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Faridabad News: धूमधाम से मनाई लोहड़ी, पारंपरिक गीत-संगीत और ढोल नंगाड़ों ने जमाया रंग

Sun, 14 Jan 2024 12:08 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Updated Sun, 14 Jan 2024 12:08 PM IST
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Lohri celebrated with pomp
संवाद न्यूज एजेंसी
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बल्लभगढ़। सुंदरिए-मुंदरिए हो तेरा कौन विचारा हो, दुल्ला भट्टी वाला हो, लोहड़ी वे..बना लो जोड़ी वे..जैसे पारंपरिक गीत-संगीत के साथ लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सेक्टरों में बच्चों ने घर-घर जाकर लोहड़ी मांगी तो महिलाओं ने अलाव जलाकर पंजाबी डांस करते हुए मूंगफली, गज्जक रेबड़ी का आनंद उठाया। वहीं सेक्टर के साथ साथ जिले की विभिन्न सोसाइटियों में भी मिलकर एक साथ लोहड़ी का त्योहार मनाया गया।

जिले में पंजाबी समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदाय के लोगों ने मिलजुल कर लोहड़ी का पर्व मनाया। कई जगह लोगों ने सुबह ही लोहड़ी मनाई, तो कई जगह सूर्य ढलने के बाद लोहड़ी जलाना शुरू किया गया। ढोलों की थाप पर लोग जमकर नाचे व भांगड़ा किया और एक-दूसरे को बधाई दी। नवविवाहित जोड़ों और बच्चे के जन्म के बाद की पहली लोहड़ी पर घरों को सजाया गया। इस दौरान कई प्रकार के पकवान भी बनाए गए।
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क्यों मनाते हैं लोहड़ी का त्योहार
लोहड़ी से जुड़ी प्रमुख लोककथा दुल्ला भट्टी की है, जो मुगलों के समय का एक बहादुर योद्धा था। जिसने मुगलों के बढ़ते जुर्म के खिलाफ कदम उठाया था। एक ब्राह्मण की दो लड़कियों सुंदरी मुंदरी के साथ इलाके का मुगल शासक जबरन शादी करना चाहता था। इस मुसीबत की घड़ी में दुल्ला भट्टी ने ब्राह्मण की मदद की और लड़के वालों को मनाकर एक जंगल में आग जला कर सुंदरी मुंदरी का ब्याह कराया। दुल्ले ने खुद ही उन दोनों का कन्यादान किया। इसी कथा की हिमायत करता लोहड़ी का यह गीत है, जिसे लोहड़ी के दिन गाया जाता है सुंदर, मुंदरिए हो, तेरा कौन विचारा हो, दुल्ला भट्टी वाला हो, दुल्ले धी (लड़की) व्याही हो, सेर शक्कर पाई हो।
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बाजारों में रही रौनक
लोहड़ी पर्व के चलते बाजारों में लगी जगह-जगह मूंगफली गजक की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। लोहड़ी के पर्व के कारण मूंगफली से लेकर गजक व फुले के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली। इस त्योहार को पंजाबी के साथ अन्य समुदाय के लोग भी धूमधाम से मना रहे हे। शनिवार को मूंगफली 140 रुपये किलो की बजाये 200 रुपये किलो बिक रही है। वहीं, 50 रुपये के 25 ग्राम फुल मिल रहे है।

परंपरा के साथ मनाई लोहड़ी
लिंग्याज विद्यापीठ (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी) में हर्षोल्लास और परंपरा के साथ लोहड़ी का पर्व मनाया गया। हंसी की गूँज, अलाव की गर्माहट और पारंपरिक संगीत की लयबद्ध धुनों ने हवा को गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर प्राचीन परंपरा के अनुसार लोहड़ी जलाई गई व उसमें तिल व मूंगफली आदि डालकर परंपरागत गीत गाए गए। प्रो चांसलर प्रोफेसर डॉ एम के सोनी, कुलपति प्रो. (डॉ.) राजेश कपूर, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) पीके शर्मा, रजिस्ट्रार प्रेम कुमार और डीन एकेडमिक प्रोफेसर (डॉ.) सीमा बुशरा विशेष रूप से मौजूद रहे।


महाविद्यालय में मनाई लोहड़ी
राजकीय महाविद्यालय में लोहड़ी पर्व पर एक रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. चारू मिड्डा रही। प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में डॉ. अंशु नय्यर, डॉ. निशा तेवतिया, डॉ. चारू शर्मा रही। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान खुशी, द्वितीय स्थान चंचल तथा तृतीय स्थान आरती ने प्राप्त किया। ढोल की थाप के साथ प्राचार्य, सभी प्राध्यापक गण तथा विद्यार्थियों ने अग्नि परिक्रमा करते हुए इस रंगारंग कार्यक्रम को सम्पन्न किया।
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