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रजिस्ट्री के साथ भरना होगा संपत्तिकर और विकास शुल्क
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फरीदाबाद (अमित भाटिया)। किसी भी रिहायशी अथवा वाणिज्यिक प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के दौरान उस पर बकाया संपत्तिकर व विकास शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा। नगर निगम की एनओसी के बिना रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। प्रदेश सरकार द्वारा तैयार करवाए गए साफ्टवेयर के साथ नगर निगम का डाटा भी जोड़ा गया है। ऐसे में संबंधित प्लाट की प्रॉपर्टी आईडी डालते ही बकाया राशि की जानकारी कंप्यूटर पर आ जाएगी। हालांकि अभी तहसीलों में रजिस्ट्री शुरू नहीं हुुई हैं। इसे शुरू होने में करीब एक सप्ताह का समय और लगने की संभावना जताई जा रही है।
नगर निगम की आय का मुख्य स्त्रोत संपत्तिकर है, मगर हर साल करोड़ों रुपये का संपत्ति कर निगम का बकाया रह जाता है। ऐसे में सरकार ने जमीन की खरीद फरोख्त के दौरान उस जमीन का बकाया संपत्ति कर के अलावा विकास शुल्क, पानी व सीवर टैक्स का भुगतान रजिस्ट्री के साथ ही भुगतान करने की योजना बनाई। इसके तहत रजिस्ट्री के लिए तैयार किए गए साफ्टवेयर के साथ नगर निगम का डाटा भी लिंक कर दिया गया है। अब नगर निगम क्षेत्र के किसी भी जमीन की रजिस्ट्री होगी तो उस पर नगर निगम का बकाया करों का भुगतान किए बिना रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
साफ्टवेयर में जोड़े गए 16 विभाग
तहसील के सूत्रों के अनुसार नए साफ्टवेयर में करीब 16 विभागों को जोड़ा जा रहा है। इनमें नगर निगम के अलावा वन विभाग, वक्फ बोर्ड जैसे कई विभाग शामिल हैं। रजिस्ट्री के दौरान कोई इलाका वन विभाग, वक्फ बोर्ड या अन्य किसी संबंधित विभाग से जुड़ा होगा तो उससे एनओसी लेना अनिवार्य होगा।
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केवल एक टोकन कटा, नहीं हुई रजिस्ट्री
बुधवार को भी रजिस्ट्री वाला साफ्टवेयर शुरू नहीं हो सका। बुधवार को गौंछी उप तहसील में केवल एक टोकन कटा था, मगर उस पर भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। बड़खल तहसील के तहसीलदार गुरुदेव ने बताया कि साफ्टवेयर नहीं चलने के कारण रजिस्ट्रियां नहीं हो रही हैं। साफ्टवेयर कब चलेगा इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। तहसील के सूत्रों के अनुसार रजिस्ट्री शुरू होने में अभी करीब एक सप्ताह का समय और लग सकता है।
वर्जन-
नगर निगम के डाटा को रजिस्ट्री के साफ्टवेयर से जोड़ा गया है। अब निगम क्षेत्र के किसी भी प्लाट की खरीद फरोख्त होगी तो उस पर बकाया संपत्ति कर, विकास शुल्क आदि का भुगतान करना अनिवार्य होगा। नगर निगम जल्द ही संपत्ति कर के डाटा को ऑनलाइन करने जा रहा है। यदि क्रेता विक्रेता को कंप्यूटर पर दर्शाई गई राशि पर किसी तरह कर आपत्ति नहीं होगी तो वह मौके से ही ऑनलाइन भुगतान कर सकेगा। यदि कोई आपत्ति हुई तो उसे सुलझाने के लिए नगर निगम आना पड़ेगा। सरकार की इस योजना से नगर निगम को काफी फायदा मिलेगा। - रतन रोहिल्ला, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (मुख्यालय) नगर निगम
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नगर निगम की आय का मुख्य स्त्रोत संपत्तिकर है, मगर हर साल करोड़ों रुपये का संपत्ति कर निगम का बकाया रह जाता है। ऐसे में सरकार ने जमीन की खरीद फरोख्त के दौरान उस जमीन का बकाया संपत्ति कर के अलावा विकास शुल्क, पानी व सीवर टैक्स का भुगतान रजिस्ट्री के साथ ही भुगतान करने की योजना बनाई। इसके तहत रजिस्ट्री के लिए तैयार किए गए साफ्टवेयर के साथ नगर निगम का डाटा भी लिंक कर दिया गया है। अब नगर निगम क्षेत्र के किसी भी जमीन की रजिस्ट्री होगी तो उस पर नगर निगम का बकाया करों का भुगतान किए बिना रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
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साफ्टवेयर में जोड़े गए 16 विभाग
तहसील के सूत्रों के अनुसार नए साफ्टवेयर में करीब 16 विभागों को जोड़ा जा रहा है। इनमें नगर निगम के अलावा वन विभाग, वक्फ बोर्ड जैसे कई विभाग शामिल हैं। रजिस्ट्री के दौरान कोई इलाका वन विभाग, वक्फ बोर्ड या अन्य किसी संबंधित विभाग से जुड़ा होगा तो उससे एनओसी लेना अनिवार्य होगा।
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केवल एक टोकन कटा, नहीं हुई रजिस्ट्री
बुधवार को भी रजिस्ट्री वाला साफ्टवेयर शुरू नहीं हो सका। बुधवार को गौंछी उप तहसील में केवल एक टोकन कटा था, मगर उस पर भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। बड़खल तहसील के तहसीलदार गुरुदेव ने बताया कि साफ्टवेयर नहीं चलने के कारण रजिस्ट्रियां नहीं हो रही हैं। साफ्टवेयर कब चलेगा इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। तहसील के सूत्रों के अनुसार रजिस्ट्री शुरू होने में अभी करीब एक सप्ताह का समय और लग सकता है।
वर्जन-
नगर निगम के डाटा को रजिस्ट्री के साफ्टवेयर से जोड़ा गया है। अब निगम क्षेत्र के किसी भी प्लाट की खरीद फरोख्त होगी तो उस पर बकाया संपत्ति कर, विकास शुल्क आदि का भुगतान करना अनिवार्य होगा। नगर निगम जल्द ही संपत्ति कर के डाटा को ऑनलाइन करने जा रहा है। यदि क्रेता विक्रेता को कंप्यूटर पर दर्शाई गई राशि पर किसी तरह कर आपत्ति नहीं होगी तो वह मौके से ही ऑनलाइन भुगतान कर सकेगा। यदि कोई आपत्ति हुई तो उसे सुलझाने के लिए नगर निगम आना पड़ेगा। सरकार की इस योजना से नगर निगम को काफी फायदा मिलेगा। - रतन रोहिल्ला, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (मुख्यालय) नगर निगम