{"_id":"604665fd8ebc3ee978485a3b","slug":"investigation-of-1-5-crore-scam-case-started-in-post-office-faridabad-news-noi570067549","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाकघर में डेढ़ करोड़ घोटाले मामले की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाकघर में डेढ़ करोड़ घोटाले मामले की जांच शुरू
विज्ञापन
बल्लभगढ़। गांव भैंसरावली स्थित उप डाकघर में तैनात कर्मचारी द्वारा 100 से अधिक ग्रामीणों के करीब डेढ़ करोड़ रुपये के घोटाले मामले में सोमवार को थाना तिगांव में शिकायत दी। पुलिस ने डाक अधिकारियों से डाकघर का रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही ग्रामीणों से भी उनकी पासबुक थाने में जमा कराने को कहा गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव भैंसरावली के उप डाकघर में तैनात कर्मचारी ने अलग-अलग योजनाओं और बचत खातों में जमा होने वाले पैसों को लेकर उनकी पासबुक में हाथ से एंट्री कर मोहर लगा दी। वहीं, लोगों से लिए गए रुपये मुख्य डाकघर में जमा ही नहीं कराए। आरोप है कि करीब 100 से लोगों के खाते से करीब डेढ़ करोड़ रुपये गायब हैं। सोमवार को ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत में तिगांव डाकघर के अधिकारियों पर मिली भगत का आरोप लगाया है।
पुलिस ने ग्रामीणों की पासबुक की जानकारी नोट कर उन्हें सभी पासबुक थाने में लाने के लिए कहा है। पुलिस अब इसका मिलान डाकघर में उनके खाते में जमा रकम के साथ करेगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ने रविवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव भैंसरावली में तिगांव डाकघर की उप शाखा है। इस उपशाखा में पलवल निवासी रवि कुमार बतौर अस्थायी कर्मचारी तैनात हैं। आरोप है कि रवि ग्रामीणों से रुपये लेकर अपने पास रखता रहा। वह ग्रामीणों की पासबुक में एंट्री कर मोहर लगाकर देता था। ग्रामीणों को लगता था कि उनकी रकम खाते में जमा हो गई, लेकिन वह पैसों को मुख्य डाकघर में जमा नहीं कराता था। ग्रामीणों ने डाकघर में सुकन्या योजना, डाकघर बांड, एफडी, बचत खाता में रुपये जमा कराए थे।
भैंसरावली निवासी सुनील नागर के खाते से एक मार्च को 50 हजार रुपये कटे तो वह हैरान रह गया। इसकी जांच के लिए वह डाकघर गया। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। सुनील ने शुक्रवार को अपनी मां सुशीला देवी के खाते की जांच तिगांव डाकघर में कराई। यहां आकर पता लगा कि सुशीला देवी के खाते में केवल 13 हजार रुपये हैं, जबकि पासबुक में 77 हजार रुपये की एंट्री थी। इसके बाद गांव के लोग अपने खातों की जांच कराने डाकघर पहुंचे। ज्यादातर ग्रामीणों पासबुक में रकम कम थी और पासबुक में एंट्री ज्यादा थी।
ग्रामीणों की तरफ से शिकायत मिल गई है। डाकघर से रिकॉर्ड मांगा है। ग्रामीणों की पासबुक भी मंगाई गई है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
- जोगिंद्र सिंह, प्रभारी, थाना तिगांव
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव भैंसरावली के उप डाकघर में तैनात कर्मचारी ने अलग-अलग योजनाओं और बचत खातों में जमा होने वाले पैसों को लेकर उनकी पासबुक में हाथ से एंट्री कर मोहर लगा दी। वहीं, लोगों से लिए गए रुपये मुख्य डाकघर में जमा ही नहीं कराए। आरोप है कि करीब 100 से लोगों के खाते से करीब डेढ़ करोड़ रुपये गायब हैं। सोमवार को ग्रामीणों द्वारा दी गई शिकायत में तिगांव डाकघर के अधिकारियों पर मिली भगत का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
पुलिस ने ग्रामीणों की पासबुक की जानकारी नोट कर उन्हें सभी पासबुक थाने में लाने के लिए कहा है। पुलिस अब इसका मिलान डाकघर में उनके खाते में जमा रकम के साथ करेगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ने रविवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव भैंसरावली में तिगांव डाकघर की उप शाखा है। इस उपशाखा में पलवल निवासी रवि कुमार बतौर अस्थायी कर्मचारी तैनात हैं। आरोप है कि रवि ग्रामीणों से रुपये लेकर अपने पास रखता रहा। वह ग्रामीणों की पासबुक में एंट्री कर मोहर लगाकर देता था। ग्रामीणों को लगता था कि उनकी रकम खाते में जमा हो गई, लेकिन वह पैसों को मुख्य डाकघर में जमा नहीं कराता था। ग्रामीणों ने डाकघर में सुकन्या योजना, डाकघर बांड, एफडी, बचत खाता में रुपये जमा कराए थे।
भैंसरावली निवासी सुनील नागर के खाते से एक मार्च को 50 हजार रुपये कटे तो वह हैरान रह गया। इसकी जांच के लिए वह डाकघर गया। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ। सुनील ने शुक्रवार को अपनी मां सुशीला देवी के खाते की जांच तिगांव डाकघर में कराई। यहां आकर पता लगा कि सुशीला देवी के खाते में केवल 13 हजार रुपये हैं, जबकि पासबुक में 77 हजार रुपये की एंट्री थी। इसके बाद गांव के लोग अपने खातों की जांच कराने डाकघर पहुंचे। ज्यादातर ग्रामीणों पासबुक में रकम कम थी और पासबुक में एंट्री ज्यादा थी।
ग्रामीणों की तरफ से शिकायत मिल गई है। डाकघर से रिकॉर्ड मांगा है। ग्रामीणों की पासबुक भी मंगाई गई है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
- जोगिंद्र सिंह, प्रभारी, थाना तिगांव