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बलिदान देने वाले लोगों से भी जुड़ी है मेवात की पहचान : विपुल गोयल
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राजा हसन खां मेवाती के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। राजा हसन खां मेवाती के 500वें बलिदान दिवस के अवसर पर जेसी बोस विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राजा हसन खां मेवाती के राष्ट्रप्रेम, साहस और बलिदान को याद करते हुए समाज में आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि जब भी वे मेवात जाते हैं, वहां दादा भाड़के और हसन खां मेवाती के बलिदान से जुड़ी नई कहानियां सुनने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि मेवात की पहचान राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले लोगों से भी जुड़ी है। जिले को साइबर अपराध के लिए बदनाम होने के बजाय अपनी गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रप्रेम की मिसाल कायम करनी होगी। मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने कहा कि आज हमें राजा हसन खां मेवाती के आदर्शों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। डॉ. राज नेहरू ने कहा कि राजा हसन खां मेवाती का बेटा बाबर की कैद में था। बाबर ने उनसे कहा कि वे मुसलमान हैं और उनके भाई हैं, इसलिए उसका साथ दें। इसके बावजूद हसन खां मेवाती ने देशहित को सर्वोच्च मानते हुए उसका साथ देने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि राजा हसन खां मेवाती का यह प्रसंग बताता है कि उनके लिए धर्म से बढ़कर हिंदुस्तान था।
कार्यक्रम में मौलाना मुफ्ती मुस्ताजाबुद्दीन ने भी हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया। उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई का पाठ करते हुए कहा कि हनुमान चालीसा, रामायण, कुरान और बाइबल सभी इंसान को प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। राजा हसन खां मेवाती के 500वें बलिदान दिवस के अवसर पर जेसी बोस विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राजा हसन खां मेवाती के राष्ट्रप्रेम, साहस और बलिदान को याद करते हुए समाज में आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि जब भी वे मेवात जाते हैं, वहां दादा भाड़के और हसन खां मेवाती के बलिदान से जुड़ी नई कहानियां सुनने को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि मेवात की पहचान राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले लोगों से भी जुड़ी है। जिले को साइबर अपराध के लिए बदनाम होने के बजाय अपनी गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रप्रेम की मिसाल कायम करनी होगी। मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने कहा कि आज हमें राजा हसन खां मेवाती के आदर्शों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। डॉ. राज नेहरू ने कहा कि राजा हसन खां मेवाती का बेटा बाबर की कैद में था। बाबर ने उनसे कहा कि वे मुसलमान हैं और उनके भाई हैं, इसलिए उसका साथ दें। इसके बावजूद हसन खां मेवाती ने देशहित को सर्वोच्च मानते हुए उसका साथ देने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि राजा हसन खां मेवाती का यह प्रसंग बताता है कि उनके लिए धर्म से बढ़कर हिंदुस्तान था।
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कार्यक्रम में मौलाना मुफ्ती मुस्ताजाबुद्दीन ने भी हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया। उन्होंने हनुमान चालीसा की चौपाई का पाठ करते हुए कहा कि हनुमान चालीसा, रामायण, कुरान और बाइबल सभी इंसान को प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देते हैं।
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