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Faridabad News: गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Fri, 19 May 2023 11:04 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 19 May 2023 11:04 PM IST
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परिजनों का आरोप डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत होने पर शुक्रवार को परिजनों ने बीके अस्पताल में हंगामा किया। महिला पल्ला स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर से रेफर होकर बीके अस्पताल आई थी। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि महिला की मौत पहले ही हो चुकी थी।
शास्त्री कॉलोनी पल्ला एक निवासी सुनील ने बताया कि पत्नी चंद्रवती नौ महीने की गर्भवती थी। डॉक्टरों ने पत्नी को डिलीवरी के लिए 22 मई को बुलाया था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसे कुछ दिक्कत हुई तो परिवार वाले उपचार के लिए पल्ला स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर ले गए। जहां पर उसने खाना खाया। परिजनों का आरोप है कि उसके बाद चंद्रवती को कोई इंजेक्शन लगाया गया। जिसके बाद वह बेहोश हो गई। मरीज की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। स्वास्थ्य केंद्र की पर्ची के अनुसार महिला को दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन परिजनों का कहना है कि पल्ला के डॉक्टर ने उनसे बीके अस्पताल ले जाने के लिए कहा। दोपहर 12 बजे वह बीके अस्पताल आ गए। पहले वह स्ट्रेचर के लिए इधर-उधर घूमते रहे। उपचार में देरी होने पर परिजनों ने हंगामा किया। तब मरीज को पहली मंजिल पर ले जाया गया, उसके बाद इमरजेंसी में लेकर गए। जहां पर डॉक्टर ने ईसीजी करने के बाद गर्भवती महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मृत्यु होने के बाद परिजनों ने इमरजेंसी में हंगामा किया। इसमें आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मौत हुई है। इस दौरान एनआईटी-3 नंबर चौकी की पुलिस भी मौके पर मौजूद थी।
नहीं मिली एंबुलेंस
परिजनों ने बताया कि पल्ला स्वास्थ्य केंद्र द्वारा बीके अस्पताल को एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस वालों ने कहा कि करीब एक घंटे के बाद एंबुलेंस आएगी। जिसके बाद परिजन निजी एंबुलेंस करके मरीज को बीके अस्पताल लाए।
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दो बच्चों के सिर से उठा मां का साया
सुनील ने बताया कि वह सेक्टर-28 स्थित निजी कंपनी में डिजाइनर के पद पर कार्यरत है। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटा 7 साल का व एक बेटी 5 साल की है। यह उनका तीसरा बच्चा था।
सब कुछ था ठीक, तो क्यों हुई मृत्यु
पल्ला मेडिकल ऑफिसर किरण का कहना है कि जब महिला उनके यहां डिलीवरी के लिए आई थी तो बिल्कुल ठीक थी। उसका बीपी व शुगर लेवल भी कंट्रोल में था लेकिन अचानक से करीब 9 बजे उसकी हालत बिगड़ने लगी। बचाने के लिए सीपीआर भी दिया गया। उनका कहना है कि मरीज की मौत क्यों हुई, इसको लेकर वह अपने सीनियर डॉक्टर के साथ विचार विमर्श कर रही हैं, उसके बाद ही कारणों का पता चल पाएगा।
पीएमओ डॉ सविता यादव का कहना है कि मरीज की मृत्यु पल्ला में हो चुकी थी। यहां पर जब मरीज की ईसीजी की गई तो वह मृत थी। इसको लेकर वह पल्ला स्वास्थ्य केंद्र की इंचार्ज से बात करेंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत होने पर शुक्रवार को परिजनों ने बीके अस्पताल में हंगामा किया। महिला पल्ला स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर से रेफर होकर बीके अस्पताल आई थी। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि महिला की मौत पहले ही हो चुकी थी।
शास्त्री कॉलोनी पल्ला एक निवासी सुनील ने बताया कि पत्नी चंद्रवती नौ महीने की गर्भवती थी। डॉक्टरों ने पत्नी को डिलीवरी के लिए 22 मई को बुलाया था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसे कुछ दिक्कत हुई तो परिवार वाले उपचार के लिए पल्ला स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर ले गए। जहां पर उसने खाना खाया। परिजनों का आरोप है कि उसके बाद चंद्रवती को कोई इंजेक्शन लगाया गया। जिसके बाद वह बेहोश हो गई। मरीज की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। स्वास्थ्य केंद्र की पर्ची के अनुसार महिला को दिल्ली रेफर किया गया, लेकिन परिजनों का कहना है कि पल्ला के डॉक्टर ने उनसे बीके अस्पताल ले जाने के लिए कहा। दोपहर 12 बजे वह बीके अस्पताल आ गए। पहले वह स्ट्रेचर के लिए इधर-उधर घूमते रहे। उपचार में देरी होने पर परिजनों ने हंगामा किया। तब मरीज को पहली मंजिल पर ले जाया गया, उसके बाद इमरजेंसी में लेकर गए। जहां पर डॉक्टर ने ईसीजी करने के बाद गर्भवती महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मृत्यु होने के बाद परिजनों ने इमरजेंसी में हंगामा किया। इसमें आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मौत हुई है। इस दौरान एनआईटी-3 नंबर चौकी की पुलिस भी मौके पर मौजूद थी।
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नहीं मिली एंबुलेंस
परिजनों ने बताया कि पल्ला स्वास्थ्य केंद्र द्वारा बीके अस्पताल को एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन एंबुलेंस वालों ने कहा कि करीब एक घंटे के बाद एंबुलेंस आएगी। जिसके बाद परिजन निजी एंबुलेंस करके मरीज को बीके अस्पताल लाए।
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दो बच्चों के सिर से उठा मां का साया
सुनील ने बताया कि वह सेक्टर-28 स्थित निजी कंपनी में डिजाइनर के पद पर कार्यरत है। उनके दो बच्चे हैं। एक बेटा 7 साल का व एक बेटी 5 साल की है। यह उनका तीसरा बच्चा था।
सब कुछ था ठीक, तो क्यों हुई मृत्यु
पल्ला मेडिकल ऑफिसर किरण का कहना है कि जब महिला उनके यहां डिलीवरी के लिए आई थी तो बिल्कुल ठीक थी। उसका बीपी व शुगर लेवल भी कंट्रोल में था लेकिन अचानक से करीब 9 बजे उसकी हालत बिगड़ने लगी। बचाने के लिए सीपीआर भी दिया गया। उनका कहना है कि मरीज की मौत क्यों हुई, इसको लेकर वह अपने सीनियर डॉक्टर के साथ विचार विमर्श कर रही हैं, उसके बाद ही कारणों का पता चल पाएगा।
पीएमओ डॉ सविता यादव का कहना है कि मरीज की मृत्यु पल्ला में हो चुकी थी। यहां पर जब मरीज की ईसीजी की गई तो वह मृत थी। इसको लेकर वह पल्ला स्वास्थ्य केंद्र की इंचार्ज से बात करेंगी।