फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Lack of facilities in BK Hospital

Faridabad News: बीके अस्पताल में सुविधाओं का अभाव

Fri, 02 May 2025 12:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 02 May 2025 12:33 AM IST
विज्ञापन
Lack of facilities in BK Hospital
मरीजों को व्हीलचेयर और वॉकर के लिए करनी पड़ती है जद्दोजहद
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में स्वास्थ्य विभाग सुविधाएं सुधारने के लाख दावे कर रहा है, लेकिन बीके अस्पताल में व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। अस्पताल में व्हीलचेयर उपलब्ध होने के दावे भी फेल होते नजर आ रहे हैं। दिव्यांग मरीज अस्पताल में डंडे का सहारा लेकर दवाई लेने पहुंच रहे हैं। वहीं बुजुर्ग भी वॉकर का सहारा लेकर उपचार के लिए पहुंचते हैं, उन्हें भी व्हीलचेयर नहीं मिलती है।

बीके अस्पताल में कभी दवाइयों की कमी तो कभी डॉक्टर की कमी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। अस्पताल प्रबंधन से बात की जाए तो वे कहते हैं कि अस्पताल में व्हीलचेयर हैं लेकिन असलियत कुछ और ही देखने को मिलती है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को व्हीलचेयर नहीं मिलती हैं। कई बार देखा गया है कि मरीज घिसटते हुए ओपीडी में डॉक्टर के पास पहुंचता है। कई बार तो अस्पताल में स्ट्रेचर या व्हीलचेयर न मिलने पर गर्भवती महिलाओं को उनके तीमारदार गोद में उठा कर ले जाते हैं।
विज्ञापन


उप स्वास्थ्य निदेशक के आने से पहले कमियों को छुपाया
दो दिन पहले उप स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सविता यादव अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचीं थी। अस्पताल प्रबंधन ने उनके आने से पहले ही एमरजेंसी के बाहर रखे स्ट्रेचर के ऊपर कपड़ा डाल दिया। जबकि एमरजेंसी के बाहर कभी भी स्ट्रेचर के ऊपर कपड़ा नहीं होता है। कभी- कभी तो स्ट्रेचर भी नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों से बातचीत

काफी समय से मेरे पैरों में दर्द है, इसके कारण अस्पताल में हड्डियों के डॉक्टर को दिखाने आया था। लेकिन यहां पर व्हीलचेयर नहीं मिली। इमरजेंसी के गेट पर स्ट्रेचर थे पर व्हीलचेयर नहीं मिली। जिससे डंडे के सहारे जाना पड़ा। - सतवीर सिंह, राजीव नगर

कुछ दिनों पहले हादसे में मेरा घुटना टूट गया था। जिसका ऑपरेशन हुआ था। रूटीन चेकअप कराने के लिए अस्पताल आया लेकिन यहां पर एक भी व्हीलचेयर मौजूद नहीं थी। जिससे वॉकर का सहारा लेकर ओपीडी जाना पड़ा। अस्पताल में सेवाओं को बेहतर करना चाहिए। - सुमित कुमार, बल्लभगढ़


वर्जन

अस्पताल में कुल 11 व्हील चेयर और 16 स्ट्रेचर हैं। यदि इसके बाद भी मरीजों को परेशानी हुई तो इसकी जांच कराई जाएगी। अस्पताल में आने वाले मरीजों को यदि व्हीलचेयर नहीं मिलती हैं तो वह इमरजेंसी के काउंटर पर जाकर नर्स से व्हीलचेयर के बारे में पूछ सकते हैं। वह उसको उपलब्ध करा कर देंगे। - एसएमओ डॉ. विकास गोयल,
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed