{"_id":"6ac682d60566c942b804e4ee","slug":"interstate-cyber-fraud-gang-busted-seven-arrested-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-82123-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा, सात गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का खुलासा, सात गिरफ्तार
विज्ञापन
झारखंड की जेल में बनी थी ठगी की साजिश, बाहर आकर दिया वारदात को अंजाम
21 हजार उपभोक्ताओं का डाटा चुराया, 116 लोगों को भेजी एपीके फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अडानी गैस का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने की धमकी देकर 72 वर्षीय बुजुर्ग से 5.12 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गिरिडीह झारखंड निवासी मास्टरमाइंड दीपक कुमार मंडल, देवघर झारखंड निवासी अनिल कुमार मंडल, अश्विन भाई, खूंट धावल, मनीष भाई, दीप विट्ठलभाई और सूरत गुजरात निवासी पीठाभाई भाया भाई के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 20 हजार अडानी गैस उपभोक्ताओं और एक हजार यूको बैंक खाताधारकों का डाटा बरामद किया है। आरोपियों ने 116 लोगों को ठगी के लिए एपीके फाइल भेजी थी।
जांच में सामने आया कि दीपक कुमार मंडल, अनिल कुमार मंडल और अश्विन करीब तीन साल पहले झारखंड की एक जेल में बंद थे। जेल में रहने के दौरान ही तीनों ने बाहर निकलने के बाद बड़े स्तर पर साइबर ठगी करने की योजना बनाई थी। जेल से बाहर आने के बाद आरोपियों ने अपना नेटवर्क तैयार किया और ठगी शुरू कर दी।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। अश्विन के जरिये क्रेडिट कार्ड हासिल किए जाते थे। मनीष भाई, दीप विट्ठलभाई और पीठाभाई क्रेडिट कार्ड धारक थे। खूंट धावल क्रेडिट कार्ड के जरिये नकदी निकालकर रकम मास्टरमाइंड दीपक तक पहुंचाता था। आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल छह मोबाइल फोन, सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर डेटा के स्रोत, एपीके फाइल भेजे गए 116 लोगों और ठगी से जुड़े अन्य बैंक खातों व लेनदेन की जांच कर रही है।
विज्ञापन
सेक्टर-37 निवासी विजय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक सितंबर को उनके व्हाट्सऐप पर अडानी गैस का बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने का संदेश आया था। संदेश में दिए नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपी ने उन्हें adani gas bill.apk नाम की फाइल डाउनलोड कराई। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपी ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद बैंक खाते से तीन बार में 5,12,344 रुपये निकाल लिए गए। मामले में दो सितंबर को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस आरोपियों से पूछताछ अन्य वारदात का पता लगा रही है।
टेलीग्राम से खरीदते थे उपभोक्ताओं का डाटा
गिरोह का मास्टरमाइंड दीपक कुमार मंडल टेलीग्राम के जरिये आरटीओ और अडानी गैस उपभोक्ताओं का डाटा व एपीके फाइलें खरीदता था। इसके बाद दीपक और अनिल उपभोक्ताओं को कॉल कर बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की बात कहकर डराते थे। फिर उन्हें एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। फाइल के जरिये मोबाइल का एक्सेस मिलने के बाद बैंक खातों से रकम निकाली जाती थी।
विज्ञापन
21 हजार उपभोक्ताओं का डाटा चुराया, 116 लोगों को भेजी एपीके फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अडानी गैस का बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने की धमकी देकर 72 वर्षीय बुजुर्ग से 5.12 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गिरिडीह झारखंड निवासी मास्टरमाइंड दीपक कुमार मंडल, देवघर झारखंड निवासी अनिल कुमार मंडल, अश्विन भाई, खूंट धावल, मनीष भाई, दीप विट्ठलभाई और सूरत गुजरात निवासी पीठाभाई भाया भाई के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 20 हजार अडानी गैस उपभोक्ताओं और एक हजार यूको बैंक खाताधारकों का डाटा बरामद किया है। आरोपियों ने 116 लोगों को ठगी के लिए एपीके फाइल भेजी थी।
जांच में सामने आया कि दीपक कुमार मंडल, अनिल कुमार मंडल और अश्विन करीब तीन साल पहले झारखंड की एक जेल में बंद थे। जेल में रहने के दौरान ही तीनों ने बाहर निकलने के बाद बड़े स्तर पर साइबर ठगी करने की योजना बनाई थी। जेल से बाहर आने के बाद आरोपियों ने अपना नेटवर्क तैयार किया और ठगी शुरू कर दी।
विज्ञापन
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। अश्विन के जरिये क्रेडिट कार्ड हासिल किए जाते थे। मनीष भाई, दीप विट्ठलभाई और पीठाभाई क्रेडिट कार्ड धारक थे। खूंट धावल क्रेडिट कार्ड के जरिये नकदी निकालकर रकम मास्टरमाइंड दीपक तक पहुंचाता था। आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल छह मोबाइल फोन, सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर डेटा के स्रोत, एपीके फाइल भेजे गए 116 लोगों और ठगी से जुड़े अन्य बैंक खातों व लेनदेन की जांच कर रही है।
विज्ञापन
सेक्टर-37 निवासी विजय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक सितंबर को उनके व्हाट्सऐप पर अडानी गैस का बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने का संदेश आया था। संदेश में दिए नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपी ने उन्हें adani gas bill.apk नाम की फाइल डाउनलोड कराई। फाइल डाउनलोड होते ही आरोपी ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद बैंक खाते से तीन बार में 5,12,344 रुपये निकाल लिए गए। मामले में दो सितंबर को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस आरोपियों से पूछताछ अन्य वारदात का पता लगा रही है।
टेलीग्राम से खरीदते थे उपभोक्ताओं का डाटा
गिरोह का मास्टरमाइंड दीपक कुमार मंडल टेलीग्राम के जरिये आरटीओ और अडानी गैस उपभोक्ताओं का डाटा व एपीके फाइलें खरीदता था। इसके बाद दीपक और अनिल उपभोक्ताओं को कॉल कर बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की बात कहकर डराते थे। फिर उन्हें एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। फाइल के जरिये मोबाइल का एक्सेस मिलने के बाद बैंक खातों से रकम निकाली जाती थी।