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मेडिकल स्टोर बनेंगे डॉट्स सेंटर, निशुल्क मिलेगी टीबी की दवा
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फरीदाबाद। शहर के दस मेडिकल स्टोर अब डॉट्स सेंटर के नाम से जाने जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के मरीजों के सफल इलाज के लिए 10 मेडिकल स्टोरों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। यहां पर टीबी के रोगी अपनी दवाई निशुल्क ले सकेंगे। इसे फरीदाबाद को टीबी मुक्त बनाने में विभाग का एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पांच हजार से अधिक टीबी के मरीज हैं। इसके अलावा 230 मल्टी ड्रग रेजिडेंट (एमडीआर) के मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को समय पर दवाई उपलब्ध करवाने के लिए करीब दो सौ सेंटर बनाए हैं। यहां उन्हें आईएनएच, पैराफिनामाइड, इथमबीटोल आदि टीबी की दवाई दी जा रही है। इसके अलावा 300 आशा वर्कर भी अपने साथ उक्त दवाई पंजीकृत मरीजों के घर पहुंचाती हैं और डोज खत्म होने पर वह उन्हें देती हैं।
यहां बनेंगे सेंटर
बल्लभगढ़ में दो, एनआईटी में दो, बड़खल में दो, नहर पार में दो और ग्रेटर फरीदाबाद में दो दवाई की दुकानों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा शहर के सभी दवाई दुकानदारों को टीबी के मरीज को जागरूक करने के लिए कहा गया है। दवा विक्रेता मरीज को बीमारी के लक्षण और इलाज की जानकारी देंगे। उसे पास के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाने पर सरकार प्रोत्साहन राशि देगी।
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डब्ल्यूएचओ के अधिकारी ने ली बैठक
शहर में टीबी रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों के प्रति बृहस्पतिवार को विभाग कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार डॉ. संदीप राठौर, जिला टीबी अधिकारी व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शीला भगत, सुभाष गहलोत, राजकुमार, अशोक, सत्यवीर आदि मौजूद रहे। डॉ. संदीप राठौर ने कहा कि टीबी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों को टीबी लक्षणों की जानकारी दें और उनसे अपील करें कि ऐसे संभावित मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाएं ताकि उसे समय पर पूरा इलाज मिल सके।
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स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पांच हजार से अधिक टीबी के मरीज हैं। इसके अलावा 230 मल्टी ड्रग रेजिडेंट (एमडीआर) के मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को समय पर दवाई उपलब्ध करवाने के लिए करीब दो सौ सेंटर बनाए हैं। यहां उन्हें आईएनएच, पैराफिनामाइड, इथमबीटोल आदि टीबी की दवाई दी जा रही है। इसके अलावा 300 आशा वर्कर भी अपने साथ उक्त दवाई पंजीकृत मरीजों के घर पहुंचाती हैं और डोज खत्म होने पर वह उन्हें देती हैं।
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यहां बनेंगे सेंटर
बल्लभगढ़ में दो, एनआईटी में दो, बड़खल में दो, नहर पार में दो और ग्रेटर फरीदाबाद में दो दवाई की दुकानों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा शहर के सभी दवाई दुकानदारों को टीबी के मरीज को जागरूक करने के लिए कहा गया है। दवा विक्रेता मरीज को बीमारी के लक्षण और इलाज की जानकारी देंगे। उसे पास के स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाने पर सरकार प्रोत्साहन राशि देगी।
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डब्ल्यूएचओ के अधिकारी ने ली बैठक
शहर में टीबी रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों के प्रति बृहस्पतिवार को विभाग कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार डॉ. संदीप राठौर, जिला टीबी अधिकारी व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शीला भगत, सुभाष गहलोत, राजकुमार, अशोक, सत्यवीर आदि मौजूद रहे। डॉ. संदीप राठौर ने कहा कि टीबी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों को टीबी लक्षणों की जानकारी दें और उनसे अपील करें कि ऐसे संभावित मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाएं ताकि उसे समय पर पूरा इलाज मिल सके।