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Faridabad News: सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर 16 लाख की ठगी
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साजिश के तहत ठगी की धाराओं में मुजेसर थाने में एफआईआर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सामाजिक संस्था चलाने वाले मुजेसर एरिया के रहने वाले व्यक्ति से कंपनी से सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर 16 लाख रुपये ठगने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले दो लोगों ने संपर्क किया और फिर कंपनी की प्रतिनिधि बताकर युवती से बात कराई। बाद में फंड नहीं मिला और वापस होना बताकर लिए गए 16 लाख रुपये भी वापस नहीं किए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मुजेसर थाना में एफआईआर दर्ज कर टीम जांच में जुटी है।
पुलिस को ये शिकायत मुजेसर एरिया में रहने वाले दीपक ने दी है। ये एक सामाजिक संस्था चलाते हैं। आरोप है कि दिल्ली के मनोहर कुंज निवासी रवि शर्मा, पहाड़ गंज एरिया निवासी राजू कुमार ने कॉल कर इन्हें बताया कि उनके पड़ोस में एक व्यक्ति है जो आपकी संस्था में दान देंगे। अगले दिन रवि और राजू ने दीपक को दिल्ली बुलाया और नमरा नामक युवती से मिलवाया। युवती ने खुद को कंपनी की प्रतिनिधि बताकर कहा कि हमारी कंपनी का नाम वन टू फाइव इंवेस्टमेंट एंड क्रेडिट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है।
शिकायतकर्ता को कहा गया कि कंपनी के सीएसआर फंड से दान पाने के लिए शुरू में बुकिंग करनी होती है जो बाद में रिफंड कर दी जाती है। बाद में आपको पूरी राशि का चेक बनाकर देंगे। 10 लाख रुपये आरटीजीएस और 6 लाख रुपये नकद देने को कहा गया। दीपक के मना करने पर आरोपी बार-बार कॉल करते रहे। 24 नवंबर 2022 को दीपक के घर पर रवि आया और बताया कि मैं नामी न्यूज चैनल में अच्छे पद पर हूं। उसने अपना आईकार्ड व ऑफिस का फोटो दिखाया। 28 दिसंबर 2022 को बताए गए खाते में आरटीजीएस से 10 लाख ट्रांसफर कर दिए और राजू को 6 लाख रुपये नकद दिए गए।
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बाद में 10 लाख रुपये का चेक दीपक के नाम से बनवाकर व्हाट्सएप किया गया। रवि बोला कि ये चेक मेरे पास रहेगा, आपको बाद में दूंगा। फिर नोएडा की कंपनी में शिकायतकर्ता को बुलाकर कुछ लोगों ने गाड़ी में बैठाया और इनकी संस्था के ओरिजनल पेपर मांगे। फिर पेपर में कमी बताकर बोले कि हम आपके साथ काम नहीं कर सकते। कंपनी प्रतिनिधि नमरा से बात की तो बोली कि फिर से 10 लाख रुपये की बुकिंग करनी होगी। पीड़ित ने अपने 16 लाख रुपये वापस मांगे तो कुछ मोहलत मांगने लगे। लेकिन बाद में कॉल रिसीव करना ही बंद कर दिया। साथ ही चैनल पर शिकायतकर्ता की फर्जी न्यूज तक चलाने की धमकी दी गई। परेशान होकर जनवरी 2025 में शिकायत पुलिस को दी गई। जिस पर अब एफआईआर दर्ज हुई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सामाजिक संस्था चलाने वाले मुजेसर एरिया के रहने वाले व्यक्ति से कंपनी से सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर 16 लाख रुपये ठगने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले दो लोगों ने संपर्क किया और फिर कंपनी की प्रतिनिधि बताकर युवती से बात कराई। बाद में फंड नहीं मिला और वापस होना बताकर लिए गए 16 लाख रुपये भी वापस नहीं किए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मुजेसर थाना में एफआईआर दर्ज कर टीम जांच में जुटी है।
पुलिस को ये शिकायत मुजेसर एरिया में रहने वाले दीपक ने दी है। ये एक सामाजिक संस्था चलाते हैं। आरोप है कि दिल्ली के मनोहर कुंज निवासी रवि शर्मा, पहाड़ गंज एरिया निवासी राजू कुमार ने कॉल कर इन्हें बताया कि उनके पड़ोस में एक व्यक्ति है जो आपकी संस्था में दान देंगे। अगले दिन रवि और राजू ने दीपक को दिल्ली बुलाया और नमरा नामक युवती से मिलवाया। युवती ने खुद को कंपनी की प्रतिनिधि बताकर कहा कि हमारी कंपनी का नाम वन टू फाइव इंवेस्टमेंट एंड क्रेडिट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है।
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शिकायतकर्ता को कहा गया कि कंपनी के सीएसआर फंड से दान पाने के लिए शुरू में बुकिंग करनी होती है जो बाद में रिफंड कर दी जाती है। बाद में आपको पूरी राशि का चेक बनाकर देंगे। 10 लाख रुपये आरटीजीएस और 6 लाख रुपये नकद देने को कहा गया। दीपक के मना करने पर आरोपी बार-बार कॉल करते रहे। 24 नवंबर 2022 को दीपक के घर पर रवि आया और बताया कि मैं नामी न्यूज चैनल में अच्छे पद पर हूं। उसने अपना आईकार्ड व ऑफिस का फोटो दिखाया। 28 दिसंबर 2022 को बताए गए खाते में आरटीजीएस से 10 लाख ट्रांसफर कर दिए और राजू को 6 लाख रुपये नकद दिए गए।
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बाद में 10 लाख रुपये का चेक दीपक के नाम से बनवाकर व्हाट्सएप किया गया। रवि बोला कि ये चेक मेरे पास रहेगा, आपको बाद में दूंगा। फिर नोएडा की कंपनी में शिकायतकर्ता को बुलाकर कुछ लोगों ने गाड़ी में बैठाया और इनकी संस्था के ओरिजनल पेपर मांगे। फिर पेपर में कमी बताकर बोले कि हम आपके साथ काम नहीं कर सकते। कंपनी प्रतिनिधि नमरा से बात की तो बोली कि फिर से 10 लाख रुपये की बुकिंग करनी होगी। पीड़ित ने अपने 16 लाख रुपये वापस मांगे तो कुछ मोहलत मांगने लगे। लेकिन बाद में कॉल रिसीव करना ही बंद कर दिया। साथ ही चैनल पर शिकायतकर्ता की फर्जी न्यूज तक चलाने की धमकी दी गई। परेशान होकर जनवरी 2025 में शिकायत पुलिस को दी गई। जिस पर अब एफआईआर दर्ज हुई है।