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Faridabad News: प्रदूषण नियंत्रण के लिए फरीदाबाद में सड़कों का नया आरसीसी मॉडल लागू
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक इकाइयों, तेज रफ्तार शहरीकरण और लगातार बढ़ते ट्रैफिक के दबाव से जूझ रहे फरीदाबाद में अब प्रदूषण नियंत्रण और शहरी ढांचे को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीपीक्यूएम व जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में बताया गया कि जिले का प्रदूषण की रिपोर्ट हर 15 दिन में पीएमओ कार्यालय भेजा जाएगा वहीं सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए सड़क किनारे जगह कच्ची नहीं छोड़ी जाएगी। फरीदाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्रमुख औद्योगिक शहर है लंबे समय से धूल और वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। सर्दियों में एक्यूआई अक्सर गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाता है। शहर में निर्माण कार्य, कच्चे सड़क किनारे, टूटे फुटपाथ और खाली प्लॉट से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का बड़ा कारण माने जाते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अब सड़क निर्माण के मॉडल में बड़ा बदलाव किया गया है।
बैठक में सीपीक्यूएम की तरफ से सड़क को पूरा पक्का बनाने के साथ किनारों पर जगह न छोड़ने के निर्देश दिए गए वहीं साथ में सड़क के किनारे टाइल्स लगाने की भी बात कही गई वहीं अधिकारियों ने टाइल्स के स्थान पर सड़कों के दोनों किनारों को भी आरसीसी से पक्का करने की बात पर सहमति जताई गई। अधिकारियों का कहना था कि कच्ची टाइल्स अधिक लोड नहीं झेल पाती व कम समय में टूट जाती है इससे धूल मिट्टी उड़ने की संभावना अधिक है। अधिकारियों का मानना है कि इससे वाहनों के गुजरने पर उड़ने वाली धूल में कमी आएगी और बार-बार मरम्मत की जरूरत भी घटेगी। एचएसवीपी के अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया का कहना है कि सड़कों के दोनों किनारे पर कच्ची पट्टी नहीं छोड़ी जाएगी। प्रदूषण को रोकने के लिए अब सड़क को दोनों तरफ से पक्का बनाया जाएगा।
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फरीदाबाद। औद्योगिक इकाइयों, तेज रफ्तार शहरीकरण और लगातार बढ़ते ट्रैफिक के दबाव से जूझ रहे फरीदाबाद में अब प्रदूषण नियंत्रण और शहरी ढांचे को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीपीक्यूएम व जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में बताया गया कि जिले का प्रदूषण की रिपोर्ट हर 15 दिन में पीएमओ कार्यालय भेजा जाएगा वहीं सड़कों पर उड़ने वाली धूल को कम करने के लिए सड़क किनारे जगह कच्ची नहीं छोड़ी जाएगी। फरीदाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का प्रमुख औद्योगिक शहर है लंबे समय से धूल और वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। सर्दियों में एक्यूआई अक्सर गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाता है। शहर में निर्माण कार्य, कच्चे सड़क किनारे, टूटे फुटपाथ और खाली प्लॉट से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का बड़ा कारण माने जाते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अब सड़क निर्माण के मॉडल में बड़ा बदलाव किया गया है।
बैठक में सीपीक्यूएम की तरफ से सड़क को पूरा पक्का बनाने के साथ किनारों पर जगह न छोड़ने के निर्देश दिए गए वहीं साथ में सड़क के किनारे टाइल्स लगाने की भी बात कही गई वहीं अधिकारियों ने टाइल्स के स्थान पर सड़कों के दोनों किनारों को भी आरसीसी से पक्का करने की बात पर सहमति जताई गई। अधिकारियों का कहना था कि कच्ची टाइल्स अधिक लोड नहीं झेल पाती व कम समय में टूट जाती है इससे धूल मिट्टी उड़ने की संभावना अधिक है। अधिकारियों का मानना है कि इससे वाहनों के गुजरने पर उड़ने वाली धूल में कमी आएगी और बार-बार मरम्मत की जरूरत भी घटेगी। एचएसवीपी के अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया का कहना है कि सड़कों के दोनों किनारे पर कच्ची पट्टी नहीं छोड़ी जाएगी। प्रदूषण को रोकने के लिए अब सड़क को दोनों तरफ से पक्का बनाया जाएगा।
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