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Faridabad News: शादी के सीजन से चमका जिले का कपड़ा और जूता कारोबार
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दूसरे राज्यों से भी मिल रहे ऑर्डर, उद्यमियों ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में मंदी की मार झेल रहे फरीदाबाद के कपड़ा और जूता उद्यमियों के लिए मौजूदा शादी का सीजन राहत की खबर लेकर आया है। पिछले काफी समय से विदेशी निर्यात ठप होने और घरेलू बाजार में ऑफ-सीजन की वजह से स्थानीय उद्योग संकट से जूझ रहे थे। लेकिन अब शादियों का सीजन शुरू होते ही उद्यमियों के चेहरे खिल उठे हैं। जिले के उद्योगों को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिल रहे हैं।
कारोबारियों के अनुसार, इस बार सबसे ज्यादा मांग उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, मेरठ और राजस्थान के जयपुर, जोधपुर व कोटा जैसे प्रमुख शहरों से आ रही है। जिले में वर्तमान में छोटे, मध्यम और बड़े स्तर के लगभग 500 से 1,000 कपड़ा व गारमेंट उद्योग सक्रिय हैं, जबकि जूता फैक्ट्रियों की संख्या भी 300 से 500 के बीच है।
घरेलू बाजार में आई इस तेजी से स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन दोनों को रफ्तार मिली है। उद्यमियों का कहना है कि यह शादी का सीजन वैश्विक अस्थिरता के बीच बेहद राहत की खबर लेकर आया है। इससे आगामी दिनों में व्यापार को बढ़ाने में आसानी होगी।
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क्या कहते हैं उद्यमी
वैश्विक मंदी के कारण हमारा विदेशी निर्यात पूरी तरह प्रभावित था। लेकिन इस शादी के सीजन ने घरेलू बाजार में जबरदस्त उछाल लाकर हमें बड़ी राहत दी है।-विपिन सिंह, कपड़ा कारोबारी
यूपी और राजस्थान से पारंपरिक और फैंसी कपड़ों के पिछले 20 से 30 दिनों में जमकर ऑर्डर आए हैं। इसके कारण हमें फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन शिफ्ट और लेबर भी बढ़ानी पड़ी है।- एमके भड़ाना, कपड़ा कारोबारी
युद्ध के कारण पिछले कुछ महीनों से काम बिल्कुल मंदा था। शादियों के इस सीजन में फैशनेबल और एथनिक जूतों की मांग ने बाजार को दोबारा जिंदा कर दिया है। -अजय गुप्ता, जूता कारोबारी
शादी का सीजन शुरू होते ही स्टाइलिश जूतों और महिलाओं की जूतियों व हील वाली सैंडिलों की मांग बढ़ी है। पिछले दिनों के मुकाबले बिक्री भी ज्यादा हो रही है।- वीके सोनी, जूता कारोबारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में मंदी की मार झेल रहे फरीदाबाद के कपड़ा और जूता उद्यमियों के लिए मौजूदा शादी का सीजन राहत की खबर लेकर आया है। पिछले काफी समय से विदेशी निर्यात ठप होने और घरेलू बाजार में ऑफ-सीजन की वजह से स्थानीय उद्योग संकट से जूझ रहे थे। लेकिन अब शादियों का सीजन शुरू होते ही उद्यमियों के चेहरे खिल उठे हैं। जिले के उद्योगों को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिल रहे हैं।
कारोबारियों के अनुसार, इस बार सबसे ज्यादा मांग उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, मेरठ और राजस्थान के जयपुर, जोधपुर व कोटा जैसे प्रमुख शहरों से आ रही है। जिले में वर्तमान में छोटे, मध्यम और बड़े स्तर के लगभग 500 से 1,000 कपड़ा व गारमेंट उद्योग सक्रिय हैं, जबकि जूता फैक्ट्रियों की संख्या भी 300 से 500 के बीच है।
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घरेलू बाजार में आई इस तेजी से स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन दोनों को रफ्तार मिली है। उद्यमियों का कहना है कि यह शादी का सीजन वैश्विक अस्थिरता के बीच बेहद राहत की खबर लेकर आया है। इससे आगामी दिनों में व्यापार को बढ़ाने में आसानी होगी।
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क्या कहते हैं उद्यमी
वैश्विक मंदी के कारण हमारा विदेशी निर्यात पूरी तरह प्रभावित था। लेकिन इस शादी के सीजन ने घरेलू बाजार में जबरदस्त उछाल लाकर हमें बड़ी राहत दी है।-विपिन सिंह, कपड़ा कारोबारी
यूपी और राजस्थान से पारंपरिक और फैंसी कपड़ों के पिछले 20 से 30 दिनों में जमकर ऑर्डर आए हैं। इसके कारण हमें फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन शिफ्ट और लेबर भी बढ़ानी पड़ी है।- एमके भड़ाना, कपड़ा कारोबारी
युद्ध के कारण पिछले कुछ महीनों से काम बिल्कुल मंदा था। शादियों के इस सीजन में फैशनेबल और एथनिक जूतों की मांग ने बाजार को दोबारा जिंदा कर दिया है। -अजय गुप्ता, जूता कारोबारी
शादी का सीजन शुरू होते ही स्टाइलिश जूतों और महिलाओं की जूतियों व हील वाली सैंडिलों की मांग बढ़ी है। पिछले दिनों के मुकाबले बिक्री भी ज्यादा हो रही है।- वीके सोनी, जूता कारोबारी