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Faridabad News: एंटी रैगिंग के लिए कॉलेजों में बनाई शिकायत निवारण टीम
Mon, 29 Jul 2024 10:55 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Mon, 29 Jul 2024 10:55 PM IST
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- पहचान छुपाकर ड्रॉप बॉक्स में डाली जा सकती है शिकायत, प्रत्येक कॉलेज में 3 से 5 सदस्यीय टीम बनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों में रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे निपटने के लिए कॉलेजों ने तीन से पांच सदस्यीय एंटी रैगिंग टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सत्र की शुरुआत से कॉलेजों में विद्यार्थियों को रैगिंग न करने के लिए सेमिनार व पोस्टर के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग करने पर होने वाली कार्रवाई के विषय में जानकारी दी जाएगी।
प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से भी रैगिंग को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत रैगिंग रोकने में असफल रहने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालय के ऊपर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। राजकीय महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सुनिधि ने बताया कि उनके यहां एंटी रैगिंग टीम का गठन कर लिया गया है। इसमें 5 सदस्य हैं, जिनमें 4 महिलाएं और एक पुरुष है। वहीं, बल्लभगढ़ स्थित अग्रवाल कॉलेज में डॉ. रेखा सेन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम बनाने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज परिसर में ड्राॅप बाक्स भी लगाने का निर्णय लिया गया है। अगर कोई छात्राएं अपनी पहचान छुपा कर शिकायत कर सकती है, वह ड्रॉप बाक्स में गुप्त रूप से लिखकर अपनी शिकायत डाल सकती है।
पार्किंग रैगिंग की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। वहां भी हमेशा नजर रहेगी। वहीं, जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में भी एंटी रैगिंग टीम का गठन कर दिया गया है। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। कॉलेज के प्राचार्य रूचिका खुल्लर ने बताया नए सत्र में रैगिंग पर पूरी तरह से पाबंदी होगी। वहीं कुछ अन्य कॉलेजों में टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके सदस्यों ने कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही स्टूडेंट्स पर नजर रखना शुरू कर दिया है। साथ ही, कॉलेज की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
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वहीं, डीएवी शताब्दी कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एंटी रैगिंग टीम का गठन भी किया गया है। इसके अलावा कॉलेज के सभी नोटिस बोर्ड पर रैगिंग का विरोध करने और रैगिंग करते हुए पकड़े जाने पर होने वाली कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। मालूम हो कि प्रत्येक कॉलेज में ड्यूटी संयोजक को तैनात किया गया है। वहीं, नोटिस बोर्ड पर रैगिंग को लेकर डिस्प्ले किया गया है।
केेएल मेहता दयानंद कॉलेज की प्राचार्या मंजू दुआ ने बताया कि रैगिंग के प्रति कॉलेज प्रबंधन काफी सख्त है। इसके लिए पांच टीमें बनाई गई है, जिसमें प्रोफेसर के अलावा छात्राओं को भी शामिल किया गया है।
महिला कॉलेज की एक प्रोफेसर का कहना है कि रैगिंग पर रोक लगाने के लिए पुलिस की ओर से जल्द ही हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, रैगिंग की शिकायत 100 नंबर पर भी दी जा सकती है।
रैगिंग हेल्पलाइन नंबर
दयानंद महिला कॉलेज : 0129 -2416602,
अग्रवाल कॉलेज : 0129- 2308348, 2240976
इन्हें माना जाएगा रैगिंग
- ऐसे शब्द बोलना, जो आपत्तिजनक हों।
- ऐसी बात लिखना, जिससे कोई अपमानित होता हो।
- ऐसा काम करना, जिससे किसी को परेशानी हो।
- किसी को चिढ़ाना, आक्रोशित होना।
- शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना
- कैंपस में अनुशासनहीन तरीके से कनिष्ठ से बर्ताव करना
- मनोवैज्ञानिक तरीके से किसी को गलत करने के लिए प्रेरित करना
- डर दिखाकर कोई काम कराना
- कोई ऐसा काम करना, जिससे कनिष्ठ को शर्मसार होना पड़े
रैगिंग करने पर यह होगी कार्रवाई
- रैगिंग करने वाले को संस्थान से निकाला जा सकता है।
- सार्वजनिक माफी के साथ-साथ जुर्माना।
- छात्रवृति सहित अन्य लाभ को तुरंत बंद किया जा सकता है।
- संस्थान के किसी इवेंट में प्रतिनिधित्व पर रोक।
- रिजल्ट रोका जा सकता है।
- छात्रावास से बाहर निकाला जा सकता है।
- एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
- रैगिंग करने वाले की पहचान नहीं होने पर सामूहिक दंड का प्रावधान।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों में रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे निपटने के लिए कॉलेजों ने तीन से पांच सदस्यीय एंटी रैगिंग टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सत्र की शुरुआत से कॉलेजों में विद्यार्थियों को रैगिंग न करने के लिए सेमिनार व पोस्टर के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को रैगिंग करने पर होने वाली कार्रवाई के विषय में जानकारी दी जाएगी।
प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से भी रैगिंग को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत रैगिंग रोकने में असफल रहने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालय के ऊपर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। राजकीय महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सुनिधि ने बताया कि उनके यहां एंटी रैगिंग टीम का गठन कर लिया गया है। इसमें 5 सदस्य हैं, जिनमें 4 महिलाएं और एक पुरुष है। वहीं, बल्लभगढ़ स्थित अग्रवाल कॉलेज में डॉ. रेखा सेन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम बनाने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज परिसर में ड्राॅप बाक्स भी लगाने का निर्णय लिया गया है। अगर कोई छात्राएं अपनी पहचान छुपा कर शिकायत कर सकती है, वह ड्रॉप बाक्स में गुप्त रूप से लिखकर अपनी शिकायत डाल सकती है।
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पार्किंग रैगिंग की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। वहां भी हमेशा नजर रहेगी। वहीं, जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में भी एंटी रैगिंग टीम का गठन कर दिया गया है। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। कॉलेज के प्राचार्य रूचिका खुल्लर ने बताया नए सत्र में रैगिंग पर पूरी तरह से पाबंदी होगी। वहीं कुछ अन्य कॉलेजों में टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके सदस्यों ने कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही स्टूडेंट्स पर नजर रखना शुरू कर दिया है। साथ ही, कॉलेज की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
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वहीं, डीएवी शताब्दी कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एंटी रैगिंग टीम का गठन भी किया गया है। इसके अलावा कॉलेज के सभी नोटिस बोर्ड पर रैगिंग का विरोध करने और रैगिंग करते हुए पकड़े जाने पर होने वाली कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। मालूम हो कि प्रत्येक कॉलेज में ड्यूटी संयोजक को तैनात किया गया है। वहीं, नोटिस बोर्ड पर रैगिंग को लेकर डिस्प्ले किया गया है।
केेएल मेहता दयानंद कॉलेज की प्राचार्या मंजू दुआ ने बताया कि रैगिंग के प्रति कॉलेज प्रबंधन काफी सख्त है। इसके लिए पांच टीमें बनाई गई है, जिसमें प्रोफेसर के अलावा छात्राओं को भी शामिल किया गया है।
महिला कॉलेज की एक प्रोफेसर का कहना है कि रैगिंग पर रोक लगाने के लिए पुलिस की ओर से जल्द ही हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, रैगिंग की शिकायत 100 नंबर पर भी दी जा सकती है।
रैगिंग हेल्पलाइन नंबर
दयानंद महिला कॉलेज : 0129 -2416602,
अग्रवाल कॉलेज : 0129- 2308348, 2240976
इन्हें माना जाएगा रैगिंग
- ऐसे शब्द बोलना, जो आपत्तिजनक हों।
- ऐसी बात लिखना, जिससे कोई अपमानित होता हो।
- ऐसा काम करना, जिससे किसी को परेशानी हो।
- किसी को चिढ़ाना, आक्रोशित होना।
- शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना
- कैंपस में अनुशासनहीन तरीके से कनिष्ठ से बर्ताव करना
- मनोवैज्ञानिक तरीके से किसी को गलत करने के लिए प्रेरित करना
- डर दिखाकर कोई काम कराना
- कोई ऐसा काम करना, जिससे कनिष्ठ को शर्मसार होना पड़े
रैगिंग करने पर यह होगी कार्रवाई
- रैगिंग करने वाले को संस्थान से निकाला जा सकता है।
- सार्वजनिक माफी के साथ-साथ जुर्माना।
- छात्रवृति सहित अन्य लाभ को तुरंत बंद किया जा सकता है।
- संस्थान के किसी इवेंट में प्रतिनिधित्व पर रोक।
- रिजल्ट रोका जा सकता है।
- छात्रावास से बाहर निकाला जा सकता है।
- एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
- रैगिंग करने वाले की पहचान नहीं होने पर सामूहिक दंड का प्रावधान।