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Faridabad News: सर्दियों में थोड़ी-थोड़ी पिया करो...
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अत्यधिक शराब का सेवन हृदय के लिए बन सकता है गंभीर खतरा
अस्पताल में प्रतिदिन कई मरीज बेचैनी, घबराहट और तेज धड़कन की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सर्दी के मौसम में शराब का अत्यधिक सेवन हृदय के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। त्योहारों और खास मौकों पर जरूरत से ज्यादा शराब पीने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, जिसे हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति को घबराहट, सीने में बेचैनी और दिल की धड़कन तेज या अनियमित होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
निजी अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र कुमार गोयल ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन कई मरीज बेचैनी, घबराहट और तेज धड़कन की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में शराब का अधिक सेवन इन समस्याओं को और बढ़ा देता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
डॉ. गजेंद्र गोयल ने बताया कि लगातार या अत्यधिक शराब पीने से कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है, जिसमें दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और शरीर में रक्त पंप करने की क्षमता घट जाती है। डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी की स्थिति में दिल की दीवारें फैलकर पतली हो जाती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और हार्ट फेल या अचानक दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
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शराब से ठंड में शरीर गर्म रहता है की धारण गलत
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह धारणा गलत है कि शराब से ठंड में शरीर गर्म रहता है। शराब पीने से कुछ समय के लिए गर्माहट का एहसास जरूर होता है, लेकिन बाद में शरीर का मुख्य तापमान गिरने लगता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही शराब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कमजोर कर देती है, जिससे सर्दी के मौसम में संक्रमण का जोखिम और बढ़ जाता है।
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अस्पताल में प्रतिदिन कई मरीज बेचैनी, घबराहट और तेज धड़कन की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सर्दी के मौसम में शराब का अत्यधिक सेवन हृदय के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। त्योहारों और खास मौकों पर जरूरत से ज्यादा शराब पीने से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, जिसे हॉलिडे हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति को घबराहट, सीने में बेचैनी और दिल की धड़कन तेज या अनियमित होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
निजी अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र कुमार गोयल ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन कई मरीज बेचैनी, घबराहट और तेज धड़कन की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में शराब का अधिक सेवन इन समस्याओं को और बढ़ा देता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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डॉ. गजेंद्र गोयल ने बताया कि लगातार या अत्यधिक शराब पीने से कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है, जिसमें दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और शरीर में रक्त पंप करने की क्षमता घट जाती है। डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी की स्थिति में दिल की दीवारें फैलकर पतली हो जाती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और हार्ट फेल या अचानक दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
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शराब से ठंड में शरीर गर्म रहता है की धारण गलत
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह धारणा गलत है कि शराब से ठंड में शरीर गर्म रहता है। शराब पीने से कुछ समय के लिए गर्माहट का एहसास जरूर होता है, लेकिन बाद में शरीर का मुख्य तापमान गिरने लगता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही शराब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कमजोर कर देती है, जिससे सर्दी के मौसम में संक्रमण का जोखिम और बढ़ जाता है।