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Faridabad News: खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो दुकानों से भरे नमूने
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवरात्र के अवसर पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को सेक्टर-28 और जीवन नगर की दो दुकानों से छह नमूने लिए गए। लोगों की शिकायत के आधार पर सैंपलिंग की जा रही है। गुणवत्ता से समझौता करने वालों से विभाग सख्ती से निपटेगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सचिन शर्मा ने सोमवार को सेक्टर-28 स्थित एक दुकान से डेरी उत्पादों के चार नमूने भरे। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर दुकान से दूध, मावा, घी आदि के नमूने भरे गए हैं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने जीवन नगर में एक डेरी से दो उत्पादों के नमूने भरे। नमूनों को जांच के लिए पंचकुला भेजा जाएगा। विभाग की ओर से सैंपल भरे जाने पर आसपास के कुछ दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं।
नवरात्र की शुरूआत मंगलवार से हो रही है। रविवार और सोमवार को शहर के लगभग सभी बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ी। पूजा सामग्री व उपवास में इस्तेमाल की जाने वाली खाद्य सामग्रियों की जमकर खरीदारी हुई। अधिकांश दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं। व्रत के दौरान कूटू का आटा, दूध, मावा, मक्खन, पनीर, तेल, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल की बिक्री बढ़ जाती है। इस दौरान मिलावटखोरी भी जमकर की जाती है। इसकी रोकथाम के लिए लोगों की शिकायत के आधार पर शहर के अलग-अलग बाजारों में छापेमारी की जा रही है।
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ये है सजा का प्रावधान
अधिकारियों के मुताबिक लोगों की शिकायत या किसी अन्य प्रकार की सूचना मिलने पर दुकानों से सैंपल एकत्रित किए जाते हैं। फेल सैम्पल तीन तरह के होते हैं-अनसेफ, मिस ब्रांड और सब स्टैंडर्ड। सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर ही जुर्माना तय किया जाता है। अनसेफ में छह महीने की सजा और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना, मिस ब्रांड सैंपल पाए जाने पर तीन लाख रुपये तक जुर्माना जबकि सब स्टैंडर्ड पर एक से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
अधिकारी से बातचीत
नवरात्रि को लेकर सोमवार से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। लापरवाही करने वाले दुकानदारों पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सचिन शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
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फरीदाबाद। नवरात्र के अवसर पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू कर दी है। सोमवार को सेक्टर-28 और जीवन नगर की दो दुकानों से छह नमूने लिए गए। लोगों की शिकायत के आधार पर सैंपलिंग की जा रही है। गुणवत्ता से समझौता करने वालों से विभाग सख्ती से निपटेगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सचिन शर्मा ने सोमवार को सेक्टर-28 स्थित एक दुकान से डेरी उत्पादों के चार नमूने भरे। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर दुकान से दूध, मावा, घी आदि के नमूने भरे गए हैं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने जीवन नगर में एक डेरी से दो उत्पादों के नमूने भरे। नमूनों को जांच के लिए पंचकुला भेजा जाएगा। विभाग की ओर से सैंपल भरे जाने पर आसपास के कुछ दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दीं।
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नवरात्र की शुरूआत मंगलवार से हो रही है। रविवार और सोमवार को शहर के लगभग सभी बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ी। पूजा सामग्री व उपवास में इस्तेमाल की जाने वाली खाद्य सामग्रियों की जमकर खरीदारी हुई। अधिकांश दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं। व्रत के दौरान कूटू का आटा, दूध, मावा, मक्खन, पनीर, तेल, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल की बिक्री बढ़ जाती है। इस दौरान मिलावटखोरी भी जमकर की जाती है। इसकी रोकथाम के लिए लोगों की शिकायत के आधार पर शहर के अलग-अलग बाजारों में छापेमारी की जा रही है।
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ये है सजा का प्रावधान
अधिकारियों के मुताबिक लोगों की शिकायत या किसी अन्य प्रकार की सूचना मिलने पर दुकानों से सैंपल एकत्रित किए जाते हैं। फेल सैम्पल तीन तरह के होते हैं-अनसेफ, मिस ब्रांड और सब स्टैंडर्ड। सैंपल की रिपोर्ट के आधार पर ही जुर्माना तय किया जाता है। अनसेफ में छह महीने की सजा और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना, मिस ब्रांड सैंपल पाए जाने पर तीन लाख रुपये तक जुर्माना जबकि सब स्टैंडर्ड पर एक से लेकर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
अधिकारी से बातचीत
नवरात्रि को लेकर सोमवार से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। लापरवाही करने वाले दुकानदारों पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सचिन शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।