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Faridabad News: हवाला कारोबारी के कर्मचारी का अपहरण कर 50 लाख रुपये लूट के मामले में सामने आई जांच अधिकारी की लापरवाही

Sun, 19 Apr 2026 12:26 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:26 AM IST
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Negligence of the investigating officer has come to light in the case of kidnapping of a hawala dealer's employee and looting of Rs 50 lakh.
दो आरोपियों के पिता को गिरफ्तार कर उनसे 5 हजार रुपये बरामदगी दिखाई, फिर दे दी उन्हें क्लीन चिट
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जांच अधिकारी की लापरवाही से दो लोगों को 1 महीने तक जेल में रहना पड़ा
अदालत ने मामले में कड़ी निंदा की और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त को आदेश की कॉपी भेजी

सोनू यादव
फरीदाबाद। दिल्ली के हवाला कारोबारी के कर्मचारी को कैब रुकवा अपहरण कर 50 लाख रुपये लूट मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में एक आरोपी मंजीत की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत में सामने आया कि आरोपी मंजीत व सुबोध की गिरफ्तारी से पहले जांच अधिकारी ने उनके पिता कालेश्वर और सुबोध को गिरफ्तार किया। इतना ही नहीं, कालेश्वर और सुबोध से 5 हजार रुपये बरामद करना दिखाकर उन्हें जेल भेज दिया।
अदालत ने कहा कि ये हैरान करने वाला तथ्य है कि एक महीने बाद जांच अधिकारी ने कालेश्वर और सुबोध को केस से डिस्चार्ज कर दिया। इसके पीछे कारण बताया कि इनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं पाया गया। अदालत ने कहा कि ये साफ दर्शाता है कि जांच अधिकारी ने सही तरीके से जांच नहीं की और आरोपियों पर प्रेशर बनाने के लिए उनके पिता को गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारी की इस लापरवाही के चलते कालेश्वर और सुबोध को बगैर किसी गलती के 1 महीने तक जेल में रहना पड़ा।
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अदालत ने ये भी कहा कि ये तथ्य जरूर ही पुलिस के उन वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में भी होंगे, जो इस केस को सुपरवाइज कर रहे हैं। इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और वो केस की जांच आगे करता रहा। अदालत ने आदेश की कॉपी फरीदाबाद पुलिस आयुक्त को भेजने के भी निर्देश दिए ताकि जांच अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई कर अदालत को भी सूचना दी जाए।
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सेक्टर-31 थाना में ये एफआईआर 9 सितंबर 2025 को दर्ज हुई। मामले में पुलिस को शिकायत सेक्टर-88 निवासी उबर कैब चालक अंकित ने दी। शिकायत में कहा गया कि 8 सितंबर की शाम को उबर कंपनी की ऐप से एक लोकेशन सवारी पिक करने के लिए मिली। सवारी उपेंद्र को एसआरएस इलाके से पिक कर दिल्ली चांदनी चौक के लिए चल दिया। बड़खल फ्लाईओवर से थोड़ा आगे दिल्ली-मथुरा हाईवे पर ही कैब पहुंची थी कि काले रंग की किआ सोनेट कार आई और ओवरटेक कर कैब के आगे कार लगा रुकवा लिया।
कार से तीन युवक उतरे और जबरन कैब के लॉक खुलवाकर पीछे वाली खिड़की खोलकर सवारी ओपेंदर को से बाहर उतार लिया। एक आरोपी ने कैब से उसका बैग भी निकाल लिया। फिर जबरन उसे गाड़ी में डालकर आरोपी अपहरण कर ले गए। कैब चालक ने दो आरोपियों को पहचान लिया, जिनके नाम बल्लभगढ़ निवासी मोनू व सुमित बताए गए।

पुलिस की जांच में सामने आया कि दिल्ली के हवाला कारोबारी तारा चौधरी के ऑफिस में उपेंद्र काम करता था। तारा चौधरी के कहने पर ही उपेंद्र फरीदाबाद से 50 लाख रुपये नकद लेकर दिल्ली जा रहा था कि रास्ते में लूट हो गई। जांच में ये भी पता चला कि तारा चौधरी के पास काम करने वाले एस बख्शी ने ही रुपयों की ये टिप एक आरोपी विनीत को दी और लोकेशन भी बताई। विनीत ने अपने साथ रविश, अजीत, उमरेश, मंजीत व सुमित को साजिश में शामिल कर वारदात की। वारदात के लिए इनमें से 4 आरोपी अजीत, उमरेश, मंजीत व सुमित गए थे।
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