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Faridabad News: कोजागिरी पूर्णिमा पर गरबा-डांडिया की धूम, संस्कृति और एकता का दिया संदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महाराष्ट्र मित्र मंडल फरीदाबाद की ओर से गांधी कॉलोनी स्थित समुदाय भवन में कोजागिरी पूर्णिमा उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंडल के सदस्यों और उनके परिवारजनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर भारतीय परंपराओं और सामुदायिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में गरबा और डांडिया नाइट आकर्षण का केंद्र रही।
मंडल के वरिष्ठ सदस्य यशवंत पांचाल ने कोजागिरी पूर्णिमा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा को कोजागिरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है। इसी परंपरा के चलते खीर और दूध से बने प्रसाद को चांदनी में रखने की परंपरा है।
उत्सव के दौरान मंडल की ओर से सदस्यों को दूध और मुरमुरे की विशेष भेल का प्रसाद वितरित किया गया। सभी ने सामूहिक रूप से चंद्र दर्शन कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। कार्यक्रम में रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे सदस्यों ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संगीत और नृत्य के बीच पारिवारिक सौहार्द की झलक देखने को मिली।
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फरीदाबाद। महाराष्ट्र मित्र मंडल फरीदाबाद की ओर से गांधी कॉलोनी स्थित समुदाय भवन में कोजागिरी पूर्णिमा उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंडल के सदस्यों और उनके परिवारजनों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर भारतीय परंपराओं और सामुदायिक एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में गरबा और डांडिया नाइट आकर्षण का केंद्र रही।
मंडल के वरिष्ठ सदस्य यशवंत पांचाल ने कोजागिरी पूर्णिमा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा को कोजागिरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है। इसी परंपरा के चलते खीर और दूध से बने प्रसाद को चांदनी में रखने की परंपरा है।
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उत्सव के दौरान मंडल की ओर से सदस्यों को दूध और मुरमुरे की विशेष भेल का प्रसाद वितरित किया गया। सभी ने सामूहिक रूप से चंद्र दर्शन कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। कार्यक्रम में रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे सदस्यों ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संगीत और नृत्य के बीच पारिवारिक सौहार्द की झलक देखने को मिली।
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