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Faridabad News: शाहीन क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा

Sat, 06 Jun 2026 01:55 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:55 AM IST
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Health department team raided Shaheen Clinic
एसजीएम नगर में बिना डिग्री के क्लिनिक चल रही थी महिला , एलोपैथिक दवाइयां बरामद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम ने चार जून की सुबह करीब 11:45 बजे एसजीएम नगर की 33 फीट रोड स्थित मकान नंबर सी-1535 (जन्नत मंजिल) में चल रहे शाहीन क्लिनिक पर छापा मारा। इस दौरान एक महिला मरीजों का परीक्षण करते और क्लिनिक का संचालन करते हुए पकड़ी गई। पूछताछ में महिला की पहचान शाहीन बानू के रूप में हुई। जब जांच दल ने उससे मेडिकल प्रैक्टिस से संबंधित जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज, डॉक्टर की डिग्री, डिप्लोमा या चिकित्सा परिषद का पंजीकरण प्रमाण पत्र दिखाने को कहा, तो वह प्रस्तुत नहीं कर सकी। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी की लिखित शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने झोलाछाप के खिलाफ धोखाधड़ी और लोगों की जान जोखिम में डालने की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल (सीपीजीआरएएम) पर एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि एसजीएम नगर स्थित एक क्लिनिक में बिना किसी डिग्री के अवैध रूप से मेडिकल प्रैक्टिस की जा रही है। इसका संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन फरीदाबाद ने मामले की गहनता से जांच करने के आदेश दिए। इसके बाद नागरिक अस्पताल (यूएचसी) एसजीएम नगर सेक्टर-21डी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. ऋषा बत्रा के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव और फरीदाबाद के औषधि नियंत्रण अधिकारी (डीसीओ) संदीप गेहलां को शामिल किया गया। टीम ने चार जून को छापे मारकर झोलाछाप डॉक्टर का खुलासा किया।
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सर्जिकल उपकरण और भारी मात्रा में दवाइयां जब्त
जांच टीम ने जब क्लिनिक की तलाशी ली तब भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां और कई प्रकार के सर्जिकल व चिकित्सा उपकरण मिले। जिनका उपयोग मुख्य रूप से गर्भवतियों के प्रसव (डिलीवरी) और अन्य गंभीर इलाज के लिए किया जाता है। पूछताछ के बाद टीम ने सभी दवाओं और उपकरणों को जब्त कर दो कार्डबोर्ड बॉक्सों में सील कर दिया। इसके साथ ही मौके से ओपीडी रजिस्टर, फीस चार्ट, शाहीन बानू के एएनएम सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी और डॉ. जियानुल आबिदीन के डीएमसी पंजीकरण की फोटोकॉपी को साक्ष्य के तौर पर कब्जे में ले लिया।
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इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषा बत्रा ने शिकायत में कहा कि यह महिला गर्भवतियों के जीवन को मौत के कुएं में धकेल रही थी। वह खुद को डॉक्टर बता कर लोगों से अवैध रूप से मोटी फीस वसूल रही थी। शिकायत के आधार पर एसजीएम नगर थाना पुलिस ने चार जून को आरोपी शाहीन बानू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 318(4) (धोखाधड़ी), राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) अधिनियम की धारा 34 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 18ए व 18सी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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