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Faridabad News: सिगरेट के धुएं के साये में फेफड़े में पल रहा कैंसर

Fri, 19 Sep 2025 12:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:21 AM IST
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Lung cancer grows in the shadow of cigarette smoke
- युवाओं में कम उम्र में धूम्रपान की लत से बढ़ रहे फेफड़े के कैंसर के मामले, कमजोर हो रही प्रतिरक्षा प्रणाली
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भारती दुबे
फरीदाबाद। युवाओं में तेजी से बढ़ती धूम्रपान की लत अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। हाल के वर्षों में फेफड़ों के कैंसर के मामलों में भारी इजाफा देखने को मिला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बीते पांच वर्षों में फेफड़ों के कैंसर के मरीजों की संख्या में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें बड़ी संख्या युवा वर्ग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में नशे की शुरुआत करना युवाओं के फेफड़ों और प्रतिरक्षा प्रणाली को गहरा नुकसान पहुंचा रहा है। धूम्रपान के चलते उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो रही है, जिससे वे न केवल कैंसर, बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं।
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निजी अस्पताल में कैंसर रोग विभाग के डायरेक्टर डॉ. सन्नी जैन ने बताया कि धीरे- धीरे कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 20 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें फेफड़े के कैंसर के लक्षण दिखाई देते हैं। इसमें हर 10 मरीज में 3 मरीज कैंसर से ग्रसित पाए जाते हैं, जिनका उपचार किया जाता है। ऐसे में ये खतरा न केवल धूम्रपान करने वालों में हैं, बल्कि गैर- धूम्रपान करने वालों में भी कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।
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डॉक्टरों की चेतावनी

डॉक्टर ने बताया कि पहले फेफड़े के कैंसर के मरीज 50 की उम्र के बाद मिलते थे, लेकिन अब 20 से 30 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। धूम्रपान करना इसमें मुख्य कारण है।

खानपान की आदतें भी चिंता का विषय

डॉ. सन्नी जैन ने बताया कि युवा वर्ग हेल्दी डाइट से परहेज करते हैं। जंक फूड, सिगरेट और अन्य नशों का सेवन बढ़ रहा है, जबकि फल, सब्जी, प्रोटीन युक्त आहार जैसे पोषक तत्वों का सेवन बेहद कम हो गया है। यह शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली को कमजोर बना रहा है। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी को सचेत और जागरूक करने के लिए सभी स्कूल- कॉलेजों में नशा रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किए जाने चाहिए। समय रहते चेतना नहीं आई तो आने वाले समय में यह समस्या और भयावह रूप ले सकती है।
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