{"_id":"6abab91300661cde8703d82a","slug":"how-can-dengue-be-stopped-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-81294-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: सरकारी दफ्तरों की छत पर खुली पड़ी पानी की टंकियां, कैसे रुकेगा डेंगू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: सरकारी दफ्तरों की छत पर खुली पड़ी पानी की टंकियां, कैसे रुकेगा डेंगू
विज्ञापन
डाकघर और नगर निगम मुख्यालय में टंकियों के ढक्कन टूटे
घरों में पानी मिलने पर नोटिस दे रहा स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूक करने के साथ घरों और आसपास जमा पानी की जांच कर नोटिस भी दे रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में ही मच्छरों के पनपने की आशंका वाले स्थानों पर लापरवाही नजर आ रही है।
बीके चौक के पास स्थित डाकघर और नगर निगम मुख्यालय की छत पर रखी पानी की टंकियों के ढक्कन टूटे पड़े हैं। खुले टैंकों में बारिश का पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर में घर-घर जाकर कूलर, गमले, छतों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। कहीं लार्वा मिलने या पानी जमा पाए जाने पर लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों की छतों पर रखी पानी की टंकियों की स्थिति विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 21
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। वहीं मलेरिया के तीन और स्वाइन फ्लू के 22 मामले सामने आ चुके हैं। बारिश के बाद मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है। जरूरत है कि सरकारी कार्यालयों की छतों और परिसरों में भी नियमित रूप से मच्छररोधी अभियान चलाया जाए। पानी की टंकियों के टूटे ढक्कन तत्काल बदले जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सरकारी परिसर में पानी जमा न हो। तभी आम लोगों से की जा रही डेंगू से बचाव की अपील का असर जमीन पर दिखाई देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
घरों में पानी मिलने पर नोटिस दे रहा स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूक करने के साथ घरों और आसपास जमा पानी की जांच कर नोटिस भी दे रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में ही मच्छरों के पनपने की आशंका वाले स्थानों पर लापरवाही नजर आ रही है।
बीके चौक के पास स्थित डाकघर और नगर निगम मुख्यालय की छत पर रखी पानी की टंकियों के ढक्कन टूटे पड़े हैं। खुले टैंकों में बारिश का पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर में घर-घर जाकर कूलर, गमले, छतों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। कहीं लार्वा मिलने या पानी जमा पाए जाने पर लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में सरकारी कार्यालयों की छतों पर रखी पानी की टंकियों की स्थिति विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
विज्ञापन
डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 21
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। वहीं मलेरिया के तीन और स्वाइन फ्लू के 22 मामले सामने आ चुके हैं। बारिश के बाद मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है। जरूरत है कि सरकारी कार्यालयों की छतों और परिसरों में भी नियमित रूप से मच्छररोधी अभियान चलाया जाए। पानी की टंकियों के टूटे ढक्कन तत्काल बदले जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सरकारी परिसर में पानी जमा न हो। तभी आम लोगों से की जा रही डेंगू से बचाव की अपील का असर जमीन पर दिखाई देगा।
विज्ञापन