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आपसे भी कोई जूलरी कागज में रखने को कहे तो हो जाएं सचेत
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फरीदाबाद। अगर आपसे भी बाजार में या कहीं बाहर अचानक कोई पुलिसकर्मी या अन्य कोई आपकी जूलरी-नकदी को कागज में लपेटकर रखने के लिए कहे, तो सचेत हो जाएं। क्योंकि शहर में इन दिनों ठगों का एक गैंग दोबारा से सक्रिय हो गया है। ये ईरानी गैंग मुंबई से ठगी के लिए आता है। वह खुद को पुलिसकर्मी बताते हैं और ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। दो दिन के अंदर इस गिरोह ने बल्लभगढ़ और सेक्टर-15 की दो महिलाओं को अपना निशाना बनाया है। उन्होंने महिलाओं से सोने की जूलरी ठग ली।
गिरोह के सदस्य खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए जांच के बहाने उनके गहने कागज में लपेटकर बैग में रखने को कहते हैं। गहनों को रखवाने में मदद के बहाने उन्हें गायब कर देते हैं। इस गिरोह के सदस्यों की कद-काठी ईरानी नागरिकों से मिलती है, इसलिए पुलिस ने इसके सदस्यों को ईरानी गिरोह नाम दिया है। पिछले साल सितंबर में क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने इस गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था। उनसे ठगी की कई वारदात सुलझाई थीं। इसके बाद पुलिसकर्मी बनकर महिलाओं से सोने के आभूषण ठगे जाने की वारदात काफी हद तक थम गई थीं। एक साल बाद अब फिर से वारदात शुरू हो गई हैं।
सुबह-शाम मंदिर जाने, पार्क या टहलने निकली, मंदिर जा रही बुजुर्ग महिलाएं इस गिरोह के निशाने पर होती हैं। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य मुंबई से वारदात करने के लिए आते हैं। आरोपी एक बार में दो से तीन ठगी कर शहर छोड़ देते हैं। एक बार शहर छोड़ने के बाद ये दूसरे शहर में अपना ठिकाना बनाते हैं। आरोपियों ने दिल्ली एनसीआर में कई वारदात को अंजाम दिया है। ठगी के बाद आरोपी जूलरी को अपने साथ ले जाते हैं और किसी दूसरे शहर में बेचते हैं। इस कारण आरोपी पकड़ में नहीं आते। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गिरोह के सदस्य खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए जांच के बहाने उनके गहने कागज में लपेटकर बैग में रखने को कहते हैं। गहनों को रखवाने में मदद के बहाने उन्हें गायब कर देते हैं। इस गिरोह के सदस्यों की कद-काठी ईरानी नागरिकों से मिलती है, इसलिए पुलिस ने इसके सदस्यों को ईरानी गिरोह नाम दिया है। पिछले साल सितंबर में क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर ने इस गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था। उनसे ठगी की कई वारदात सुलझाई थीं। इसके बाद पुलिसकर्मी बनकर महिलाओं से सोने के आभूषण ठगे जाने की वारदात काफी हद तक थम गई थीं। एक साल बाद अब फिर से वारदात शुरू हो गई हैं।
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सुबह-शाम मंदिर जाने, पार्क या टहलने निकली, मंदिर जा रही बुजुर्ग महिलाएं इस गिरोह के निशाने पर होती हैं। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य मुंबई से वारदात करने के लिए आते हैं। आरोपी एक बार में दो से तीन ठगी कर शहर छोड़ देते हैं। एक बार शहर छोड़ने के बाद ये दूसरे शहर में अपना ठिकाना बनाते हैं। आरोपियों ने दिल्ली एनसीआर में कई वारदात को अंजाम दिया है। ठगी के बाद आरोपी जूलरी को अपने साथ ले जाते हैं और किसी दूसरे शहर में बेचते हैं। इस कारण आरोपी पकड़ में नहीं आते। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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