फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   kidney transplant done on basis of fake aadhar card in qrg hospital faridabad

किडनी कांड: Aadhar था फर्जीवाड़े का आधार, रिंकी की फोटो अंबिका का नाम, फिंगर प्रिंट-फोन नंबर किसी और के निकले

Tue, 20 Dec 2022 07:52 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 20 Dec 2022 07:52 PM IST
सार

सूत्रों के मुताबिक किडनी कांड की शुरुआत आधार कार्ड से ही हुई है। आरोपियों ने आधार कार्ड को ही इस पूरे कांड का ‘आधार’ बनाया था। 

विज्ञापन
kidney transplant done on basis of fake aadhar card in qrg hospital faridabad
Kidney Transplant - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्यूआरजी अस्पताल में हुए किडनी कांड को पुलिस जितना सुलझाना चाह रही है, उतने ही नए खुलासे सामने आ रहे हैं। आरोपियों ने आधार कार्ड को ही इस पूरे कांड का ‘आधार’ बनाया। पुलिस ने जब अंबिका बनी रिंकी के आधार कार्ड की जांच शुरू की तो मामला और भी रोचक निकला। आधार कार्ड पर फोटो रिंकी का है, नाम अंबिका का, फिंगर प्रिंट किसी तीसरे के और मोबाइल नंबर किसी और का है। 

विज्ञापन

पीड़िता के मुताबिक आरोपी उसे लेकर बल्लभगढ़ के बाजार में घूमे थे। यहीं से आधार कार्ड बनवाया गया था। मंगलवार को पुलिस आधार कार्ड की जांच के लिए बल्लभगढ़ बाजार में घूमी। यहां पता लगा कि आधार से लिंक मोबाइल नंबर मुझेड़ी निवासी किसी पुरुष का है। रिंकी का कहना है कि वह मुझेड़ी में किसी को नहीं जानती। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक किडनी कांड की शुरुआत आधार कार्ड से ही हुई है। आरोपियों ने आधार कार्ड को ही इस पूरे कांड का ‘आधार’ बनाया था। इसी के आधार पर वोटर कार्ड व विवाह पंजीकरण बनवाया गया। पुलिस पूरी मेहनत के साथ फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले की तलाश में जुटी है। जिस तरीके से पूरे प्रकरण को अंजाम दिया गया है, उससे लगता है कि आरोपियों का यह पहला कांड नहीं है। आरोपी जानते थे कि रिंकी का पहले से आधार कार्ड बना हुआ है। ऐसे में रिंकी के फिंगर प्रिंट और आंखों के रेटिना से दूसरा कार्ड नहीं बनवाया जा सकता। 

विज्ञापन

आरोपियों ने किसी ऐसे आदमी के फिंगर प्रिंट लगवाए, जिसका पहले आधार नहीं बना हुआ था। इसके बाद फोटो रिंकी का खिंचवाया गया और नाम अंबिका लिखा गया। आधार का ओटीपी जिस मोबाइल पर जाता है, वह मुझेड़ी निवासी किसी पुरुष का है। पुलिस युवक से भी पूछताछ कर रही है। इधर एक टीम विवेक मंगोत्रा नाम के व्यक्ति व उसकी पत्नी की तलाश में जुटी है। दिल्ली के दिए पते पर ताला लगा हुआ है। आरोपी के पड़ोसियों के मुताबिक आरोपी का एसी बेचने का काम है। कई दिनों से आरोपी व उसकी पत्नी को किसी ने नहीं देखा।

ये है पूरा मामला
गांव सौंदहद पलवल निवासी रिंकी ने पुलिस को शिकायत दी थी करीब दो साल पहले पति के फेसबुक अकाउंट पर किडनी दान करने की अपील का विज्ञापन देखा था। नासमझी में उन्होंने क्लिक कर दिया था। फोन पर राजा नाम के व्यक्ति ने रिंकी से संपर्क किया था। आरोपियों ने रिंकी को पति की सरकारी नौकरी लगाने का वादा किया था। झांसे में आकर उन्होंने किडनी देने के लिए हां कर दी थी। 

रिंकी का आरोप है, किडनी दिल्ली पश्चिम विहार के रहने वाले विनोद मंगोत्रा नाम के व्यक्ति को ट्रांसप्लांट की जानी थी। नियमानुसार परिवार का सदस्य ही किडनी दान कर सकता है। ऐसे में आरोपियों ने विनोद की पत्नी अंबिका के नाम से रिंकी का फर्जी आधार कार्ड और शादी पंजीकरण सर्टिफिकेट बनवाया था। सेक्टर 16 क्यूआरजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुई। पुलिस ने अस्पताल की कोर्डिनेटर स्वाति, नेफरो विभाग के हेड डॉक्टर श्रीराम कांवरा के अलावा नई दिल्ली रमेश नगर के रहने वाले तेजेंद्र कुमार, जयप्रकाश के खिलाफ मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम, धोखाधड़ी, फर्जी कागजात बनाने, जान से मारने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed