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Faridabad News: औद्योगिक नगरी के एमएसएमई सेक्टर को मिली बूस्टर डोज

Tue, 23 Jul 2024 10:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2024 10:27 PM IST
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MSME sector of industrial city got booster dose
मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की गई, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 100 करोड़ का अतिरिक्त फंड
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छोटे और मध्यम उद्योगों को आगे बढ़ने में आसानी होगी
30 हजार छोटे-बड़े उद्योग है कलपुर्जों की नगरी फरीदाबाद में





धनंजय चौहान

फरीदाबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में पेश किए आम बजट में एमएसएमई सेक्टर को बूस्टर डोज दी है। एमएसएमई सेक्टर में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 100 करोड़ का अतिरिक्त फंड बनाने की घोषणा की है। इससे फरीदाबाद के एमएसएमई सेक्टर को रफ्तार मिलेगी। छोटे और मध्यम उद्योगों को आगे बढ़ने में आसानी होगी।

कलपुर्जों की नगरी फरीदाबाद में छोटे-बड़े करीब 30 हजार उद्योग हैं। इनमें जेसीबी, एस्कॉर्ट्स-कुबेटा, जेबीएम, हिंदुस्तान सीरिंज, डिस्पोसेफ, साईं एक्सपोर्ट, महिंद्रा डिफेंस सिस्टम, लखानी फुटवेयर, यामाहा मोटर, एचसीएल, एसीई व अर्थमूवर, क्रेन और ट्रैक्टर बनाने वाले उद्योगों के साथ-साथ हजारों की संख्या में विभिन्न प्रकार की कार, ट्रक, कैंटर और दोपहिया वाहनों के पुर्जे बनाने वाली कंपनियां हैं।
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यहां रक्षा क्षेत्र से जुड़ी बुलेट प्रूफ जैकेट, रक्षा साजो सामान बनाने वाली कंपनियों के साथ गारमेंट निर्यात की करीब 500 बड़ी कंपनियां हैं। कोरोना महामारी के कारण पिछले चार वर्ष से उद्योग कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। बैंकों से आसानी से मिलने वाली लोन प्रक्रिया में काफी सुधार के बावजूद अभी कई तरह की अड़चनें बरकरार हैं। उद्योग अभी भी ऑडिट के फेर में फंसे रहते। इससे उद्यमियों को काफी दिक्कत होती। कारों पर अभी 28 प्रतिशत जीएसटी है। इसमें सुधार की उम्मीद थी। फरीदाबाद की दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एफएनजी परियोजना और गुरुग्राम-फरीदाबाद के बीच मेट्रो परियोजना की दरकार थी।
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वहीं, नौकरीपेशा लोग 10 लाख तक छूट सीमा की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन बजट सत्र में शहरवासियों को सरकार से निराशा हाथ लगी। मंगलवार को पेश किए गए बजट में छोटे, लघु और बड़े उद्योगों के लिए काफी कुछ मिला। सरकार के एमएसएमई सेक्टर में मुद्रा लोन की सीमा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना शुरू करने की घोषणा की गई जिससे एमएसएमई को मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए बिना किसी कागजी कार्रवाई और और गारंटी के टर्म लोन की सुविधा देने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। यह गारंटी फंड 100 करोड़ रुपये तक की गारंटी प्रदान करेगा। वहीं सिडबी की पहुंच बढ़ाने के लिए अगले 3 साल में देश में 24 नई ब्रांच खोली जाएंगी। इससे औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। उद्यमियों ने इसे सरकार का एक सकारात्मक कदम करार दिया है।




एक नजर में उद्योग



- कुल कारोबार करीब 27 हजार करोड़ रुपये सालाना



- बड़े मध्यम दर्जे के उद्योग करीब 1100



- लघु उद्योग लगभग 22000



- बहुराष्ट्रीय कंपनियां करीब 30



- निर्यातक कंपनियां करीब 500



- रोजगार : प्रत्यक्ष लगभग 5 लाख



- अप्रत्यक्ष लगभग 3 लाख




एक महीने की सैलरी एडवांस देने की घोषणा अच्छा कदम



आम बजट में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा लोन की सीमा बढ़ाई गई। बेरोजगारी को कम करने के लिए एक महीने की सैलरी एडवांस देने की घोषणा एक अच्छा कदम है। इसके अलावा 500 बड़े उद्योगों को स्टाइपेंड मिलेगा। वर्किंग वूमन के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा से दूसरे राज्यों से यहां आकर नौकरी करनी वाली महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। विश्वास से विश्वास स्कीम के तहत उद्यमियों को कोर्ट के चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा।
- तरुण गुप्ता, सीए


उद्यमियों से बातचीत
लघु और मध्यम उद्योगों के लिए काफी राहत भरा बजट है। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। नई कंपनियां निवेश के लिए आगे आएंगी।
- वीरेंद्र मेहता, निदेशक, सुप्रीम हाइड्रोलिक


उद्योगों के लिए सरकार ने बजट में बहुत कुछ दिया है। मुद्रा लोन सीमा 20 लाख तक कर दी गई है। छोटे उद्योगों की रेटिंग के लिए नई क्रेडिट रेटिंग बनाई जाएगी। बड़ी कंपनियों के ट्रेड प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण से भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी।
- राजीव चावला, अध्यक्ष, आईएमएसएमई ऑफ इंडिया


बड़े उद्योगों से समय पर भुगतान में काफी समस्या होती है। कई बार छह-छह महीने भुगतान नहीं करते हैं। ट्रेड प्लेटफाॅर्म पर पंजीकरण से काफी सहूलियत मिलेगी।
-धीरज भूटानी, एमडी, हाईफिट इंजीनियर, सेक्टर-58


अच्छा बजट है, इससे उद्योगों को गति मिलेगी। बैंक से बिना दस्तावेज जल्दी लोन मिलने से कंपनी में खरीदी जाने वाली मशीनरी जैसे कार्य में तेजी आएगी।
-केसी शर्मा, न्यूटेक मेडिकल डिवाइसेज प्राइवेट लिमिटेड




मुद्रा लोन मिलने में अभी कई प्रकार की अड़चने हैं। बैंक में कागजी कार्रवाई बहुत ज्यादा है। आसानी से लोन मिलना अभी आसान नहीं है। बजट में की गई घोषणा से राहत मिलेगी।

-देवा साहू, उद्यमी


संसद में पेश किए गया बजट दूरदर्शी और प्रगतिशील है। इससे देश की समग्र आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। यह 2030 तक 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला है।
- राजीव नाथ, फोरम काॅर्डिनेटर, इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री
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