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Faridabad News: हाईकोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद सत्र अदालत में दोबारा याचिका दाखिल करना नियमों के खिलाफ
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पेट्रोल पंप कर्मचारी को कार से कुचलने के आरोपी की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला अदालत ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए अहम टिप्पणी की है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सत्र अदालत में दोबारा याचिका दाखिल करना नियमों के खिलाफ है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने इस आधार पर पेट्रोल पंप कर्मचारी को कार से कुचलने के आरोपी सन्नी आहूजा की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दी।
अदालत ने हाईकोर्ट के भीषण सिंह बनाम हरियाणा राज्य मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सत्र अदालत में दूसरी या लगातार याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती। अदालत ने सुखविंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य मामले में हाईकोर्ट के हालिया फैसले का भी उल्लेख किया। पुलिस के अनुसार, तीन मई की रात नीलम-बिजली बोर्ड रोड स्थित पेट्रोल पंप पर विवाद हुआ था। आरोप है कि कार चालक सन्नी आहूजा ने कर्मचारी सोनू के साथ कहासुनी के बाद उसके बाएं पैर पर कार चढ़ा दी। इसके बाद कार पीछे करके दोबारा टक्कर मारी और मौके से भाग गया। सोनू के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ और उसका ऑपरेशन करना पड़ा। आरोपी की पहली अग्रिम जमानत याचिका सत्र अदालत ने 15 मई को खारिज कर दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी 25 मई को याचिका खारिज कर दी। आरोपी ने शिकायतकर्ता के साथ समझौता होने और प्राथमिकी रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लंबित होने का आधार लेकर सत्र अदालत में दूसरी अग्रिम जमानत मांगी थी। अदालत ने इसे सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला अदालत ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए अहम टिप्पणी की है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सत्र अदालत में दोबारा याचिका दाखिल करना नियमों के खिलाफ है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने इस आधार पर पेट्रोल पंप कर्मचारी को कार से कुचलने के आरोपी सन्नी आहूजा की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दी।
अदालत ने हाईकोर्ट के भीषण सिंह बनाम हरियाणा राज्य मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सत्र अदालत में दूसरी या लगातार याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती। अदालत ने सुखविंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य मामले में हाईकोर्ट के हालिया फैसले का भी उल्लेख किया। पुलिस के अनुसार, तीन मई की रात नीलम-बिजली बोर्ड रोड स्थित पेट्रोल पंप पर विवाद हुआ था। आरोप है कि कार चालक सन्नी आहूजा ने कर्मचारी सोनू के साथ कहासुनी के बाद उसके बाएं पैर पर कार चढ़ा दी। इसके बाद कार पीछे करके दोबारा टक्कर मारी और मौके से भाग गया। सोनू के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ और उसका ऑपरेशन करना पड़ा। आरोपी की पहली अग्रिम जमानत याचिका सत्र अदालत ने 15 मई को खारिज कर दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी 25 मई को याचिका खारिज कर दी। आरोपी ने शिकायतकर्ता के साथ समझौता होने और प्राथमिकी रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लंबित होने का आधार लेकर सत्र अदालत में दूसरी अग्रिम जमानत मांगी थी। अदालत ने इसे सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया।
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