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Faridabad News: मां ने बेटे की कस्टडी के लिए लगाई महिला आयोग में गुहार
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सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने की जन-सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा राज्य महिला आयोग की जन-सुनवाई आयोजित हुई। आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया ने इस दौरान जिले की महिलाओं की ओर से दर्ज कराई गईं शिकायतों पर सुनवाई की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिनमें दो मामले ऐसे थे जिनमें बच्चों की कस्टडी को लेकर मां ने महिला आयोग के आगे गुहार लगाई। वहीं दो मामले शादी के बाद विदेश से वापस न आने के थे।
अवैध संबंध के चलते पति से हुई अलग, बेटे की कस्टडी के लिए लगाई गुहार
सबसे चर्चित मामला सेक्टर-11 निवासी ज्योति का रहा। ज्योति ने अपने पति इशान पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनका अवैध संबंध होने के चलते उन्होंने अपने बेटे सहित मायके में रहना शुरू कर दिया। जब उन्होंने पति से अलग होने की बात कही तो इशान ने उनसे 1.5 करोड़ रुपये की मांग की। आरोप है कि रकम पूरी न करने पर उन्होंने तीन वर्षीय बेटे की कस्टडी देने से इनकार कर दिया और ज्योति के पिता की भी गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, इशान पर पत्नी की गाड़ी बेचने के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप लगाया गया। वहीं इशान ने पलटवार करते हुए अपनी पत्नी पर अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया। पूरे प्रकरण को देखते हुए आयोग ने मामले को अदालत को सौंपने के निर्देश दिए।
शादी के बाद विदेश से कभी वापस नहीं लौटा पति
इसी सुनवाई में सेक्टर-10 की गुंजन चावला का मामला भी सामने आया। गुंजन ने बताया कि उनके एनआरआई पति कार्तिक ने शादी के समय उन्हें विदेश ले जाने का वादा किया था, लेकिन शादी के बाद वे विदेश चले गए और एक वर्ष बीतने के बावजूद वापस नहीं लौटे। इस तरह का एक मामला कुरुक्षेत्र की पूजा का भी था। पर महिला आयोग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी करने और पेश होने के आदेश दिए।
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हर रविवार दादा-दादी से मिल सकते हैं बच्चे
इसके अलावा हिसार निवासी पूजा ने ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पूजा का कहना था कि कोरोना काल में उनके पति की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनके सास-ससुर ने उन्हें अलग कर दिया। अब वे उनके दो बच्चों में से बेटे की कस्टडी मांग रहे हैं। महिला आयोग ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि दोनों बच्चे हर रविवार को दादा-दादी से मिल सकते हैं, परंतु उनकी परवरिश की जिम्मेदारी मां पूजा के पास ही रहेगी।
महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया ने बताया कि इस जन-सुनवाई में कुल 42 मामले सामने आए, जिनमें घरेलू हिंसा, अवैध संबंध, संपत्ति विवाद और बच्चों की कस्टडी से जुड़े मामले प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं की शिकायतों पर गंभीरता से काम कर रहा है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के सभागार में हरियाणा राज्य महिला आयोग की जन-सुनवाई आयोजित हुई। आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया ने इस दौरान जिले की महिलाओं की ओर से दर्ज कराई गईं शिकायतों पर सुनवाई की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिनमें दो मामले ऐसे थे जिनमें बच्चों की कस्टडी को लेकर मां ने महिला आयोग के आगे गुहार लगाई। वहीं दो मामले शादी के बाद विदेश से वापस न आने के थे।
अवैध संबंध के चलते पति से हुई अलग, बेटे की कस्टडी के लिए लगाई गुहार
सबसे चर्चित मामला सेक्टर-11 निवासी ज्योति का रहा। ज्योति ने अपने पति इशान पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उनका अवैध संबंध होने के चलते उन्होंने अपने बेटे सहित मायके में रहना शुरू कर दिया। जब उन्होंने पति से अलग होने की बात कही तो इशान ने उनसे 1.5 करोड़ रुपये की मांग की। आरोप है कि रकम पूरी न करने पर उन्होंने तीन वर्षीय बेटे की कस्टडी देने से इनकार कर दिया और ज्योति के पिता की भी गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, इशान पर पत्नी की गाड़ी बेचने के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप लगाया गया। वहीं इशान ने पलटवार करते हुए अपनी पत्नी पर अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया। पूरे प्रकरण को देखते हुए आयोग ने मामले को अदालत को सौंपने के निर्देश दिए।
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शादी के बाद विदेश से कभी वापस नहीं लौटा पति
इसी सुनवाई में सेक्टर-10 की गुंजन चावला का मामला भी सामने आया। गुंजन ने बताया कि उनके एनआरआई पति कार्तिक ने शादी के समय उन्हें विदेश ले जाने का वादा किया था, लेकिन शादी के बाद वे विदेश चले गए और एक वर्ष बीतने के बावजूद वापस नहीं लौटे। इस तरह का एक मामला कुरुक्षेत्र की पूजा का भी था। पर महिला आयोग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी करने और पेश होने के आदेश दिए।
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हर रविवार दादा-दादी से मिल सकते हैं बच्चे
इसके अलावा हिसार निवासी पूजा ने ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पूजा का कहना था कि कोरोना काल में उनके पति की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनके सास-ससुर ने उन्हें अलग कर दिया। अब वे उनके दो बच्चों में से बेटे की कस्टडी मांग रहे हैं। महिला आयोग ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि दोनों बच्चे हर रविवार को दादा-दादी से मिल सकते हैं, परंतु उनकी परवरिश की जिम्मेदारी मां पूजा के पास ही रहेगी।
महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया ने बताया कि इस जन-सुनवाई में कुल 42 मामले सामने आए, जिनमें घरेलू हिंसा, अवैध संबंध, संपत्ति विवाद और बच्चों की कस्टडी से जुड़े मामले प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं की शिकायतों पर गंभीरता से काम कर रहा है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।