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नशीले पदार्थ बेचने और नशा करने वालों की गंभीरता से हो निगरानी : एडीसी
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फोटो-
- अतिरिक्त उपायुक्त ने नशे की बिक्री रोकने के लिए अधिकारियों की ली बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अपराजिता ने कहा कि जिले में नशा करने वालों और नशीले पदार्थ बेचने वालों की गंभीरता से निगरानी हो। एडीसी ने बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नशा तस्करी तथा नशाखोरी के खिलाफ बेहतर क्रियान्वयन के लिए समीक्षा बैठक की। एडीसी ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से गुप्त कार्रवाई कर रहे हैं। जिले में नशे की सप्लाई बेधड़क जारी ना हो, ऐसे हालात को देखते हुए सरकार अब नशे को काबू करने के लिए गंभीरता से कार्यक्रम चला रही है। बैठक में डीसीपी हेडक्वॉर्टर हरेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि स्टेट एक्शन प्लान का मकसद समाज को नशे से मुक्त करना है। सरकार हॉक सॉफ्टवेयर के माध्यम से डाटा एकत्रित कर नशा मुक्ति अभियान में तेजी ला रही है। इस कार्य के बेहतर क्रियान्वयन में आशा वर्कर अपने-अपने क्षेत्र में नशा करने वालों का डाटा फॉर्म के माध्यम से क्षेत्र के पुलिस बीट इंचार्ज को देंगी, तत्पश्चात बीट इंचार्ज थाना प्रभारी से हॉक सॉफ्टवेयर पर यह डाटा अपलोड करेंगे। इसके लिए धाकड़ प्रोग्राम के तहत 1700 लोगों की टीम बनाई गई है। एडीसी ने कहा कि इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पंचायत विभाग के कनिष्ठ अभियंता, ग्राम सचिव, आशा वर्कर, एनजीओ, नंबरदारों को कमेटियों में शामिल किया गया है। बैठक में एसडीएम परमजीत चहल, त्रिलोक चंद, पंकज सेतिया, राकेश मोर, एसीपी विष्णु प्रसाद, एसीपी अभिमन्यु गोयत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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- अतिरिक्त उपायुक्त ने नशे की बिक्री रोकने के लिए अधिकारियों की ली बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अपराजिता ने कहा कि जिले में नशा करने वालों और नशीले पदार्थ बेचने वालों की गंभीरता से निगरानी हो। एडीसी ने बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नशा तस्करी तथा नशाखोरी के खिलाफ बेहतर क्रियान्वयन के लिए समीक्षा बैठक की। एडीसी ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से गुप्त कार्रवाई कर रहे हैं। जिले में नशे की सप्लाई बेधड़क जारी ना हो, ऐसे हालात को देखते हुए सरकार अब नशे को काबू करने के लिए गंभीरता से कार्यक्रम चला रही है। बैठक में डीसीपी हेडक्वॉर्टर हरेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि स्टेट एक्शन प्लान का मकसद समाज को नशे से मुक्त करना है। सरकार हॉक सॉफ्टवेयर के माध्यम से डाटा एकत्रित कर नशा मुक्ति अभियान में तेजी ला रही है। इस कार्य के बेहतर क्रियान्वयन में आशा वर्कर अपने-अपने क्षेत्र में नशा करने वालों का डाटा फॉर्म के माध्यम से क्षेत्र के पुलिस बीट इंचार्ज को देंगी, तत्पश्चात बीट इंचार्ज थाना प्रभारी से हॉक सॉफ्टवेयर पर यह डाटा अपलोड करेंगे। इसके लिए धाकड़ प्रोग्राम के तहत 1700 लोगों की टीम बनाई गई है। एडीसी ने कहा कि इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पंचायत विभाग के कनिष्ठ अभियंता, ग्राम सचिव, आशा वर्कर, एनजीओ, नंबरदारों को कमेटियों में शामिल किया गया है। बैठक में एसडीएम परमजीत चहल, त्रिलोक चंद, पंकज सेतिया, राकेश मोर, एसीपी विष्णु प्रसाद, एसीपी अभिमन्यु गोयत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।