। प्राधिकरण के आदेशों को उच्च अधिकारियों को बता दिए गए हैं। आगे की कार्रवाई उन्होंने करनी है। - अमरनाथ, जिला न्यायवादी, नगर निगम फरीदाबाद
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इस मामले में एनजीटी ने नगर निगम पर पहले 50 लाख रुपये जुर्माना लगाया था और उसके बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट के बाद पर्यावरण व भूजल को हुए नुकसान की एवज में 1.65 करोड़ रुपये हर्जाने के तौर पर जमा करवाने के आदेश दिए थे। निगम ने विगत 22 जनवरी को हर्जाने का ड्राफ्ट जमा करवाया।
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पिछले पांच साल से सेक्टर 48 स्थित खाली प्लॉट में सीवर का पानी जमा था। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और बाद में नगर निगम को सेक्टर स्थानांतरित होने पर निगम अधिकारियों के चक्कर लगाए, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर स्थानीय लोगों ने 17 सितंबर 2018 को एनजीटी में याचिका दायर की, जिसके बाद एनजीटी ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
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एनजीटी ने इस मामले में निगम की लापरवाही मानते हुए 50 लाख रुपये का जुर्माना कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के भी आदेश दिए थे। निगम ने समस्या का समाधान कर इसकी रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल की और साथ ही नगर निगम के सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों समेत मौजूदा 31 अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
प्राधिकरण ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को भी कहा था। सीपीसीबी की रिपोर्ट के बाद एनजीटी ने पर्यावरण को हुए नुकसान की एवज में निगम को 1.65 करोड़ रुपये का हर्जाना देने के लिए भी कहा, जिसे विगत 22 जनवरी को निगम ने जमा करवा दिया। 22 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान हुई कार्रवाई की प्रति सोमवार को निगम मुख्यालय में पहुंची। उसमें प्राधिकरण ने निगम को आदेश दिए हैं कि हर्जाने के तौर पर जमा करवाए गए 1.65 करोड़ रुपये लापरवाह अधिकारियों के वेतन से वसूले जाएं और उनकी एसीआर में भी इसका उल्लेख किया जाए।
इन अधिकारियों को चार्जशीट के लिए लिखा सरकार को
एनजीटी के आदेश पर निगम ने जिन अफसरों के खिलाफ चार्जशीट करने के लिए सरकार को पत्र भेज रखा है, उनमें तत्कालीन मुख्य अभियंता डीआर भास्कर, ओपी गोयल, बीएस सिंगरोहा, अधीक्षक अभियंता बीरेंद्र कर्दम, कार्यकारी अभियंता रमन शर्मा, दीपक किंगर, प्रेमराज सिंह, श्याम सिंह, विजय सिंह ढाका, रवि शर्मा व एसडीओ नवल सिंह, खेमचंद, राजेश शर्मा विनोद मित्तल, सुरेंद्र खट्टर आदि शामिल हैं।
एनजीटी ने 22 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद अब आदेश आए हैं। प्राधिकरण ने अपने आदेश में लिखा है कि हर्जाने के रूप में जमा करवाई गई राशि जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए। प्राधिकरण के आदेशों को उच्च अधिकारियों को बता दिए गए हैं। आगे की कार्रवाई उन्होंने करनी है। - अमरनाथ, जिला न्यायवादी, नगर निगम फरीदाबाद