{"_id":"5d8904078ebc3e01767f4f05","slug":"esi-will-give-better-treatment-in-cheapest-rate-faridabad-news-noi4631446151","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईएसआई कम पैसों में देगा बेहतर इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईएसआई कम पैसों में देगा बेहतर इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। कम पैसों में मरीज अब ईएसआई अस्पतालों में बेहतर इलाज की सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत किए जाने वाले योगदान को वेतन के 6.5% में 2.5 प्रतिशत की कटौती की है, जो अब घटाकर 4% रह गया। इससे फरीदाबाद में करीब पांच लाख और प्रदेश में 29 लाख ईएसआई सदस्यों को लाभ मिलेगा। ईएसआईसी ने इसे लागू कर दिया है।
ईएसआई द्वारा कर्मचारी व उनके परिजनों को ईएसआई अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। इसमें नियोक्ता का योगदान 4.75 प्रतिशत और कर्मचारियों का योगदान 1.75 प्रतिशत होता था। अधिकारियों की मानें तो वेतन से इलाज के रूप में ज्यादा पैसे कटने के कारण कई कर्मचारी ईएसआई कटवाने से बचते थे। वहीं दूसरी तरफ नियोक्ता भी कर्मचारियों की ईएसआई नहीं काटते थे, क्योंकि ईएसआई काटने पर उन्हें ज्यादा योगदान देना होता था। पिछले दिनों सरकार ने ईएसआई से अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोड़ने के लिए अंशदान में कटौती की है। इसके बाद नियोक्ता का योगदान से 4.75 से घटकर 3.25% हो गया और कर्मचारी का योगदान 1.75 से घटकर 0.75% रह गया। यदि दस हजार रुपये पाने वाले कर्मचारी की मासिक कटौती पहले 175 रुपये हो रही थी तो अब यह सिर्फ 75 रुपये ही प्रतिमाह होगी। इसी प्रकार नियोक्ता को भी अपनी हिस्सेदारी कम देनी होगी।
कोट
सरकार ने ईएसआई कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान में कटौती की है। इस आदेश को लागू कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को काफी लाभ मिलेगा। अंशदान में कटौती का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा कर्मियों को ईएसआई से जोड़ना है।
विज्ञापन
- आशीष दीक्षित, सहायक निदेशक-ईएसआईसी फरीदाबाद
विज्ञापन
ईएसआई द्वारा कर्मचारी व उनके परिजनों को ईएसआई अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। इसमें नियोक्ता का योगदान 4.75 प्रतिशत और कर्मचारियों का योगदान 1.75 प्रतिशत होता था। अधिकारियों की मानें तो वेतन से इलाज के रूप में ज्यादा पैसे कटने के कारण कई कर्मचारी ईएसआई कटवाने से बचते थे। वहीं दूसरी तरफ नियोक्ता भी कर्मचारियों की ईएसआई नहीं काटते थे, क्योंकि ईएसआई काटने पर उन्हें ज्यादा योगदान देना होता था। पिछले दिनों सरकार ने ईएसआई से अधिक से अधिक कर्मचारियों को जोड़ने के लिए अंशदान में कटौती की है। इसके बाद नियोक्ता का योगदान से 4.75 से घटकर 3.25% हो गया और कर्मचारी का योगदान 1.75 से घटकर 0.75% रह गया। यदि दस हजार रुपये पाने वाले कर्मचारी की मासिक कटौती पहले 175 रुपये हो रही थी तो अब यह सिर्फ 75 रुपये ही प्रतिमाह होगी। इसी प्रकार नियोक्ता को भी अपनी हिस्सेदारी कम देनी होगी।
विज्ञापन
कोट
सरकार ने ईएसआई कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान में कटौती की है। इस आदेश को लागू कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को काफी लाभ मिलेगा। अंशदान में कटौती का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा कर्मियों को ईएसआई से जोड़ना है।
विज्ञापन
- आशीष दीक्षित, सहायक निदेशक-ईएसआईसी फरीदाबाद