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Faridabad News: 300 कर्मचारियों के खाते से पैसे काटे और पीएफ में जमा नहीं कराए
Tue, 19 Mar 2024 11:14 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:14 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से करीब 300 कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करने वाली चार कंपनियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। जिससे कंपनी संचालकों से कानूनी प्रक्रिया से बकाया राशि की वसूली की जा सके। इन पर एक करोड़ से अधिक का पीएफ बकाया है।
औद्योगिक नगरी छोटी-बड़ी करीब 28 हजार कंपनियां हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत कंपनियों को हर माह कर्मचारी के वेतन का 12 फीसदी हिस्सा ईपीएफओ में जमा करना होता है।
इतना ही पैसा नियोक्ता की तरफ से भी उसी खाते में जमा किया जाता है। कई मामलों में ऐसा देखा गया कि कर्मचारी का अंशदान जमा कर दिया गया और नियोक्ता का अंशदान जमा नहीं किया गया है। वर्तमान दौर में ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण विभाग लगातार कंपनियों पर नजर रख रहा है। कुछ माह पहले की गई जांच में सामने आया कि सेक्टर-27ए स्थित स्किलेंसर सोलर प्राईवेट लिमिटेड ने करीब तीन साल से कर्मचारियों के पीएफ का पैसे जमा नहीं किया। शुरुआत के नियोक्ता को कई बार नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। लेकिन, कंपनी ने नोटिस को अंदेखा कर दिया। इसी प्रकार सेक्टर-32 स्थित बी के बी पैंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया गया। इसे भी वर्ष 2022 में डिफाल्टर घोषित कर दिया गया था। आनंगपुर रोड गुरुकुल स्थित हरजीत मशीन प्राइवेट लिमिटेड और एनआईटी स्थित शिवालिक इंटरप्राइजेज की ओर से कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया गया। इसे लेकर ईपीएफओ ने चारों कंपनियों के खिलाफ सेक्टर-31 और एनआईटी थाने में केस दर्ज कराया है।
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29 कंपनियों के खिलाफ हाल ही में किए गए अरेस्ट वारंट जारी
ईपीएफओ की ओर से पिछले दिनों शहर की 29 बड़ी कंपनियों के नियोक्ताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए गए थे। इन कंपनियों ने कई सालों से कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया था। अधिकारियों का कहना है कि
कंपनियों की ओर से कर्मियों के खाते में भविष्य निधि की रकम न जमा होने पर रिकवरी अधिकारी को सेक्शन-8 बी से 8-जी के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करने का अधिकार है। इसके बाद पुलिस आयुक्त कार्यालय को इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
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वर्जन
जिले की चार कंपनियों ने कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया। उनके खिलाफ संबंधित इलाकों के थानों में केस दर्ज कराया गया है। सभी कंपनियों के वसूली कर कर्मचारियों के खाते में पैसे डाले जाएगे।
-कृष्ण कुमार, सहायक आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
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फरीदाबाद। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से करीब 300 कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करने वाली चार कंपनियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। जिससे कंपनी संचालकों से कानूनी प्रक्रिया से बकाया राशि की वसूली की जा सके। इन पर एक करोड़ से अधिक का पीएफ बकाया है।
औद्योगिक नगरी छोटी-बड़ी करीब 28 हजार कंपनियां हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत कंपनियों को हर माह कर्मचारी के वेतन का 12 फीसदी हिस्सा ईपीएफओ में जमा करना होता है।
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इतना ही पैसा नियोक्ता की तरफ से भी उसी खाते में जमा किया जाता है। कई मामलों में ऐसा देखा गया कि कर्मचारी का अंशदान जमा कर दिया गया और नियोक्ता का अंशदान जमा नहीं किया गया है। वर्तमान दौर में ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण विभाग लगातार कंपनियों पर नजर रख रहा है। कुछ माह पहले की गई जांच में सामने आया कि सेक्टर-27ए स्थित स्किलेंसर सोलर प्राईवेट लिमिटेड ने करीब तीन साल से कर्मचारियों के पीएफ का पैसे जमा नहीं किया। शुरुआत के नियोक्ता को कई बार नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। लेकिन, कंपनी ने नोटिस को अंदेखा कर दिया। इसी प्रकार सेक्टर-32 स्थित बी के बी पैंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया गया। इसे भी वर्ष 2022 में डिफाल्टर घोषित कर दिया गया था। आनंगपुर रोड गुरुकुल स्थित हरजीत मशीन प्राइवेट लिमिटेड और एनआईटी स्थित शिवालिक इंटरप्राइजेज की ओर से कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया गया। इसे लेकर ईपीएफओ ने चारों कंपनियों के खिलाफ सेक्टर-31 और एनआईटी थाने में केस दर्ज कराया है।
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29 कंपनियों के खिलाफ हाल ही में किए गए अरेस्ट वारंट जारी
ईपीएफओ की ओर से पिछले दिनों शहर की 29 बड़ी कंपनियों के नियोक्ताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किए गए थे। इन कंपनियों ने कई सालों से कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया था। अधिकारियों का कहना है कि
कंपनियों की ओर से कर्मियों के खाते में भविष्य निधि की रकम न जमा होने पर रिकवरी अधिकारी को सेक्शन-8 बी से 8-जी के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करने का अधिकार है। इसके बाद पुलिस आयुक्त कार्यालय को इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
वर्जन
जिले की चार कंपनियों ने कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया। उनके खिलाफ संबंधित इलाकों के थानों में केस दर्ज कराया गया है। सभी कंपनियों के वसूली कर कर्मचारियों के खाते में पैसे डाले जाएगे।
-कृष्ण कुमार, सहायक आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन