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Faridabad News: शहीदों के नाम से थी फरीदाबाद की पहचान, अब आतंकवादियों को लेकर सुर्खियों में
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2900 किलोग्राम विस्फोटक मिलने से जिले का नाम हो रहा खराब
भारती दुबे
फरीदाबाद। अब तक फरीदाबाद का जब नाम लिया जाता था, तो लोगों का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता था। लेकिन अब फरीदाबाद का नाम सुनकर लोगों को केवल धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी और 2900 किलोग्राम बरामद किया गया विस्फोटक याद आ रहा है। जिले में शहीदों के परिवारों का मानना है कि इन सब चीजों के बाद से जिले का नाम खराब हो गया है।
अगस्त 2022 में शाहजहांपुर गांव के बलिदानी मनोज भाटी ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। इस दौरान उनके सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी। पूरे गांव और आसपास के कई गांव के लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। सभी लोगों को बलिदानी और जिले के नाम पर गर्व महसूस होता था, लेकिन आज लोगों को काफी दुख हो रहा है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे जिले का नाम खराब हुआ है। इसका उन्हें बेहद दुख है।
मनोज भाटी के अलावा अटाली गांव से संदीप काली रमन और कई शहीदों ने देश के लिए बलिदान देकर देश की रक्षा की है। देश और जिले का नाम रोशन किया है। शहीदों के परिवार आज बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि हमें दुख है कि हमारे बेटे और भाइयों ने जो नाम किया है उसे कुछ लोगों ने खराब करने की कोशिश की। यह सब सुनकर हमें और हमारे परिवार को बेहद पीड़ा हो रही है। प्रशासन को जल्द ही कार्रवाई कर दोषियों के सजा देनी चाहिए।
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आतंकवादियों के कारण फरीदाबाद का नाम खराब हुआ है। जिले में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलना आम बात नहीं है। इसके कारण सभी ग्रामिणों में भी रोष है। हमारी प्रशासन से मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए। -
हेमराज, शाहजहांपुर गांव
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आज तक फरीदाबाद का नाम जब भी लिया जाता था, तो सबको गर्व महसूस होता था। लेकिन, अब फरीदाबाद का नाम सुनकर जब लोग आतंकवाद और विस्फोटक की चर्चा करते हैं, तो इससे हमें बहुत पीड़ा महसूस होती है। - प्रदीप भाटी, अटाली गांव
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जिले में अब तक लोग खुशी और निडरता के साथ रहते थे। ऐसे में अल-फलाह यूनिवर्सिटी और विस्फोटक कांड होने के बाद लोगों में कहीं न कहीं भय भी बन गया है। प्रशासन को जल्द सभी दोषियों को पकड़कर सजा देनी चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। - हरिंदर सिंह भाटी, शाहजहांपुर गांव
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भारती दुबे
फरीदाबाद। अब तक फरीदाबाद का जब नाम लिया जाता था, तो लोगों का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता था। लेकिन अब फरीदाबाद का नाम सुनकर लोगों को केवल धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी और 2900 किलोग्राम बरामद किया गया विस्फोटक याद आ रहा है। जिले में शहीदों के परिवारों का मानना है कि इन सब चीजों के बाद से जिले का नाम खराब हो गया है।
अगस्त 2022 में शाहजहांपुर गांव के बलिदानी मनोज भाटी ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। इस दौरान उनके सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई थी। पूरे गांव और आसपास के कई गांव के लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। सभी लोगों को बलिदानी और जिले के नाम पर गर्व महसूस होता था, लेकिन आज लोगों को काफी दुख हो रहा है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे जिले का नाम खराब हुआ है। इसका उन्हें बेहद दुख है।
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मनोज भाटी के अलावा अटाली गांव से संदीप काली रमन और कई शहीदों ने देश के लिए बलिदान देकर देश की रक्षा की है। देश और जिले का नाम रोशन किया है। शहीदों के परिवार आज बेहद निराश हैं। उनका कहना है कि हमें दुख है कि हमारे बेटे और भाइयों ने जो नाम किया है उसे कुछ लोगों ने खराब करने की कोशिश की। यह सब सुनकर हमें और हमारे परिवार को बेहद पीड़ा हो रही है। प्रशासन को जल्द ही कार्रवाई कर दोषियों के सजा देनी चाहिए।
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आतंकवादियों के कारण फरीदाबाद का नाम खराब हुआ है। जिले में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलना आम बात नहीं है। इसके कारण सभी ग्रामिणों में भी रोष है। हमारी प्रशासन से मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए। -
हेमराज, शाहजहांपुर गांव
आज तक फरीदाबाद का नाम जब भी लिया जाता था, तो सबको गर्व महसूस होता था। लेकिन, अब फरीदाबाद का नाम सुनकर जब लोग आतंकवाद और विस्फोटक की चर्चा करते हैं, तो इससे हमें बहुत पीड़ा महसूस होती है। - प्रदीप भाटी, अटाली गांव
जिले में अब तक लोग खुशी और निडरता के साथ रहते थे। ऐसे में अल-फलाह यूनिवर्सिटी और विस्फोटक कांड होने के बाद लोगों में कहीं न कहीं भय भी बन गया है। प्रशासन को जल्द सभी दोषियों को पकड़कर सजा देनी चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। - हरिंदर सिंह भाटी, शाहजहांपुर गांव